शीतल भान को आमतौर पर जाने-माने सिंगर कैलाश खेर की पत्नी के रूप में जाना जाता है. वैसे वह एक लेखिका हैं. उनकी शादी को आठ साल हो गए हैं. लेकिन अब उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जिनसे वो एक अलग शख्सियत के तौर पर नजर आ रही हैं. उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया में एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वह बचपन में हुई सेक्सुएल अब्यूज की घटना, डिप्रेशन और आत्महत्या की कोशिश करने जैसी घटनाओं का जिक्र कर रही हैं. ये वीडियो Survivers of society नाम की एक संस्था के चैनल से शेयर हुआ है.
वीडियो में शीतल ने बताया है कि बचपन में उनके साथ यौन उत्पीड़न की घटना हुई थी. इसे करने वाला भी उनके परिवार का ही एक सदस्य था. इस घटना के बाद वह किसी से बात नहीं कर पा रही थीं और उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की थी.
शीतल कहती हैं, 'कई बार टीनएज को संभालना मुश्किल होता है. मेरी उम्र सिर्फ 15 साल थी, जब मेरे साथ यौन उत्पीड़न हुआ. इसके बाद मैं किसी से कोई बात नहीं कर पा रही थी, तब मैंने खुद को मारने की कोशिश की थी. 0
शीतल का कहना है कि हमारे समाज में कोई सेटअप नहीं है, जिससे हम इन मुद्दों पर बात कर सकें. हमारे यहां बच्चे बस पल जाते हैं. मैं पढ़ने में बहुत अच्छी नहीं थी. मुझे अच्छे मार्क्स नहीं मिलते थे. इस वजह से मुझे ये महसूस होता था कि मैं अपने मम्मी-पापा के लिए बोझ हूं. मैं उनसे अपनी कोई प्रॉब्लम डिस्कस नहीं कर पाती थी.
वह कहती हैं कि मैंने बेशक उस व्यक्ति को अब माफ कर दिया है, जिसने मेरे बचपन को इतना बुरा अनुभव दिया. अब मेरे लिए वो व्यक्ति कोई मायने नहीं रखता है. लेकिन उस बुरे अनुभव की वजह से मुझे कई अच्छे लोगों से मिलने का मौका मिला. स्कूल के बाद जब मैं कॉलेज गई, तो वहां मुझे ऐसे लोग मिले, जिनसे मैं किसी भी मुद्दे पर बात कर सकती थी. यहीं से मेरा नजरिया बदला और मैंने अपने भाई-बहनों से भी इस तरह के मुद्दों पर बात की.
शीतल मानती हैं कि अब समय बदला है. अब डिप्रेशन और मानसिक समस्याओं पर खुलकर बात की जा रही है. दीपिका पादुकोण के बाद कई सेलिब्रेटीज ने डिप्रेशन के बारे में बात की है.
शीतल का मानना है कि डिप्रेशन के बारे में बात करना ही खुशी की तरफ आपका पहला कदम होता है. ये इससे उबरने का एक हिस्सा है.
शीतल का कहना है कि हमारे समाज में 14 साल की उम्र में ही कई तरह के
बंधन लगा दिए जाते हैं. लोगों को ये समझ नहीं आता कि इस वक्त बच्चों को
सपोर्ट की जरूरत होती है. शरीर में हॉर्मोन्स बदल रहे होते हैं. फिर बोर्ड
एग्जाम होते हैं.
वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर शीतल ने ये वीडियो शेयर किया था. इसके जरिये उनका मकसद लोगों में जागरुकता लाना है.