scorecardresearch
 

संत जैसा सम्मान 'कलाकारों' को भी मिलना चाहिए: मंत्रा

एक्‍टर-एंकर मंत्रा इन दिनों 'ओशो रजनीश' की जिंदगी पर आधारित फिल्‍म 'रेबेलियस फ्लावर' में ओशो का किरदार प्‍ले करने के कारण चर्चा में हैं. मंत्रा ने कहा कि कलाकारों को भ्‍ाी संतो जितना सम्‍मान मिलना चाहिए.

मंत्रा मंत्रा

रेडियो और टीवी के एंकर और एक्टर मंत्रा, आजकल अपनी फिल्मों के लिए भी चर्चा में हैं. इन दिनों उनकी फिल्म 'रेबेलियस फ्लावर' की चर्चा है जिसमें वो तीन अलग-अलग किरदारों में नजर आने वाले हैं. हमने की मंत्रा से कुछ ख़ास बातचीत, पेश है उसी के कुछ मुख्य अंश :

'रेबेलियस फ्लावर' से जुड़ने के पीछे का क्या कारण था?
यह एक 'ओशो रजनीश' की बालावस्था पर आधारित एक फिल्म है. इस फिल्म से जुड़ने का कारण है कि मैं उनका आशिक हूं. पिछले 20 सालों से उनके आश्रम से जुड़ा हुआ हूं. यह धार्मिक नहीं 'आध्यात्मिक संस्था' है. जब फिल्म को बनाने की बात की गई तो मैं खुद आगे जाकर जुड़ गया. अगर फिल्म में मुझे स्पॉट बॉय का काम भी मिलता तो भी मैं बहुत खुश होता.

फिल्म में किस किरदार को निभा रहे हैं?
ओशो रजनीश की अन ऑफिशियल बायोग्राफी के अनुसार, उनकी जिंदगी में 3 अलग-अलग तरह के संत-फ़कीरों का महत्व था. जब वो बेहद छोटे थे तो उनकी जिंदगी में 'मग्गा बाबा' का आगमन हुआ जो काफी चंचल स्वभाव के बाबा थे. दूसरे बाबा थे 'पग्गल बाबा', जिनके साथ किशोरावस्था में ओशो ने काफी भ्रमण किया और अंत में ओशो की जिंदगी में 'मस्तो बाबा' आए थे जो गीत संगीत से जुड़े हुए थे. मैंने फिल्म में इन तीनो बाबाओं -'मग्गा बाबा' 'पग्गल बाबा' और 'मस्तो बाबा' का किरदार निभाया है.

इन तीनों किरदारो के लिए आपके पास कोई रेफरेन्स था?
दरअसल इन तीनों बाबाओं का कोई भी रेफेरेंस या रिकॉर्ड नहीं है. कोई भी फोटो या वीडियो भी उपलब्ध नहीं था. बस ओशो ने जो अपनी अन ऑफिशियल बायोग्राफी में कहा है उन्ही के मद्देनजर इन तीनों किरदारो को हमने शक्ल दी.

रेडियो जॉकी, वीडियो जॉकी, एंकर, एक्टर, कॉमेडियन, आप ये सब कुछ कर रहे हैं. किस तरह से अपनी जर्नी को देखते हैं?
बहुत ही अच्छा महसूस होता है. मैंने कभी भी अपने आप को किसी एक माध्यम के लिए सीमित नहीं किया. कलाकार को किसी भी माध्यम से जुड़कर अपनी बात को रखना चाहिए. इसीलिए मैं थिएटर भी करता हूं , होस्टिंग भी और साथ ही फिल्मों में अभिनय भी.

आप फिल्म में 'बाबा' के किरदार को निभा रहे हैं, और हाल ही में एक बाबा की नक़ल के आरोप में कॉमेडियन 'कीकू शारदा' को हिरासत में लिया गया था, उसे कैसे देखते हैं?
देखिये ये संत और फकीरों का देश पहले से ही रहा है. यहां पर संत-फकीरों को बहुत इज्जत दी जाती है. जो दुनियाभर में नहीं होता, वो हिन्दुस्तान में होता है. हमें संतों की बहुत इज्जत करनी चाहिए और उतनी ही इज्जत हमारे कलाकारों की भी करनी चाहिए. उन्हें पूरा सम्मान और अपनी कला को दिखाने की आजादी मिलनी चाहिए.

'रेबेलियस फ्लावर' के बाद कौन से प्रोजेक्ट्स हैं?
'ब्यॉय इन बॉलीवुड' फिल्म आएगी जिसमें मेरे साथ आफताब शिवदासानी हैं. साथ ही हमारा प्ले 'पिया बहरूपिया' देश विदेश में प्रस्तुत किया जा रहा है और खुद के प्रोडक्शन के बैनर तले मैं शार्ट फिल्म्स बना रहा हूं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें