
पैन इंडिया स्टार प्रभास की फिल्म 'कल्कि 2898 AD' इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है. 600 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म को लेकर तभी से माहौल बनना शुरू हो चुका था, जब ठीक एक साल पहले इसका फर्स्ट लुक सैन डिएगो के कॉमिक कॉन में रिलीज किया गया. दुनिया भर की बड़ी सुपरहीरो फिल्मों का लॉन्चपैड रहे इस ग्लोबल इवेंट में लोग इंडिया में बनी 'कल्कि 2898 AD'का स्केल, विजुअल्स और कॉन्सेप्ट देखकर हैरान रह गए थे.
प्रभास के साथ फिल्म में दीपिका पादुकोण, अमिताभ बच्चन, कमल हासन और दुलकर सलमान जैसे बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं. इस फिल्म में भविष्य का एक अनोखा संसार बड़े पर्दे पर उतरने वाला है. आइए बताते हैं 'कल्कि 2898 AD'के संसार से जुड़ीं ये 5 डिटेल्स...
डिस्टोपिया और माइथोलॉजी का कॉम्बिनेशन
फिल्म के नाम से ही साफ है कि 'कल्कि 2898 AD', आज से ऑलमोस्ट 875 साल बाद की कहानी है. इस समय धरती मानव सभ्यता बहुत सारी तबाही झेल चुकी है और खत्म होने के कगार पर है. ये दुनिया टेक्नोलॉजी में बहुत एडवांस है, लेकिन नेचुरल रिसोर्स ऑलमोस्ट खत्म होने को हैं. सर्वाइवल की इस जंग में लोग इमोशंस और नैतिकता को भूलकर केवल अपना भविष्य बचाने में लगे हुए हैं.

फिल्म की एक झलक लेकर एनिमेटेड सीरीज 'बुज्जी एंड भैरव' में ये डिटेल मिलती है कि प्रभास का किरदार, भैरव जिस जगह पर है उसका नाम काशी है. ये काशी, आज की काशी यानी वाराणसी की ही तरह लगती है. संकरी गलियां, पुराने घर, मंदिरों जैसे स्ट्रक्चर सब वैसे ही. बस तकनीक सुपर एडवांस है, तो रिक्शे भी बड़े एडवांस हो गए हैं. एनिमेटेड सीरीज में एक और जगह का जिक्र आता है- शंभाला या शंभल.
हिंदू और बौद्ध माइथोलॉजी में शंभाला एक ऐसी पौराणिक जगह है जहां केवल पवित्र हृदय वाले, ज्ञान प्राप्त कर चुके लोग पाए जाते हैं. विष्णु पूरण में शंभाला को ही विष्णु के अवतार कल्कि का जन्मस्थान बताया गया है. ये डिटेल्स फिल्म के टाइटल 'कल्कि 2898 AD' से पूरी तरह रिलेट करती हैं.
वो कॉम्प्लेक्स जहां जीवन बचा है
काशी में एक 'कॉम्प्लेक्स' है, जिसका जिक्र करते हुए 'बुज्जी एंड भैरव' में भैरव कहता है कि वहां साफ हवा, साफ खाना, साफ पानी जैसी चीजें बची हुई हैं. इस कहानी में जो काशी है, वहां आपको दीवारों पर 'O2' यानी ऑक्सीजन बार के इश्तेहार लगे मिलते हैं. एक सीन में, एक आदमी, बोतल में भरकर पहाड़ी हवा बेच रहा है. काशिका हर आदमी इस कॉम्प्लेक्स का मेंबर बन जाना चाहता है. भैरव भी और उसकी कार में लगा सुपर एडवांस AI-ब्रेन बुज्जी भी. मगर इस कॉम्प्लेक्स में रहने की फीस लगती है, जो बहुत तगड़ी है.

