फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा फिर चर्चा में हैं. उनके खिलाफ केरल में POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है. सनोज ने इंस्टा पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि वो अकेले पड़ गए हैं, लेकिन हारे नहीं हैं. उन्होंने केरल पुलिस को चुनौती देते हुए अपनी लोकेशन बताई. सनोज ने अपने घर की खराब स्थिति का भी खुलासा किया. डायरेक्टर ने बताया कि वो अपनी बात देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तक पहुंचना चाहते हैं.
सनोज मिश्रा जाएंगे जेल?
सनोज मिश्रा ने बताया कि उन्होंने कई करोड़ रुपये कर्ज लेकर फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर बनाई थी. लेकि ट्रेलर रिलीज के बाद इसकी हीरोइन को केरल में लव जिहाद का शिकार बनाया गया. पीड़ित परिवार ने बताया कि उनकी बच्ची नाबालिग है. उन्होंने लव जिहाद के खिलाफ आवाज उठाई. जांच में मालूम पड़ा कि लड़की सही में नाबालिग है. फरमान पर कई धाराएं लगीं लेकिन वो अरेस्ट नहीं हुआ. लेकिन उनके ऊपर कार्रवाई की जा रही है.
सनोज का वीडियो में दर्द छलका. वो कहते हैं- मेरे खिलाफ पोक्सो धारा के तहत FIR दर्ज की गई है. सनातन के लिए आवाज उठाना महंगा पड़ा है. सच बोलना कितना भारी है. किसी को झूठे केस में फंसाना बहुत आसान है. केरल में मेरे खिलाफ केस हुआ है. केरल की पुलिस मुझे खोज रही है. जो जिहादी है वो खुला घूम रहा है. उसके साथ वहां का प्रशासन है. उसने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है. फरमान को सबका सपोर्ट है. लेकिन मैं 100 करोड़ सनातनियों के बीच अकेला पड़ गया हूं.
''मेरा परिवार त्रस्त है. मैं बहुत सारे कर्जे में हूं. कर्ज का बोझ हर महीने बढ़ रहा है. क्योंकि फिल्म तो हमारी खराब हो गई. लेकिन मैंने हार नहीं मानी. मैंने ये लड़ाई छोड़ी नहीं. लेकिन अब लगता है जीत मेरे खत्म होने के बाद ही होगी. जिस तरह से मुझे परेशान किया जा रहा है मेरा परिवार सदमे में है. मेरी मां बीमार है. घर में निराशा का माहौल है. लेकिन मैंने निराश नहीं हूं क्योंकि मैं सच हूं. सच आज नहीं तो कल लोगों के सामने आएगा. ''
सनोज मिश्रा ने केरल पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि वो भागने वालों में से नहीं हैं. वो उज्जैन बाबा महाकालेश्वर जा रहे हैं. केरल पुलिस को उन्हें उठाना है तो वहां से उठा ले. वहां जो मर्जी कर लेना, कानून का दुरुपयोग कर लेना, मार देना मुझे. डायरेक्टर के मुताबिक, उनके खिलाफ पोक्सो धारा में केस दर्ज किया गया. क्योंकि उन्होंने लव जिहाद के खिलाफ आवाज उठाई. दलितों आदिवासियों की आवाज उठाई. उन्हें शुरू से झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं.