फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' विवादों में बनी हुई है. इसे CBFC से कट्स लगाने के बाद कोर्ट से हरी झंडी मिल रही है. पिक्चर 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. शुरुआत से ही 'द केरल स्टोरी 2' को 'प्रोपगैंडा' बताया जा रहा है. 2023 में आई 'द केरल स्टोरी' का सीक्वल बताई जा रही ये फिल्म उसका सीधा कंटिन्यूएशन नहीं है. लेकिन इसकी मुख्य थीम कथित जबरन धर्म परिवर्तन ही है. फिल्म में भारत के अलग-अलग हिस्सों की तीन हिंदू महिलाओं को दिखाया गया है, जो परिवार की मर्जी के खिलाफ मुस्लिम पुरुषों के प्यार में पड़ जाती हैं.
असली पीड़िता की मां फूट-फूटकर रोईं
बढ़ते विरोध के बीच, फिल्ममेकर्स ने सोमवार, 23 फरवरी को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां कई कथित असली पीड़ितों को स्टेज पर बुलाया गया. इस इवेंट के दौरान फरीदाबाद से आई एक पीड़िता की मां भावुक होकर रो पड़ीं. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की कथित तौर पर 2020 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
उन्होंने कहा, 'ये 20 अक्टूबर 2020 को हुआ था. मुझे ऐसा लगता है कि मेरी बेटी की सुंदरता और पढ़ाई की वजह से, और एक तरफा प्यार की वजह से... मेरी बेटी स्कूल में भी टॉप करती थी और कॉलेज में भी टॉप कर रही थी. वो सामाजिक कामों में भी जाती थी, और मैं भी उसके साथ जाती थी जहां उसे बुलाया जाता था. शायद उसकी नजर मेरी बेटी पर पड़ी और उसने जबरदस्ती शादी का दबाव डालना शुरू कर दिया...'
बेटी का हुआ अपहरण और जबरन शादी
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया था और उसे लड़के के घर ले जाया गया, जहां उसके परिवार ने भी शादी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला. उन्होंने कहा कि वे राजपूत हैं, जबकि लड़का मुस्लिम था. मां के अनुसार, बेटी ने उससे शादी करने से साफ मना कर दिया था. उन्होंने दावा किया कि उनके घर पर एक वकील मौजूद था ताकि निकाह हो सके, लेकिन बेटी ने सहमति नहीं दी.
पीड़िता की मां ने बताया कि किसी तरह उन्हें बेटी की जानकारी मिली, वे लड़के के घर पहुंचीनं और उसे सुरक्षित घर वापस लाईं. उन्होंने कहा कि उन्होंने लड़के के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन 2-4 महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि लड़के का परिवार राजनीति से जुड़ा था. उन्होंने कहा, 'उनके परिवार के लोग राजनीति में बैठे हैं- दादा, नाना, चाचा, भाई. कांग्रेस के नेता रहे हैं और बड़े कांग्रेस नेताओं के साथ उनका उठना-बैठना है, तो कुछ नहीं हुआ.'
'मेरी बेटी ने खुद को शहीद कर दिया'
पीड़िता की मां ने कहा कि दो साल बाद बेटी ने पढ़ाई फिर से शुरू की. हालांकि जब बेटी ने बी.कॉम का अपना आखिरी एग्जाम दिया था, तब लड़के ने कथित तौर पर फिर से उसके अपहरण की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि वह कॉलेज के बाहर दो अन्य लोगों के साथ इंतजार कर रहा था. मां के अनुसार, बेटी ने खुद को बचाने की कोशिश की, क्योंकि लड़का बंदूक लेकर कार से उसका पीछा कर रहा था. भावुक होकर उन्होंने कहा, 'मेरी बेटी ने हार नहीं मानी, और लड़ाई लड़ते हुए खुद को शहीद कर दिया. मैं उसे शहीद ही कहूंगी. अपने धर्म के लिए उसने अपना बलिदान दे दिया, लेकिन समझौता नहीं किया.'