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Movie Review: क्लिंट ईस्टवुड का मास्टरस्ट्रोक 'American Sniper'

कहते हैं अच्छी फिल्म अपने लिए दर्शक खोज ही लेती है और सीमाए उसके लिए मायने नहीं रखती हैं. 'अमेरिकन स्नाइपर' क्लिंट ईस्टवुड  के स्टाइल में कुछ ऐसी ही मंनोरंजक फिल्‍म है, पढ़ें फिल्म का रिव्यू...

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Film American Sniper
Film American Sniper

रेटिंगः 4 स्टार

डायरेक्टरः क्लिंट ईस्टवुड

कलाकारः ब्रैडले कूपर, सायना मिलर, ल्यूक ग्रिम्स और जैक मैक्डरमैन

एक 84 वर्षीय डायरेक्टर एक ऐसे अमेरिकी हीरो की कहानी बड़े परदे पर लेकर आने की हिम्मत करता है जिसने इराक अभियानों के दौरान अपनी बंदूक से 160 दुश्मनों को मौत के घाट उतारा था. इस डायरेक्टर के हौसले बुलंद थे और क्रिस काइल नाम के अमेरिकी सेना के इतिहास के दिग्गज नेवी सील्स का किरदार निभाने वाले इसके लीड ऐक्टर ब्रैडले कूपर के भी. दोनों की मेहनत रंग लाई और अमेरिकन स्नाइपर को बेस्ट पिक्चर और बेस्ट ऐक्टर समेत छह ऑस्कर नॉमिनेशन मिले हैं.

जब क्लिंट इस फिल्म को बनाने जा रहे थे तो उसी समय काइल के पिता ने उन्हें कह दिया था कि फिल्म में उनके बेटे की कहानी वैसी ही दिखाई जानी चाहिए जैसी थी. क्लिंट पूरी फिल्म में ऐसी ही कोशिश करते हैं. यही नहीं, जब ब्रैडले काइल के पिता से मिले थे तो उन्होंने कहा कि मेरा बेटा तुमसे दोगुना था. ब्रैडले उनका इशारा समझ गए थे और उन्होंने अपने आपको बिल्कुल काइल जैसी कद-काठी में ढाल लिया. उन्होंने वजन बढ़ाया, और काइल जैसे स्टाइल को परदे पर उतारा. क्लिंट ईस्टवुड की यह फिल्म 'अमेरिकन स्नाइपरः द ऑटोबायोग्राफी ऑफ द मोस्ट लीथल स्नाइपर इन यूएस मिलिट्री हिस्ट्री' पर आधारित है.

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'अमेरिकन स्नाइपर' टेक्सास के काउबॉय क्रिस काइल की कहानी है, जो अपने जीवन में मकसद को खोजता है और आखिरकार उसे यह मकसद नेवी सील्स में जाकर मिलता है. जहां से वह इराक के लिए चार अभियानों पर जाता है. वहां वह अलग तरह का माहौल देखता है और जिस तरह के काम की उसे ट्रेनिंग मिली होती है, उसे बखूबी अंजाम देता है. एक लड़की से प्यार करता है और शादी भी करता है. लेकिन इन अभियानों के दौरान वह अपनी पारिवारिक जिंदगी को मिस करता है. लेकिन जब वह ड्यूटी से घर आता है, सामान्य जीवन जीने लगता है. उस समय उसके साथ कुछ ऐसा घटता है, जो सोच से परे होता है.

ब्रैडले ने अपनी अब तक की बेस्ट परफॉर्मेंस इस फिल्म में दी है. क्लिंट का फिल्म बनाने का अपना स्टाइल है. वही स्टाइल अमेरिकन स्नाइपर में भी है. फिल्म सिर्फ काइल की जिंदगी दिखाती है, और हर फ्रेम में काइल्स और उसकी जिंदगी ही रहती है. एक सीन में अगर वह इराक में जूझ रहा होता है तो दूसरे सीन में अपने पारिवारिक जीवन को लेकर. फिल्म में कसावट है, लेकिन अंत कुछ तंग करता है, फिल्म एकदम से खत्म हो जाती है, और कई सवाल अधूरे रह जाते हैं. शायद यह क्लिंट का स्टाइल है. वाकई, बायोपिक्स के मामले में एक शानदार फिल्म . बॉलीवुड के लिए एक प्रेरणा और इस वीकेंड के लिए जबरदस्त मनोरंजन.

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