वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 1 फरवरी को अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश किया. सीतारमण ने देश के विकास के लिए तीन कर्तव्य तय किए- विकास, लोगों की आकांक्षाएं और सबका साथ सबका विकास. इस बजट में रोजगार, स्वास्थ्य, निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया. इसके साथ ही वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मांग को संतुलित करने की दिशा में भी कई बड़े ऐलान किए गए.
राजेश खन्ना पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ठोका था मुकदमा
लोगों को इनकम टैक्स में बड़े ऐलान की भी उम्मीद थी. हालांकि वित्त मंत्री ने साफ किया कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. इस बीच हम बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना से जुड़ा एक किस्सा याद कर रहे हैं. किस्सा कुछ यूं हुआ कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने राजेश खन्ना पर एक केस ठोक दिया कि उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी शो करते समय कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया था कि उनके बंगले आशीर्वाद में एक मिनी थिएटर है. आरोप ये भी था कि उन्होंने ये बात भी छिपाई कि ये मिनी थिएटर बनाने के लिए पैसा कहा से आया. इस कारण से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उनपर तीन 3,61, 506 रुपये वसूल करने का केस दायर कर दिया था.
जज पर चिल्लाए थे सुपरस्टार
कोर्ट राजेश खन्ना के नाम पर तीन बार वारंट जारी करके रद्द कर चुका था. न राजेश खन्ना कोर्ट में हाजिर हुए, न उनका कोई वकील. जब लास्ट वारंट जारी किया गया, तो राजेश खन्ना को हाजिर होना लाजिमी हो गया. वीटी स्टेशन मुंबई के कोर्ट में राजेश खन्ना को हाजिर होना था. केस चल रहा था, अचानक राजेश खन्ना भीड़ को चीरते हुए जज साहब के सामने पहुंचे और जोर से चिल्लाते हुए बोले, 'आप मुझे गिरफ्तार कर लो. जेल की सलाखों के पीछे डाल दो.' एक्टर के ये तेवर देखते हुए सामने बैठे जज बीएस पाटिल ने उसी टोन में राजेश खन्ना से कहा, 'अगली बार मैं तुम्हें और तुम्हारे वकील को यहां नहीं देखना चाहता.' दोनों के बीच तीखे तेवर से मामला बिगड़ गया.
तब दोनों पक्षों के वकील ने मिलकर मामले को हल किया. फिर उसके बाद राजेश खन्ना को भी जज का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि वो दिन जज साहब का आखिरी दिन था, उनका प्रमोशन हो गया था उसके बाद और वो एडिशनल चीफ जज बन गए थे. इसके बाद उनका कुर्ला कोर्ट मुंबई में ट्रांसफर हो गया था. इस किस्से से साफ है कि आम जनता के साथ-साथ फिल्मी सितारे भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजरों से बचते नहीं हैं.