विक्की कौशल स्टारर ब्लॉबस्टर फिल्म 'छावा' बॉक्स ऑफिस पर रिलीज के समय भी काफी विवादों में रही थी. बीते दिनों इस फिल्म को म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान ने 'बांटने वाली' बताया था. जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी. अब इस पूरे विवाद पर फिल्म के राइटर ऋषि विरमानी ने अपनी राय रखी है.
विरमानी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि फिल्म समाज में फूट डालने का काम कर रही है. उनका मानना है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम है और यह लोगों की बरसों पुरानी सोच को रातों-रात नहीं बदल सकता.
क्या कहा फिल्म के राइटर ऋषि विरमानी ने?
Zoom को दिए इंटरव्यू में ऋषि विरमानी ने उन दावों पर पलटवार किया कि फिल्म नफरत या बंटवारे को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने कहा, 'यह यकीन करना बेहद मुश्किल है कि महज कुछ घंटों का स्क्रीन टाइम किसी इंसान की पूरी विचारधारा या सोच को बदल सकता है.' विरमानी का तर्क है कि दर्शक खुद बहुत समझदार हैं और वे अपनी स्वतंत्र सोच रखते हैं. उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि दर्शकों ने 'छावा' को जिस तरह का रिस्पॉन्स दिया है, वैसा जुड़ाव उन्होंने लंबे समय से किसी फिल्म के लिए नहीं देखा.
उन्होंने आगे कहा, 'संभाजी महाराज एक ऐसी ऐतिहासिक शख्सियत हैं, जो बहुत पहले ही इस तरह की सिनेमाई पहचान के हकदार थे. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी लोगों के दिलों में जगह बनाएगी और संभाजी महाराज के बलिदान की कहानी हर घर तक पहुंचेगी.'
एआर रहमान ने क्या कहा था?
दरअसल इस विवाद की शुरुआत बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए रहमान के एक इंटरव्यू से हुई थी. उनसे पूछा गया था कि क्या एक तमिल कंपोजर होने के नाते उन्होंने कभी बॉलीवुड में भेदभाव का सामना किया है? इस पर रहमान ने कहा था कि शायद पिछले आठ सालों में पावर शिफ्ट होने की वजह से कुछ बदलाव आए हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि अब पावर उन लोगों के हाथ में है जो क्रिएटिव नहीं हैं और इसमें सांप्रदायिकता का एंगल भी हो सकता है.इसके साथ ही उन्होंने फिल्म 'छावा' की आलोचना भी की थी, इसे बांटने वाली फिल्म बताया था. हालांकि इस फिल्म में म्यूजिक रहमान ने ही दिया था.