पाकिस्तान की मशहूर एक्ट्रेस सोनिया हुसैन बहुत मुश्किलों के बाद अल्लाह के दर- मक्का मदीना जा पाईं. इसका उन्होंने अपने हाल के पोस्ट में जिक्र किया.
सोनिया ये बताते हुए भावुक हो गईं कि न उनके पास पैसों की कमी है, न कोई और दिक्कत थी लेकिन फिर भी कभी इमिग्रेशन में प्रॉब्लम हो जाती थी तो कभी वीजा कैंसिल हो जाता था.
सोनिया की हर कोशिश नाकाम हो रही थी. लेकिन फिर ऐसा पल आया जब वो न सिर्फ मदीना अल्लाह के पास जा पाईं बल्कि उन्हें गिलाफ-ए-काबा यानी किसवाह (काबा के पाक कपड़े का एक टुकड़ा) भी नसीब हुआ. एक्ट्रेस इस खुशी को बर्दाश्त नहीं कर पाईं और रो पड़ीं.
तस्वीरें शेयर कर सोनिया ने अपनी फीलिंग्स बयां की- दो साल तक हम कोशिश करते रहे. लेकिन सच यही है कि जब तक ऊपर से बुलावा नहीं आता, तब तक इंसान चाहकर भी नहीं जा सकता. हालात ठीक थे, पैसे भी थे, फिर भी हर बार कुछ न कुछ अटक जाता था.
'और जब आखिरकार सफर शुरू हुआ, तो हर तरफ से खबरें आ रही थीं. फ्लाइट्स कैंसल हो रही हैं, वीजा रिजेक्ट हो रहे हैं. यहां तक कि हमारे अपने दोस्तों के वीजा भी आखिरी वक्त पर रद्द हो गए.'
'लेकिन रवाना होने से ठीक पहले मैंने बस इतना कहा- या अल्लाह, सब कुछ तेरे हवाले. और फिर चेक-इन से लेकर इमिग्रेशन और मदीना पहुंचने तक, हर चीज इतनी आसानी से होती चली गई, जैसे खुद अल्लाह ने हमारे लिए रास्ते आसान कर दिए हों.
सोनिया ने आगे लिखा कि- मदीना में परमिट मिलना लगभग नामुमकिन लग रहा था. लेकिन एक दिन पहले ही वो भी मिल गया और एक बार तो बिना परमिट के भी अल्लाह ने रौजा शरीफ में हाजिरी नसीब करवा दी.
'मक्का में मेरी आखिरी ख्वाहिश थी कि जाने से पहले काबा को छू सकूं लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि करीब जाना भी मुश्किल लग रहा था. फिर सोचिए, ना सिर्फ ये ख्वाहिश पूरी हुई, बल्कि जाने वाले दिन हमें खबर मिली कि हमारे लिए एक तोहफा आया है और वो तोहफा था- काबा का गिलाफ. अल्लाहू अकबर.'
'जब गिलाफ-ए-काबा मेरे हाथों में आया, तो ऐसा लगा जैसे दिल सीने से बाहर आ जाएगा. उस पल बस रोकर अल्लाह के सामने झुक जाने का मन था. वो कैसे किसी आम से इंसान के लिए भी नामुमकिन को मुमकिन कर देता है.'
'और सबसे खास बात, जो हिस्सा हमें मिला, उस पर लिखा था- मुहम्मद रसूल अल्लाह. सुब्हान अल्लाह! यकीन मानिए, जब अल्लाह आपके नसीब में कुछ लिख देता है, तो वो आपको ऐसे तरीके से मिलता है, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते. दिल उसे समझ भी नहीं पाता.'
सोनिया ने अल्लाह से दरख्वास्त की कि- या अल्लाह, हम गुनहगार हैं, लेकिन तू अल-करीम है. हमने हर एक का नाम लेकर दुआ की है, ऐ अल्लाह, हमारी हर दुआ कुबूल फरमा. हमारी अधूरी इबादत भी कबूल कर ले, हमें तुझे वैसे पूजना नहीं आता, जैसा तेरा हक है.
सोनिया ने आखिर में लिखा- हमारे अंदर वो सलीका नहीं, वो समझ नहीं. हम तेरी नेमतों का शुक्र भी ठीक से अदा नहीं कर पाते लेकिन हमारी कोशिशों को, हमारी नीयत को और हमारी कमजोर कोशिश को कबूल कर ले. आमीन!
(Photos: Instagram @sonyahussyn)