मकबूल फिदा हुसैन ने अपनी शानदार चित्रकला से दुनिया को एक अलग ढंग से देखने का नजरिया दिया. वह 17 सितंबर, 1915 को जन्मे थे. उनके बारे में कम लोग जानते हैं कि कला नहीं बल्कि सिनेमा उनका पहला प्यार था. आज ही के दिन यानी 9 जून 2011 को हुसैन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. चलिए जानते हैं एमएफ हुसैन को याद करते हुए उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें.
एम एफ हुसैन को फिल्मों का बहुत शौक था और वो फिल्म निर्देशक बनने ही मुंबई पहुंचें थे. लेकिन यहां रहने के पैसे चाहिए थे और इसके लिए उन्हें फिल्म बिलबोर्ड में चित्रकारी और खिलौने बनाने का काम करना पड़ा.
हुसैन अपने संघर्ष के दिनों में पैसे कमाने के लिए फिल्मों की होर्डिंग्स पेंट किया करते थे. इसी दौरान उनका रुझान चित्रकारी की तरफ बढ़ गया. धीरे-धीरे चित्रकारी करना उनका जुनून बन गया और साल 1940 में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली.
एमएफ हुसैन बॉलीवुड 'धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित के बहुत बड़े प्रशंसक थे. उन्होंने माधुरी और तब्बू के साथ फिल्में भी बनाई. कहा जाता है कि वह विद्या बालन के साथ भी फिल्म बनाना चाहते थे.
चित्रकारी की वजह से पैदा हुए विवादों के चलते उन्हें 2006 में भारत छोड़कर दोहा जाकर रहना पड़ा. उन्होंने कतर की नागरिकता भी ली. चित्रकारी में उन्होंने देश-दुनिया में नाम कमाया.
हुसैन को लेकर एक रोचक बात यह है कि वो कभी जूते-चप्पल नहीं पहनते थे. वे हमेशा नंगे पांव ही रहते थे.
हुसैन कहते थे कि मुझे जंगल में छोड़ देंगे तो भी मैं वहां से कुछ रचनात्मक बनाकर ही लौटूंगा. गूगल ने उनके बारे में कहा था, 'यह ख्याति आंशिक रूप से उनकी आधुनिकतावादी, बेहतरीन चित्रकारी और उनके द्वारा किए गए काम की वजह से है.'