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The Night Manager Part 2 Review: आदित्य राय कपूर ने अनिल कपूर की लंका में लगाई आग, दिखी इंटेंस परफॉर्मेंस

'द नाइट मैनेजर' में शान सेनगुप्ता के रोल में आदित्य रॉय कपूर काफी इंटेंस एक्टिंग करते दिखे. उन्होंने एक्शन ज्यादा अपने एक्सप्रेशन से कमाल किया है. वहीं  शैलेंद्र रुंगता के रोल में अनिल कपूर ने बिजनेस टाइकून की दमदार भूमिका निभाई.

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आदित्य राय कपूर, शोभिता धूलिपाला, अनिल कपूर
आदित्य राय कपूर, शोभिता धूलिपाला, अनिल कपूर
फिल्म:क्राइम, थ्रिलर
3/5
  • कलाकार : अनिल कपूर, आदित्‍य रॉय कपूर, शोभ‍िता धूलिपाला, तिलोत्तमा शोम
  • निर्देशक :संदीप मोदी और श्रीधर राघव

'द नाइट मैनेजर' का पहला पार्ट देखने के बाद फैंस बेसब्री से इसके दूसरे पार्ट का इंतजार कर रहे थे. इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं. 'द नाइट मैनेजर' के बचे हुए एपिसोड रिलीज कर दिए गए हैं. अब आप सीरीज देखें उससे पहले इस पर थोड़ी चर्चा कर लेते हैं. जानते हैं कि 'द नाइट मैनेजर' का पहला पार्ट अच्छा था या फिर दूसरा पार्ट उससे ज्यादा बेहतर है.

द नाइट मैनेजर के दूसरे पार्ट में क्या हुआ?
'द नाइट मैनेजर' का दूसरा पार्ट वहीं से शुरू हुआ, जहां से इसका पहला पार्ट खत्म हुआ था. शान (आदित्य रॉय कपूर) हथियार डीलर शैली रूंगटा (अनिल कपूर) को पकड़ने के लिए उससे हाथ मिला लेता है. शान पहले अपने काम से शैली का विश्वास जीतता है और धीरे-धीरे उसकी लंका पर अपना कब्जा जमा लेता है. शान और शैली की दोस्ती कई लोगों को हैरान करती है. खुद को हथियार किंग कहने वाला शैली ये समझ नहीं पाता कि आखिर शान उसके करीब आ क्यों रहा है. अब क्या शान, शैली को हरा कर उसे जेल भिजवाने में कामयाब होगा? या फिर शैली अपनी पावर का इस्तेमाल करके शान को मार देता है. ये जानने के लिए टाइम निकालकर सीरीज देखनी होगी. 

स्टार्स की एक्टिंग
'द नाइट मैनेजर' में शान सेनगुप्ता के रोल में आदित्य रॉय कपूर काफी इंटेंस एक्टिंग करते दिखे. उन्होंने एक्शन ज्यादा अपने एक्सप्रेशन से कमाल किया है. वहीं  शैलेंद्र रुंगता के रोल में अनिल कपूर ने बिजनेस टाइकून की दमदार भूमिका निभाई. अनिल ने हर सीन को इतना परफेक्ट निभाया कि उनकी एक्टिंग में कमी निकालना गुस्ताखी होगा. वेब शो में शोभिता धूलिपाला, शैलेंद्र की गर्लफ्रेंड कावेरी के रोल में हैं, जिन्होंने अपने कैरेक्टर के साथ न्याय किया है. दूसरे पार्ट में रॉ अफसर के रोल में तिलोत्तमा शोम एक शेरनी की तरह दहाड़ती दिखाई दीं. सपोर्टिंग रोल में सास्वत चटर्जी ने भी अच्छा काम किया है. 

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डायरेक्शन 
'द नाइट मैनेजर' 2016 में आई हॉलीवुड सीरीज का हिंदी एडाप्टेशन है. सीरीज का निर्देशन संदीप मोदी और श्रीधर राघव ने किया है. डायरेक्शन की फील्ड में दोनों ने ही अच्छा काम किया है. हर सीन को डिटेल के साथ स्क्रीन पर दिखाया गया है, जिस वजह से आप इसकी कहानी से खुद को बंधा हुआ महसूस करते हैं. वहीं स्क्रीन प्ले को भी टाइट रखा गया है. हर सीन एक्साइटिंग और मीनिंगफुल नजर आता है. थ्रिलर सीरीज में आपको फालतू के डायलॉग्स भी सुनने को नहीं मिलते हैं. 

कहां हुई चूक?
देखो सीरीज की इतनी तारीफ हो गई है, तो आपको लग रहा होगा कि इसमें कोई कमी ही नहीं है. पर ऐसा नहीं है. हर फिल्म और सीरीज की तरह 'द नाइट मैनेजर' में भी कुछ खामियां हैं. ट्रेलर और टीजर में हमने देखा था कि बॉम्ब ब्लास्ट का सीन दिखाया जाता है, जिसे देखकर लगा था कि सीरीज वाकई खतरनाक होने वाली है. पर जब वही सीन जब सीरीज में दिखाया, तो देखकर लगा ये क्या मजाक है. मतलब धमाके के सीन को काफी नकली और हल्के तरीके से पेश किया गया. दूसरी और सबसे बड़ी कमी है ये कि सीरीज का एंड बहुत Wow... नहीं था. लास्ट एपिसोड में अनिल कपूर का रिएक्शन काफी फर्जी नजर आता है. बाकी बीच-बीच में कहानी भी थोड़ी स्लो नजर आती है, जिसे स्पीड में दिखाया जा सकता था. 

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'द नाइट मैनेजर' के दूसरे पार्ट में तीन एपिसोड हैं. ये पढ़ने के बाद सीरीज देखने की जल्दी होगी. पर रुकिए. तीनों ही एपिसोड एक-एक घंटे के हैं, तो अगर आपके पास तीन घंटे से ज्यादा का समय है, तभी इसे देखने के लिए बैठिएगा. जरूरी बात है कि जिन लोगों ने इसका पार्ट देखा है. वही दूसरे पार्ट को देखने की हिम्मत करें. वरना कहानी बाउंस हो सकती है. 

 

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