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धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, अल्का याज्ञनिक और ममूटी को पद्म भूषण, 2026 का बड़ा ऐलान!

सरकार ने 2026 के पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है. धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, अल्का याज्ञनिक और ममूटी को पद्म भूषण, और सतीश शाह को पद्मश्री सम्मान मिलेगा.

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धर्मेंद्र, ममूटी, अल्का याज्ञनिक को मिलेगा सम्मान (Photo: ITG)
धर्मेंद्र, ममूटी, अल्का याज्ञनिक को मिलेगा सम्मान (Photo: ITG)

सरकार ने 2026 के पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है. इस बार भारतीय सिनेमा के लिए यह साल खास माना जा रहा है, क्योंकि दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र को मरणोपरांत और मशहूर गायिका अल्का याज्ञनिक को देश के प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा रहा है. वहीं एक्टर ममूटी भी इस लिस्ट में शामिल हैं. 

खुश हुईं हेमा मालिनी

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को भारत सरकार साल 2026 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित करेगी. इस खबर पर धर्मेंद्र की पत्नी और सांसद हेमा मालिनी ने खुशी जताते हुए ट्वीट किया है कि सरकार ने धर्मेंद्र जी के भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में दिए गए अतुलनीय योगदान को पहचान दी है. हेमा मालिनी ने लिखा कि उन्हें बेहद गर्व है कि धर्मेंद्र को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया जा रहा है.

धर्मेंद्र ने अपने लंबे फिल्मी करियर में शोले, धरमवीर, चुपके-चुपके, सत्यमेव जयते जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया. एक्शन से लेकर रोमांस तक, उन्होंने हर तरह के किरदार निभाकर हिंदी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान उनके चाहने वालों के लिए भावुक कर देने वाला है.

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अल्का याज्ञनिक को मिलेगा पद्म भूषण

इसी साल मशहूर प्लेबैक सिंगर अल्का याज्ञनिक को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा. अल्का याज्ञनिक ने 90 और 2000 के दशक में हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए हैं. उनकी आवाज आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है. हाल के समय में अल्का याज्ञनिक ठीक से सुनाई ना देने की बीमारी से जूझ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका योगदान भारतीय संगीत जगत में अमूल्य माना जाता है. सरकार का यह फैसला संगीत प्रेमियों के लिए भी गर्व का पल है.

ममूटी को मिलेगा पद्म भूषण

साउथ सिनेमा के दिग्गज एक्टर ममूटी को भी साल 2026 में भारत सरकार की ओर से पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाएगा. ममूटी पिछले चार दशकों से ज्यादा समय से मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उन्होंने अब तक 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. गंभीर, सामाजिक और चुनौतीपूर्ण किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले ममूटी ने न सिर्फ मलयालम बल्कि तमिल, तेलुगु और हिंदी सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई है. भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और प्रभावशाली योगदान को देखते हुए सरकार का यह फैसला साउथ फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस के लिए गर्व का पल माना जा रहा है.

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पद्मश्री के हकदार बने माधवन

हिंदी सिनेमा के बेहद टैलेंटेड एक्टर आर माधवन को भी साल 2026 में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा. माधवन ने अपने फिल्मी करियर में अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी हाथ आजमाया है. उन्होंने रहना है तेरे दिल में, तुम दिल की धड़कन में, 3 इडियट्स, रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट और साला खडूस जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता. साउथ सिनेमा में भी उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया और अपनी विविधता से अपनी पहचान बनाई. उनकी कड़ी मेहनत और फिल्म इंडस्ट्री में दिए गए योगदान को देखते हुए, सरकार का यह सम्मान उनके प्रशंसकों के लिए बेहद गर्व की बात है.

सतीश शाह को मरणोपरांत पद्मश्री

इनके साथ ही, जाने-माने एक्टर सतीश शाह को भी मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा. सतीश शाह ने फिल्मों और टीवी में अपने शानदार अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाया और प्रभावित किया. जाने भी दो यारों, हम आपके हैं कौन जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी याद किए जाते हैं.

कला के क्षेत्र में मिलने वाले सम्मान की सूची इस तरह है-

पद्म विभूषण – कला

श्री धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) – महाराष्ट्र

सुश्री एन. राजाम – उत्तर प्रदेश

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पद्म भूषण – कला

सुश्री अल्का याज्ञनिक – महाराष्ट्र

श्री ममूटी – केरल

श्री पीयूष पांडे (मरणोपरांत) – महाराष्ट्र

श्री शतावधानी आर. गणेश – कर्नाटक

पद्म श्री – कला

श्री अनिल कुमार रास्तोगी – उत्तर प्रदेश

श्री अरविंद वैद्य – गुजरात

श्री भारत सिंह भारती – बिहार

श्री भिकल्या लादक्य धिंडा – महाराष्ट्र

श्री बिश्वा बंधु (मरणोपरांत) – बिहार

श्री चिरंजी लाल यादव – उत्तर प्रदेश

सुश्री दीपिका रेड्डी – तेलंगाना

श्री धर्मिकलाल चुनिलाल पंड्या – गुजरात

श्री गड्डे बाबू राजेंद्र प्रसाद – आंध्र प्रदेश

श्री गफरुद्दीन मेवाती जोगी – राजस्थान

श्री गरिमेला बालकृष्ण प्रसाद (मरणोपरांत) – आंध्र प्रदेश

सुश्री गायत्री बालासुब्रमणियन और सुश्री रंजनी बालासुब्रमणियन (जोड़ियाँ) – तमिलनाडु

श्री हरि माधव मुखोपाध्याय (मरणोपरांत) – पश्चिम बंगाल

श्री हरिचरण सैखिया – असम

श्री कुमार बोस – पश्चिम बंगाल

प्रोफेसर (डॉ.) लार्स-क्रिश्चियन कोच – जर्मनी

श्री माधवन राघनथन – महाराष्ट्र

श्री मागंटी मुरली मोहन – आंध्र प्रदेश

श्री मीर हाजीभाई कासमभाई – गुजरात

श्री नुरुद्दीन अहमद – असम

श्री ओथुवर थिरुथानी स्वामीनाथन – तमिलनाडु

सुश्री पोखिला लेकटेपि – असम

श्री प्रोसेन्जित चटर्जी – पश्चिम बंगाल

श्री आर. कृष्णन (मरणोपरांत) – तमिलनाडु

श्री रघुवीर तुकाराम खेडकर – महाराष्ट्र

श्री राजस्तापति कालयप्पा गौंडर – तमिलनाडु

श्री सतीश शाह (मरणोपरांत) – महाराष्ट्र

श्री सांग्युसांग एस. पोंगेनर – नागालैंड

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श्री सारथ कुमार पात्र – ओडिशा

श्री सिमांचल पात्रो – ओडिशा

सुश्री त्रिप्ती मुखर्जी – पश्चिम बंगाल

श्री टागा राम भील – राजस्थान

श्री तरुण भट्टाचार्य – पश्चिम बंगाल

श्री थिरुवारूर भक्तवत्सलम – तमिलनाडु

श्री यूमनाम जत्रा सिंह (मरणोपरांत) – मणिपुर

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