scorecardresearch
 

लेजेंडरी रवींद्रनाथ टैगोर से कैसे जुड़ा है शर्मिला टैगोर का रिश्ता? बेटी सोहा अली खान ने बताया

अपने सरनेम को लेकर शर्मिला टैगोर अक्सर चर्चा में रही हैं. अब एक बार फिर शर्मिला की बेटी सोहा अली खान ने बताया है कि टैगोर परिवार, खासकर लेजेंडरी नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से वो कैसे जुड़ी हुई थीं.

Advertisement
X
कैसे जुड़े हैं शर्मिला और रवींद्रनाथ टैगोर? (Photo: ITG)
कैसे जुड़े हैं शर्मिला और रवींद्रनाथ टैगोर? (Photo: ITG)

बॉलीवुड की जानी मानी अदाकाराओं में से एक रहीं शर्मिला टैगोर का रिश्ते भारत के इतिहास से जुड़े घरानों से है. शर्मिला, टैगोर परिवार की बेटी और पटौदी परिवार की बहू हैं. उन्होंने 1968 में क्रिकेटर रहे मंसूर अली खान पटौदी से शादी की थी. अपने सरनेम को लेकर वो अक्सर चर्चा में रही हैं. अब एक बार फिर शर्मिला की बेटी सोहा अली खान ने बताया है कि टैगोर परिवार, खासकर लेजेंडरी नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से वो कैसे जुड़ी हुई थीं.

शर्मिला का रवींद्रनाथ टैगोर से रिश्ता

एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सोहा अली खान ने कहा, 'रवींद्रनाथ टैगोर के लगभग 14 भाई-बहन थे. उनके भाई गगनेन्द्रनाथ टैगोर, जो एक पेंटर थे और जो क्यूबिज्म को भारत लाए, वो अम्मा (नानी) के ग्रेट ग्रैंडफादर थे. तो रवींद्रनाथ टैगोर उनके ग्रेट ग्रैंड अंकल हुए. वो मेरी नानी के बहुत करीब थे, मेरी नानी और नाना दोनों के. मेरी नानी उनके साथ शांति निकेतन में वक्त बिताती थीं. हमारे पास उनकी कुछ तस्वीरें हैं. उन्होंने मेरी नानी इरा के लिए दो कविताएं लिखी थीं. और फिर उन्होंने कुछ साइन किया था, जो मेरे नाना ने बाद में फेंक दिया था. मेरी नानी उसकी वजह से उनसे काफी वक्त तक बहुत नाराज थीं.'

कौन थे रवींद्रनाथ टैगोर?

रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से 7 मई 1861 को हुआ था. वो कोलकाता में देवेंद्रनाथ टैगोर और शारदा देवी के घर जन्में थे. हालांकि लेजेंडरी कवि-लेखक की जयंती को ग्रेगोरियन कैलेंडर नहीं बल्कि बंगाली कैलेंडर के हिसाब से बैसाखी के 25वें मनाया जाता है. हर साल रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती की तारीख बदलती है. इस साल उनकी जयंती 8 या 9 मई को मनाई जाएगी.

Advertisement

रवींद्रनाथ टैगोर, नोबल पुरस्कार साहित्य के पहले एशियाई विजेता थे. उन्हें अपनी कविताओं के संग्रह 'गीतांजलि' के लिए 1913 में ये सम्मान मिला था. उन्होंने ही भारत का राष्ट्रगान जन गण मन लिखा था, जिसे आप भी गाया जाता है. साहित्य के अलावा उन्होंने संगीत, आर्ट और एजुकेशन में भी बड़ा योगदान दिया. उनके गानों, कविताओं और नाटकों ने कई पीढ़ियों पर अपना असर डाला है.

बॉलीवुड में शर्मिला का करियर

शर्मिला टैगोर की बात करें तो उनका जन्म 8 दिसंबर 1944 को इरा टैगोर और गीतिंद्रनाथ टैगोर के घर हुआ था. उन्होंने बंगाली फिल्म 'अपुर संसार' से 1959 में अपना एक्टिंग डेब्यू किया. कुछ साल बंगाली सिनेमा में काम करने के बाद उन्होंने फिल्म 'कश्मीर की कली' से बॉलीवुड में एंट्री ली. शम्मी कपूर के साथ उनकी जोड़ी हिट रही. इसके बाद उन्हें 'अनुपमा', 'ये रात फिर न आएगी', 'अमर प्रेम', 'एन इवनिंग इन पेरिस', 'आराधना', 'छोटी बहू' समेत अन्य बढ़िया फिल्मों में देखा गया था. 60 से 80 तक के दशक में शर्मिला बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेज में गिनी जाती थीं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement