scorecardresearch
 

परमब्रत चटर्जी-स्वास्तिका मुखर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, चुनावी हिंसा भड़काने का आरोप, FIR की मांग

कोलकाता के गरियाहाट पुलिस स्टेशन में बंगाली फिल्म जगत के जाने-माने कलाकार परमब्रत चटर्जी और स्वास्तिका मुखर्जी के खिलाफ एक पुलिस शिकायत दर्ज की गई है. जानिए क्या है मामला.

Advertisement
X
परमब्रत और स्वास्तिका की बढ़ीं मुश्किलें (Photo: Screengrab)
परमब्रत और स्वास्तिका की बढ़ीं मुश्किलें (Photo: Screengrab)

बंगाली फिल्म इंडस्ट्री (टॉलीवुड) से बड़ी खबर सामने आ रही है. जिसके मुताबिक कोलकाता के गरियाहाट पुलिस स्टेशन में बंगाली सिनेमा के दो सबसे मशहूर और दिग्गज कलाकार परमब्रत चटर्जी और स्वास्तिका मुखर्जी के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है. जयदीप सेन नाम के एक शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि इन दोनों कलाकारों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए. 

शिकायत में इन दोनों पर मई 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में भड़की हिंसा को बढ़ावा देने, लोगों को उकसाने और भड़काने का बेहद गंभीर आरोप लगाया गया है. 21 मई 2026 को दर्ज कराई गई इस शिकायत के बाद से ही मनोरंजन जगत और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है.

सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है पूरा विवाद
यह पूरा मामला आज से करीब पांच साल पुराना है, जो साल 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों वाले दिन का है. शिकायत के मुताबिक, यह सारा विवाद 2 मई 2021 को किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था. इसी दिन राज्य के चुनाव नतीजे घोषित किए जा रहे थे. आरोप है कि उस दिन शाम को करीब 4:00 बजे एक्टर परमब्रत चटर्जी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से बंगाली भाषा में एक ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था— “আজ বিশ্ব রগড়ানি দিবস ঘোষিত হোক!” (जिसका हिंदी अनुवाद है: 'आज के दिन को विश्व 'रगड़ानी' [मारपीट या सबक सिखाने] दिवस घोषित किया जाए!').

Advertisement

शिकायत में आगे कहा गया है कि परमब्रत चटर्जी के इस ट्वीट के कुछ ही मिनटों बाद, यानी शाम 4:13 बजे एक्ट्रेस स्वास्तिका मुखर्जी ने भी इसमें अपना रिएक्शन दिया. स्वास्तिका ने कथित तौर पर इस ट्वीट का समर्थन करते हुए इसके जवाब में लिखा— 'Hahahah Hok Hok" (हाहाहा, होने दो, होने दो). शिकायतकर्ता जयदीप सेन का तर्क है कि दोनों कलाकार समाज की जानी-मानी और प्रभावशाली हस्तियां हैं. ऐसे में एक बेहद संवेदनशील माहौल के बीच उनकी तरफ से आए इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान साफ तौर पर जनता को हिंसा के लिए उकसाने और माहौल को खराब करने वाले थे. यह बयान उस वक्त आए, जब राज्य में पहले से ही राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की खबरें आनी शुरू हो चुकी थीं.

एक घंटे बाद हुई भाजपा कार्यकर्ता की हत्या
इस शिकायत पत्र में सोशल मीडिया पर हुई इस बातचीत के समय और उसके ठीक बाद जमीन पर हुई वास्तविक हिंसा के बीच एक सीधा और गहरा संबंध बताया गया है. शिकायत में इस बात का विशेष तौर पर जिक्र किया गया है कि इन कलाकारों के ट्वीट करने के महज एक घंटे बाद ही बेलियाघाटा इलाके में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. बता दें कि अभिजीत सरकार की हत्या का मामला बेहद चर्चित रहा है और इसमें शामिल दोषियों को अदालत की तरफ से पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है.

Advertisement

पूरे पश्चिम बंगाल में भड़की थी बड़े पैमाने पर हिंसा
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 2 मई 2021 की देर शाम से ही पूरे पश्चिम बंगाल में एक सोची-समझी साजिश के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर संगठित हिंसा का तांडव शुरू हो गया था. इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कई हत्याएं, जानलेवा शारीरिक हमले, महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, आगजनी और सरेआम जबरन वसूली जैसी खौफनाक घटनाएं सामने आईं. बाद में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय (कोलकाता हाईकोर्ट) ने भी इस पूरे मामले का खुद संज्ञान लिया था. अब देखना होगा कि गरियाहाट पुलिस इस शिकायत पर आगे क्या कानूनी कदम उठाती है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement