यश की फिल्म टॉक्सिक 19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन मिडिल ईस्ट के गंभीर हालात को देखते हुए रिलीज को आगे बढ़ा दिया गया है. अब ये फिल्म 4 जून 2026 को आएगी. ये बात जगजाहिर है कि दुबई और गल्फ मार्केट साउथ इंडस्ट्री के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, ऐसे में कमाई भी अच्छी होती है. इतना ही नहीं कई साउथ फिल्मों के गानों का शूट होना था, जिसे रोक दिया गया है.
एयरलाइन सेवाएं बाधित हैं, कलाकार-क्रू को बड़ी मुश्किल हो रही है, स्टंट और VFX के लिए आने वाले अंतरराष्ट्रीय टेक्नीशियन भी फंस गए हैं, जिससे प्रोडक्शन प्रभावित हो रहा है. अब खबर आ रही है कि युद्ध चलता रहा तो प्रियंका चोपड़ा की फिल्म वाराणसी पर भी इसका असर होगा. अल्लू अर्जुन-एटली के कई आगामी प्रोजेक्ट, रणबीर कपूर की रामायणम् पर भी इसका असर हो सकता है, क्योंकि बड़े पैमाने पर VFX का काम अभी बाकी है जो रुक गया है.
प्रोडक्शन हाउस में जारी काम
कई प्रोडक्शन हाउस जंग के बीच भी काम कर रहे हैं. एक इजरायली टीवी प्रोड्यूसर ने अपनी पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि हम सिर्फ एयर रेड सायरन के बीच में फिल्मिंग करते रहते हैं. इजरायली ब्रॉडकास्टर केशेट ने 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद कुछ समय के लिए पूरी तरह न्यूज कवरेज को बंद कर दिया था. लेकिन 2 मार्च तक चैनल ने नियमित प्रोग्रामिंग पर लौटना शुरू कर दिया. उन्होंने कॉमेडी शो Mo’adon Layla (Night Club) फिनाले सीजन का टेलीकास्ट किया और अपने सैटरडे नाइट लाइव-स्टाइल स्केच शो Eretz Nehederet का स्पेशल एडिशन रिकॉर्ड किया. जंग के हालात में सुरक्षा का ध्यान रखते हुए इस पूरे शो को ऑडियंस के बिना शूट किया गया.
इसमें कोई दो राय नहीं है कि शूट का काम पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है. लेकिन प्रोडक्शन को नहीं रोका गया है. जॉर्डन के ओलिववुड फिल्म स्टूडियोज की जनरल मैनेजर जुमाना शरबिन के हौसले तो इतने बुलंद है कि उन्होंने कहा, यह हमारे आसपास पहला युद्ध नहीं है, इस स्टूडियो ने 'ड्यून: पार्ट टू' (2024) और 'जॉन विक: चैप्टर 4' (2023) जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के लोकल शूट्स में सपोर्ट दिया है. पिछले वर्षों में हमारे पास इराक युद्ध, सीरिया युद्ध, लेबनान युद्ध और गाजा संकट रहा है, और इन सभी के दौरान जॉर्डन शांत और सुरक्षित रहा.
ऐसे समय में कई अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन बिना किसी देरी या घटना के शूट हुए. हम रुकने वाले नहीं हैं. शरबिन ने स्टूडियो में चल रही कई प्रोडक्शंस का जिक्र किया, जिसमें एक लोकल ड्रामा, कोरियाई सीरीज 'किंगडम ऑफ वुमेन' और एक रीजनल टीवी शो शामिल हैं, जो योजनानुसार बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ रही हैं. अबू धाबी स्थित लोकल स्टूडियो सेंट्रल फिल्म्स के एक प्रवक्ता ने बताया, 'उद्योग के नजरिए से यूएई स्थिर और व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा है. यह हाई-एंड कमर्शियल वर्क का हब है.
सऊदी अरब में भी नहीं रुका काम
सऊदी अरब में भी यही कहानी है, जहां प्रोडक्शन स्टूडियो कह रहे हैं कि संघर्ष का ऑपरेशंस पर अब तक सीमित प्रभाव पड़ा है. AlUla (उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के फिल्म निर्माण आयोग है) का कहना है कि हमारे पास कोई एक्टिव शूट नहीं है, इसलिए खास असर तो नहीं हुआ है. आखिरी फीचर प्रोडक्शन, मैकेंजी मुनरो की YA रोमांस 'चेजिंग रेड' कुछ हफ्ते पहले ही खत्म हो चुकी थी. राज्य पर हमलों के बावजूद सिनेमाघर, कैफे और रेस्तरां खुले हैं, रमजान के घंटों पर काम कर रहे हैं . इफ्तार के बाद सूर्यास्त के बाद खुलते हैं और रात 3 बजे या उससे बाद तक चलते हैं. युद्ध मंगलवार को दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है, और इसमें कोई कमी के संकेत नहीं हैं.
मिडिल ईस्ट में शूट करने की योजना बना रही अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शंस ने माना कि असली परीक्षा आने वाले हफ्तों में होगी. जब अंतरराष्ट्रीय प्रोड्यूसर्स, इंश्योरर्स और बॉन्ड कंपनियां क्षेत्र में फिल्मिंग के रिस्क का कैल्कुलेशन करेंगे. येरूशलम के सैम स्पीगल फिल्म एंड टेलीविजन स्कूल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दाना ब्लैंकस्टीन कोहेन कहती हैं, क्षेत्र में हर किसी की तरह, हमारे छात्र और फैकल्टी विस्थापन, चिंता और अस्थिरता से गुजर रहे हैं. कई लोग जो देख रहे हैं, उसे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रोसेस कर रहे हैं.
एक्टर गजेंद्र चौहान ने जताई चिंता
दूरदर्शन के पॉपुलर शो 'महाभारत' में युधिष्ठिर की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले गजेंद्र चौहान ने कहा कि किसी भी तरह का युद्ध पूरी दुनिया को प्रभावित करता है और फिल्म इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं रह सकती. युद्ध हमेशा विनाशकारी होता है. इसका असर सिर्फ उन देशों तक सीमित नहीं रहता जो सीधे तौर पर इसमें शामिल होते हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और व्यापारिक साझेदार देशों पर भी पड़ता है.'
गजेंद्र ने यूएई जैसे देशों का नाम लेते हुए कहा, 'बॉलीवुड के कई कलाकार, सिंगर और प्रोडक्शन हाउस अक्सर मिडिल ईस्ट में शूटिंग, स्टेज शो और कॉन्सर्ट के लिए जाते हैं. ऐसे में जब वहां माहौल खराब होता है, लड़ाई या तनाव बढ़ता है, तो सबसे पहले एंटरटेनमेंट से जुड़े इवेंट्स कैंसिल या पोस्टपोन कर दिए जाते हैं. इसका सीधा असर कलाकारों और उनके साथ काम करने वाली टीम पर पड़ता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.'