सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर फिल्म बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई है. फिल्म ने दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है. इस फिल्म में परमवीर चीमा ने भी एक मजबूत सहायक भूमिका निभाई है.
हाल ही में स्क्रीन से बातचीत में परमवीर ने फिल्म में काम करने के अपने अनुभव शेयर किए. उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह इस फिल्म को करने को लेकर थोड़े हिचकिचा रहे थे. साथ ही, सनी देओल, वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ जैसे बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर करने को लेकर वह नर्वस भी थे.
‘मैं टाइपकास्ट नहीं होना चाहता था’
बॉर्डर 2 साइन करने में हिचकिचाहट की वजह बताते हुए परमवीर ने कहा- एक एक्टर के तौर पर मैं हमेशा इस बात को लेकर सतर्क रहता हूं कि मुझे एक ही तरह के रोल में न बांध दिया जाए. मैं चाहता हूं कि लोग मुझे एक वर्सेटाइल एक्टर के रूप में देखें. मुझे मुकेश छाबड़ा के ऑफिस से ऑडिशन का कॉल आया. मेरा पहला सवाल यही था कि इतनी बड़ी कास्ट में क्या मुझे ठीक से देखा जाएगा? मैं नहीं चाहता था कि मेरा रोल बेकार चला जाए.
उन्होंने आगे बताया कि दूसरा सवाल पगड़ी को लेकर था.परमवीर बोले- शुरुआत में मुझसे कहा गया कि मुझे पगड़ी पहननी होगी. मैंने कास्टिंग टीम से पूछा कि क्या इसे स्किप किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ऑडिशन के बाद देखा जाएगा. मैंने पगड़ी पहनकर ऑडिशन दिया. बाद में अनुराग सर के ऑफिस बुलाया गया. उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे पगड़ी पहनने में क्या दिक्कत है. जब मैंने वजह बताई तो वह मान गए और पूछा कि क्या मैं हरियाणवी बोल सकता हूं. हमने रीडिंग की, उन्होंने मुझे गले लगाया और कहा- वेलकम ऑन बोर्ड.
‘वरुण धवन के साथ काम को लेकर डर था’
परमवीर ने बताया कि फिल्म में उनके ज्यादातर सीन वरुण धवन के साथ थे, जिसे लेकर वह शुरुआत में तनाव में थे. वो कहते हैं- वरुण बहुत बड़े स्टार हैं, उनके पिता भी बड़े डायरेक्टर हैं. मुझे नहीं पता था कि वह सेट पर कैसे होंगे. मुझे डर था कि अगर जरा सी भी अनबन हुई तो सीन पर असर पड़ेगा.हम क्रिकेट खेलने लगे और वहीं से हमारी दोस्ती हो गई. ऑफ-डे पर होटल में क्रिकेट खेलते थे. एक दिन वरुण ने खुद फोन करके मुझे खेलने बुलाया.
परमवीर ने यह भी बताया कि वरुण ने उनके काम की तारीफ की. 'उस समय मेरी सीरीज ब्लैक वॉरंट रिलीज हुई थी. वरुण ने शो देखा और मेरे काम की तारीफ की. यहां तक कि जब उनकी पत्नी सेट पर आईं तो उन्होंने मुझे उनसे मिलवाया. एक दिन वह सेट छोड़कर जा रहे थे, लेकिन सिर्फ मेरा सीन देखने के लिए वापस लौट आए.'
‘सनी देओल बहुत शर्मीले हैं’
सनी देओल के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए परमवीर ने कहा- हम सनी देओल को सालों से देखते आ रहे हैं. उनकी एक अलग ही आभा है. सेट पर हमेशा यह माहौल रहता था कि आज सनी सर आने वाले हैं. वह बहुत शांत और शर्मीले इंसान हैं.
एक सीन में परमवीर के हाथ कांपने लगे थे, उन्होंने बताया- मुझे उन्हें झंडा देना था और डायलॉग बोलने थे. जब मैं सीन में गया तो मेरे हाथ कांप रहे थे. लेकिन जैसे ही सीन शुरू हुआ, मैं उसमें पूरी तरह खो गया.
अंत में परमवीर ने कहा कि इतने बड़े सितारों के साथ काम करते हुए अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता. जब आप बड़े एक्टर्स के साथ काम करते हैं तो यह डर रहता है कि कहीं आप नजरअंदाज न हो जाएं. लोग उन्हें देखने आते हैं, ऐसे में चुनौती यही होती है कि आप दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ सकें.