एक्टर राजपाल यादव ने उत्तर प्रदेश के एक गुरुकुल स्कूल के छात्रों के निराश होने पर जवाब दिया है. ये बच्चे राजपाल यादव के जेल में होने पर उन्हें अपनी जेबखर्च की कमाई भेज चुके थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
निराश बच्चों को राजपाल का जवाब
9 करोड़ के कर्ज केस में राजपाल यादव 12 दिन तक जेल में रहे थे. मुश्किल समय में उन्हें इंडस्ट्री और फैन्स का सपोर्ट मिला. शाहजहांपुर जिले के गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के करीब 40 बच्चों ने अपनी जेबखर्च से पैसे इकट्ठा किए. एक पिग्गी बैंक भरा और 21 फरवरी को एक्टर के पैतृक गांव कुंद्रा के पते पर भेज दिया. ये जेस्चर एक लोन विवाद के कारण जेल में बंद एक्टर के लिए समर्थन के तौर पर था. बच्चों ने एक दिल छू लेने वाला पत्र भी भेजा, जिसमें रिहा होने पर उनसे मिलने की इच्छा जताई.
लेकिन घर लौटने के बाद बच्चों ने कहा कि उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, जिससे वे दुखी हैं. एक छोटा वीडियो वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने रिहाई पर बधाई दी लेकिन पूछा कि पत्र या भेजे पैसे का जवाब क्यों नहीं दिया. अगर मदद मिली तो जवाब क्यों नहीं दिया? एक फोन कॉल भी कर देते तो अच्छा लगता.
PTI से बात करते हुए कहा कि राजपाल ने सफाई दी कि वो हाल ही में घर लौटे हैं और परिवार से ठीक से जुड़ नहीं पाए. उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में सपोर्ट करने वालों की डिटेल्स इकट्ठा कर रहे हैं. बच्चों से मिलने की बात पर, मुझे बताया गया था कि वे अनाथालय के हैं. मेरी नजर में अगर बच्चों का आश्रम है तो वे अनाथ नहीं हैं. उन्होंने कहा, छात्रों के बैकग्राउंड को लेकर कन्फ्यूजन था.
जब बताया गया कि बच्चे गुरुकुल स्कूल के हैं, न कि अनाथालय के, तो एक्टर का रुख नरम हो गया. उन्होंने कहा कि मैं गुरु परंपरा में विश्वास करने वाला इंसान हूं, और वो सारे बच्चे मेरे अपने हैं. मैं जरूर उनसे मिलूंगा, गले लगाऊंगा और फोटो खिंचवाऊंगा.
स्कूल अथॉरिटी ने कहा कि बच्चों का कंट्रीब्यूशन पूरी तरह स्वैच्छिक था. पिग्गी बैंक भरकर गांव के पते पर भेजा गया. ये जेस्चर एक्टर के लिए सच्चे प्यार से प्रेरित था, जो शाहजहांपुर के हैं और हिंदी सिनेमा में कॉमिक रोल्स के लिए मशहूर हैं.
क्या है विवाद
राजपाल को 2010 की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़े लोन विवाद में जेल हुई थी, उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे, जिसे चुकता न करने पर जेल गए.