MeToo मूवमेंट में सामने आ रहे तमाम आरोपों के बीच टीवी एक्ट्रेस डॉली बिंद्रा ने भी अपनी तकलीफ जाहिर की है. उनका कहना है कि उन्होंने तीन साल पहले राधे मां और उनके भक्तों के खिलाफ आवाज उठाई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ.
डॉली बिंद्रा ने टि्वटर पर लिखा है, "ध्यान दें यह मेरा निजी अनुभव है. हर कोई उस महिला की विश्वसनीयता पर शक कर रहा है, जो मीटू के तहत यौन उत्पीड़न का अपना भयावह अनुभव लिख रही है, साथ ही सवाल किया रहा है कि उसने तब क्यों नहीं बोला, अब क्यों बोल रही है. लोग ये समझने में असफल हो जाते हैं कि कैसे यौन उत्पीड़न की शिकार महिला गहरे अवसाद में चली जाती है और चुप हो जाती है.
Attention this is my personal experience . Everyone is doubting the credibility of a woman whovever is writing about their horrific experience of sexual harassment and also they are questioning why...
— ੴ Dolly Bindra ੴ (@DollyBindra)
वह सोचती है कि कहीं प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत लोगों के खिलाफ जाकर अपनी गरिमा न खो दे. मेरे मामले में न सिर्फ मैंने खुद को भगवान मानने वाली महिला के खिलाफ बोला, बल्कि एफआईआर कराने का साहस भी दिखाया. लेकिन आज तक क्या हुआ.
न्याय न मिलने के बाद मैंने सीएम और पीएम को भी लिखा, आज तक मेरी शिकायत अनसुनी है और दोषी आराम से धर्म के नाम पर पुलिस के संरक्षण से गैर कानूनी काम कर रहे हैं. यदि मेरे जैसी महिला टल्ली बाबा और राधे मां के बेटे से छेड़छाड़ का शिकार होती है तो आप उस महिला (राधे मां) से क्या उम्मीद करेंगे जो घटना के वक्त तालियां बजाती रही थी.
बता दें कि अगस्त 2015 में डॉली ने राधे मां के करीबी टल्ली बाबा पर यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था. उनका कहना था कि राधे मां ने उनसे किसी अजनबी के साथ शारीरिक संबंध बनाने को कहा था. डॉली भी कभी राधे मां की भक्त थीं.