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ऑस्कर की रेस में 'कांतारा चैप्टर 1' और 'तन्वी'... इंडिया ने ऑफिशियली नहीं भेजा तो कैसे मिली जगह?

ब्लॉकबस्टर ‘कांतारा चैप्टर 1’ अब बॉक्स ऑफिस के बाद ऑस्कर की रेस में उतर चुकी है. भारत की ऑफिशियल एंट्री नहीं होने के बावजूद, जनरल कैटेगरी से फिल्म ने ऑस्कर्स 2025 में जगह बनाई है. इसके साथ अनुपम खेर की ‘तन्वी: द ग्रेट’ भी ग्लोबल रेस में शामिल है.

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'कांतारा चैप्टर 1' को ऑस्कर की रेस में मिली एंट्री (Photo: Instagram/@hombalefilms)
'कांतारा चैप्टर 1' को ऑस्कर की रेस में मिली एंट्री (Photo: Instagram/@hombalefilms)

2025 की सबसे बड़ी इंडियन फिल्मों में से एक ‘कांतारा चैप्टर 1’ अब ऑस्कर की रेस में उतर गई है. कर्नाटक की लोककथाओं से निकली ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ 2 अक्टूबर को थिएटर्स में रिलीज हुई थी. वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 850 करोड़ से ज्यादा कलेक्शन के साथ ये 2025 की दूसरी सबसे बड़ी इंडियन फिल्म बन गई. शानदार रिव्यूज़ और जनता से जमकर तारीफ बटोरने वाली ‘कांतारा चैप्टर 1’ अब ऑस्कर की रेस का हिस्सा बन गई है.

कांतारा चैप्टर 1’ के साथ ‘तन्वी: द ग्रेट’ भी पहुंची
मात्र 125 करोड़ के बजट में बनी ‘कांतारा चैप्टर 1’ के विजुअल्स देखकर जनता का मुंह खुला रह गया था. सोशल मीडिया पर कई फैन्स ने कहा था कि इसे भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए भेजा जाना चाहिए. हालांकि, फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ऑस्कर की ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर’ कैटेगरी के लिए भारत की तरफ से ऑफिशियली ‘होमबाउंड’ को भेजा है. ‘होमबाउंड’ इस कैटेगरी की टॉप 15 फिल्मों में शॉर्टलिस्ट भी हो चुकी है.

मगर ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने जनरल कैटेगरी में एंट्री के जरिए ऑस्कर की रेस में जगह बनाई है. इसके साथ अनुपम खेर की फिल्म ‘तन्वी: द ग्रेट’ भी इस लिस्ट में शामिल है. फिल्म में एक्टिंग के साथ-साथ खेर ने इसे डायरेक्ट भी किया है. ‘तन्वी’ एक ऐसी लड़की की कहानी है जो ऑटिज़्म के साथ पैदा हुई और देश के लिए शहीद हुए अपने पिता की तरह वो भी सेना में शामिल होना चाहती है. इस फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों से बहुत पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला था.

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इंडिया ने नहीं भेजा तो कैसे पहुंची ‘कांतारा चैप्टर 1’?
ऑस्कर की ‘बेस्ट इंटरनेशनल फिल्म’ कैटेगरी में वो फिल्में पहुंचती हैं, जिन्हें हर देश अपनी तरफ से ऑफिशियली भेजता है. इस कैटेगरी में अवॉर्ड फिल्म का नहीं, देश का होता है. जैसे अगर ‘बेस्ट इंटरनेशनल फिल्म’ कैटेगरी में ‘होमबाउंड’ को चुना गया तो ऑस्कर के स्टेज पर फिल्म का नाम नहीं, भारत का नाम अनाउंस किया जाएगा.

ऑस्कर में फिल्म भेजने का दूसरा तरीका ‘जनरल एंट्री’ है, जिसे ‘फॉर कन्सिडरेशन’ भी कहा जाता है. इसमें फिल्ममेकर्स खुद अपनी फिल्मों को ऑस्कर्स देने वाली एकेडमी के सामने रख सकते हैं, बशर्ते वो फिल्म एकेडमी की टेक्निकल, थिएट्रिकल रन और RAISE गाइडलाइंस पर खरी उतरती हो. RAISE गाइडलाइंस इसलिए बनाई गई हैं कि दुनिया में हर मूल, धर्म, जाति, रंग और जेंडर को फिल्मों में बराबर रिप्रेज़ेंटेशन मिले.

‘जनरल एंट्री’ के रास्ते से फिल्ममेकर्स ऑस्कर्स की हर कैटेगरी के लिए अपनी फिल्म भेज सकते हैं. और इसी जनरल एंट्री में से वो फिल्में भी चुनी जाती हैं जो ‘बेस्ट पिक्चर’ की रेस में दौड़ती हैं. ये ऑस्कर की सबसे मेन अवॉर्ड कैटेगरीज में से एक है. ‘बेस्ट पिक्चर’ कैटेगरी एकदम खुला खेल है और इसमें जीत होने पर फिल्म का नाम अनाउंस होता है, देश का नहीं.

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इस साल दुनिया भर से एकेडमी मेंबर्स के ‘कन्सिडरेशन’ के लिए कुल 317 फीचर फिल्में फाइनल हुई हैं. इनमें से 201 फिल्में ‘बेस्ट पिक्चर’ के लिए भी एलिज़िबल हैं. जल्द होने वाले 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में 2025 में रिलीज हुईं ये 201 फिल्में हिस्सा लेंगी, इसलिए इसे ऑस्कर्स 2025 भी कहा जा सकता है. ‘कांतारा चैप्टर 1’ और ‘तन्वी: द ग्रेट’ इन्हीं 201 फिल्मों की लिस्ट का हिस्सा हैं.

एक तरफ इंडियन सिनेमा फैन्स ऑस्कर्स 2025 के लिए ‘होमबाउंड’ पर नजर रखे हुए हैं. दूसरी तरफ देश की दो और फिल्मों का ऑस्कर की रेस में उतरना भी एक्साइटिंग है. अब नजरें इस बात पर रहेंगी कि भारत के लिए इस साल ऑस्कर्स से क्या गुड न्यूज आती है.

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