बॉलीवुड के बैड मैन कहे जाने वाले गुलशन ग्रोवर इन दिनों अपनी अपकमिंग वेब सीरीज मटका किंग को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. इस सीरीज में एक्टर विजय वर्मा लीड रोल में है. हाल ही में गुलशन ग्रोवर ने हिंदी सिनेमा में क्राइम स्टोरीटेलिंग के विकास और इस बारे में बात की कि क्या उन्हें अब बड़े-बड़े बेबाक विलेन का जमाना याद आता है? इस दौरान उन्होंने रहमान डकैत लेकर भी बात की.
सालों से क्राइम स्टोरीटेलिंग में आए बदलावों के बारे में बात करते हुए गुलशन ग्रोवर ने कहा कि जिंदगी के हर पहलू में विकास होना तय है, और सिनेमा भी इसका अपवाद नहीं है. उन्होंने कहा, 'देखिए, बात यह है कि विकास और बदलाव हर जगह हो रहे हैं. यह आपके घर में हो रहा है, बाहर हो रहा है, हर जगह हो रहा है. आपके काम की जगह पर भी बदलाव हो रहे हैं, चाहे वह कहानी कहने का तरीका हो, डायरेक्शन हो, एक्टिंग हो, हर चीज में बदलाव होना तय है.'
समय के साथ ढलना जरूरी- गुलशन
एक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि बदलाव के हिसाब से ढलना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा, 'मेरी एक समझ यह है, जो लोग बदलाव के साथ नहीं चलते, भले ही उन्होंने बहुत मॉडर्न कपड़े पहने हों, लेकिन उनकी सोच अभी भी पुरानी होती है. आप कुछ बुजुर्गों को पेड़ के नीचे बैठकर हुक्का पीते हुए और यह कहते हुए देखते हैं कि 'हमारे जमाने में तो...', मैं उस सोच का हिस्सा नहीं हूं. मैं उस बात को नहीं मानता. आपको लगातार बदलते रहना होगा, जैसे बाकी सब कुछ बदलता है.'
साथ ही, ग्रोवर ने इस बात पर भी रिएक्शन दिया कि कैसे पुराने जमाने के ट्रेंड्स अक्सर आज के समय में वापस आ जाते हैं. उन्होंने कहा, 'आजकल हम बेल-बॉटम पहन रहे हैं. यह सब वापस आ रहा है. इतने सारे शानदार गाने रीमेक के तौर पर वापस आ रहे हैं. एक्टिंग के तरीके भी वापस आ रहे हैं.'
धुरंधर पर बोले शत्रुघ्न सिन्हा
हाल की एक मुलाकात को याद करते हुए, एक्टर ने कुछ दिग्गज सितारों से जुड़ा एक किस्सा सुनाया. ग्रोवर ने बताया, 'दो दिन पहले शत्रुघ्न सिन्हा वहां थे. राकेश रोशन, शशि रंजन, हम सब रात का खाना खा रहे थे. मैं थोड़ा देर से पहुंचा, तो उन्होंने (शत्रुघ्न) कहा, 'मैंने 'धुरंधर' देखी. गुलशन ग्रोवर, वह एक ऐसी फिल्म थी जिसमें तुम्हें होना चाहिए था.'
गुलशन ने आगे बताया, 'उन्होंने (शत्रुघ्न) तो यह भी कहा कि कितना अच्छा होता अगर मैं 'रहमान डकैत' का किरदार निभाता. जो अक्षय खन्ना ने निभाया था. तो मैंने कहा, मैं भी इस बात से सहमत हूं. और जनता भी इस बात से सहमत है. मैं यह इसलिए कह रहा हूं क्योंकि उस जमाने जैसे कई किरदार वापस आ गए हैं. यहां तक कि कुछ सेटिंग्स, ढोल-नगाड़े और वो सब चीजें जो हर फिल्म में हुआ करती थीं, वे भी वापस आ गई हैं.'
क्लासिक, डर पैदा करने वाले विलेन्स की गैर-मौजूदगी पर बात करते हुए, ग्रोवर ने कहा कि यह किसी क्रिएटिव कमी के बजाय समाज में आए बदलाव को दिखाता है. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इसमें कोई दिक्कत नहीं है कि उस तरह के खलनायक (विलेन)—जो अपने बुरे कामों के लिए माफी नहीं मांगते थे, अब चले गए हैं, वे वापस जरूर आएंगे. क्योंकि समाज में जो कुछ हो रहा होता है, फिल्ममेकर उसी के बारे में लिखते हैं. वे वहीं से प्रेरणा लेते हैं.'
एक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि आज ऐसे किरदार कम ही नजर आते हैं, क्योंकि असल जिंदगी में ऐसे लोगों के उदाहरण अब कम ही मिलते हैं. एक्टर ने कहा, 'अब आपको कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिलेगा कि कोई किसी रेस्टोरेंट में दाखिल हो और लोग वहां से उठकर चले जाएं, या कोई सिगरेट हाथ में लिए कार से बाहर निकले और लोग डरकर भाग खड़े हों. अब उस तरह के लोग यहां नहीं रहे; इसलिए, हमें वे फिल्मों में भी नजर नहीं आते.'