कलाकारः मनारा, करणवीर शर्मा और श्रद्धा दास
डायरेक्टरः विवेक अग्निहोत्री
रेटिंगः 2 स्टार
बॉलीवुड एक ऐसी जगह है, जहां हर चीज बड़ी ही कमाल है. हर फिल्म को बनाने का अलग ही फंडा है. कोई तय नियम नहीं हैं. तभी तो यहां परिवारों की भरमार है और सिर्फ 'नाम की महिमा' का ही खेल है. स्टार बच्चों का जलवा है. बोल्ड तेवरों वाली जिद के साथ प्रियंका चोपड़ा की कजिन मनारा (बार्बी असली नाम है) ने बॉलीवुड में कदम रखा है. उन्होंने अपने इरादे फिल्म से पहले ही जाहिर कर दिए थे कि उन्हें बोल्ड सीन देने में कोई परहेज नहीं, और फिल्म में इस बात को वे बखूबी चरितार्थ करती नजर भी आती हैं. अपनी भारतीय मानकों पर खरी उतरने वाली देह का उन्होंने और उनके डायरेक्टर ने जमकर इस्तेमाल किया है. जिस वजह से फिल्म की कहानी गौण और दृश्यों के जरिये फिल्म को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाती है. ऐसा लगता है कि डायरेक्टर और प्रोड्यूसर की मनारा को दिखाने की “जिद” की वजह से ही जिद को बनाया गया है.
कहानी में कितना दम
यह कहानी क्राइम रिपोर्टर रोहन और हसीन लड़की माया (मनारा) की है. माया उस पर फिदा है. रोहन की अपनी एक अलग कहानी है. एक दिन माया और रोहन से ऐक्सीडेंट हो जाता है. जिसमें एक लड़की मारी जाती है. फिर हिट ऐंड रन वाला मामला होता है. बस इसके बाद कई रहस्यमय घटनाओं का दौर शुरू हो जाता है. इस दौरान हत्याएं होती हैं, सेक्स सीन आते हैं, किसी की चाहत का जुनून नजर आता है और इस सब पर ही डायरेक्टर अपना पूरा दांव खेलता है. कहानी बहुत ही स्वाभाविक है. इश्क के जुनून की कई शानदार कहानियां बॉलीवुड में पहले से ही हैं. डायरेक्टर कुछ हटकर नहीं कर सके हैं.
स्टार अपील
जिद मतलबः फिल्म में प्रियंका चोपड़ा की कजिन मनारा है; वे बोल्डरोल में हैं; पूरी बेबाकी से पेश आई हैं. पूरी फिल्म को सेक्स अपील की वजह से ही बेचा गया है. मनारा को जो काम दिया गया है, उन्होंने उसे बखूबी निभाया है. वे परदे पर सेक्सी और हॉट तो लगती ही हैं. हां, ऐक्टिंग की बात करना गलत होगा क्योंकि डायरेक्टर का ध्यान इस ओर ज्यादा नहीं गया है. फिल्म के बाकी सितारें औसत ही हैं. उनके बारे में बात करना फिजूल है क्योंकि फिल्म पूरी तरह से मनारा और उनके टैलेंट को ही समर्पित हैः किसिंग, बोल्डनेस, बारिश में भीगना, मादकता और भी बहुत कुछ.
कमाई की बात
इस हफ्ते उंगली और जेड प्लस के साथ ही सेक्स अपील वाली जिद रिलीज हुई है. बाकी दोनों ही फिल्में जहां कुछ सामाजिक संदेश लिए हुए हैं. वहीं जिद पूरी तरह से व्यस्कों के मनोरंजन वाली है. फिल्म की कहानी तो कुछ खास नहीं लेकिन सेक्स अपील ही इसकी जमा-पूंजी है क्योंकि इससे पहले सुरवीन चावला की हेट स्टोरी-2 को चलाने में सेक्स अपील ने काफी मदद की थी. फिल्म सिंगल स्क्रीन थिएटर्स और इस तरह की फिल्में देखने के यूथ में अच्छा कर सकती है. फिर टियर-2 और 3 शहरों में भी इसे ऑडियंस मिल सकते हैं. इसे लेकर वर्ड ऑफ माउथ भी काफी काम करेगा.