नई दुनिया की नई करंसी
'कल्कि 2898 AD'के संसार में एक नई करंसी है जिसे यूनिट बोलते हैं. हर चीज का दाम इन यूनिट्स में तय किया गया है. काशी का हर नागरिक एक ही मन्त्र के साथ कोई भी ट्रांजेक्शन कर रहा है- यूनिट्स फर्स्ट. यानी पैसे पहले! और ये एक डिजिटल करंसी है, सभी लोगों के हाथों पर एक डिवाइस है. एक दूसरे से हाथ टैप कीजिए और यूनिट्स ट्रांसफर. इस नई दुनिया में हर व्यक्ति जो काम कर रहा है उसका अंतिम मकसद यूनिट्स कमाना ही है. जो आदमी बोतल में पहाड़ी हवा की एक सांस दिला रहा है, वो एक मिनट तक इस हवा के लिए 500 यूनिट चार्ज कर रहा है. और रिक्शे वाले का किराया है 5 हजार यूनिट!
एडवांस टेक्नोलॉजी का चरम
'कल्कि 2898 AD' की काशी में टेक्निकली सबकुछ इतना एडवांस है कि एक बच्चे ने नया होलोग्राफिक प्रोजेक्शन सिस्टम डिजाईन कर लिया है. इसके इस्तेमाल से वो अपने शरीर के ऊपर, एक हट्टे-कटते आदमी का प्रोजेक्शन करके, चोरी करता फिर रहा है. भैरव की साथी बुज्जी, असल में एक कार्गो प्लेन का रोबोटिक AI-ब्रेन है, लेकिन प्लेन क्रैश होने से उसकी बॉडी चली गई है. इसका असली नाम है BUJZ-1, जिसे भैरव 'बुज्जी' पढ़ रहा है.

भैरव इसी को नई बॉडी देकर, वो सुपरहीरो कार बनाता है, जो फिल्म में नजर आ रही है. 'बुजी एंड भैरव' में कई किरदार रोबोटिक हाथ-पैर वाले दिखते हैं. एनिमेटेड शो में एक मूर्ति तैयार होती दिखती है, जिसे इंसान नहीं, रोबोटिक मशीनें बना रही हैं. 'कल्कि 2898 AD'में सिर्फ भैरव की बुज्जी ही नहीं, और भी कई सुपर एडवांस गाड़ियां देखने को मिलेंगी, जिन्हें बनाने में महिंद्रा ग्रुप ने पूरा साथ दिया है. लेकिन तकनीक, माइथोलॉजी और तबाह होने की कगार पर बैठी इस दुनिया के गणित में सबसे बड़ा सवाल कुछ और है!
क्या है प्रभास का किरदार?
'बुज्जी और भैरव' में काशी का रहने वाला भैरव, है तो एक इंसान ही. मगर वो बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी है. वो किसी भी तरह कॉम्प्लेक्स का हिस्सा बनना चाहता है. और इसीलिए वो भाड़े के गुंडे की तरह काम करता है. वो एक बाउंटी-हंटर है. यानी शिकारी. और काशी में वही अकेला नहीं है बल्कि और भी बहुत सारे किरदार हैं, जो बाउंटी हंटर हैं.

किसी कॉमन जगह से (शायद कॉम्प्लेक्स से) सभी को एक अपडेट के जरिए रोजाना की बाउंटी का पता चलता है. और वो उसे पकड़ने चल देते हैं. हर बाउंटी के साथ उसकी कीमत भी तय होती है. 'बुज्जी एंड भैरव' में प्रभास का किरदार एक व्यक्ति को पकड़ने के लिए सारी मेहनत करता दिखता है, जिसपर 50 हजार यूनिट्स की बाउंटी है. लेकिन उसे पकड़ने के बाद छोड़ देता है, क्योंकि वो तो होलोग्राम प्रोजेक्शन के पीछे एक बच्चा निकलता है. यानी भैरव में इमोशंस भी हैं.
शायद, प्रभास का किरदार ऐसी ही किसी बाउंटी के पीछे भागता हुआ किसी कहानी से जा टकराएगा, जो उसे कॉम्प्लेक्स के सिस्टम के सामने चैलेंज करने का मोटिवेशन देगी. और यहीं पर खुलेगा 'कल्कि 2898 AD'का माइथोलॉजिकल कनेक्शन.
इन डिटेल्स के साथ 'ट्रेलर' देखने पर आपको कहानी में और भी एंगल्स मिल सकते हैं. 'बुज्जी एंड भैरव' लिमिटेड एनिमेटेड सीरीज अमेजन प्राइम पर अवेलेबल है. तो इंतजार किस बात का, 'कल्कि 2898 AD'की कहानी में गोता लगाइए और आपको कहानी का क्या नया क्लू मिलता है, हमें भी कमेंट्स में जरूर बताइए.