गौतमी कपूर टीवी टाउन की फेमस एक्ट्रेस हैं. गौतमी 51 साल की हैं. गौतमी ने रियल लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं. पहले पति से उनका तलाक हो गया था. तलाक के बाद एक्ट्रेस ने साल 2003 में एक्टर राम कपूर से दूसरी शादी रचाई थी. गौतमी ने अब अपने तलाक और राम कपूर संग अपने रिश्ते पर बात की है.
क्या बोलीं गौतमी?
बता दें कि राम कपूर और गौतमी कपूर सबसे पहले टीवी शो 'घर एक मंदिर' के सेट पर मिले थे. शो के दौरान दोनों को प्यार हुआ और फिर डेटिंग के बाद उन्होंने शादी रचा ली थी. राम कपूर संग रिश्ते पर गौतमी ने लेटेस्ट इंटरव्यू में कहा- मैं हमेशा से प्यार में सच्चा विश्वास रखती आई हूं. मैंने प्यार को लेकर कभी इमोशनल बैगेज कैरी नहीं किया. जब मैं उनसे मिली, तो मैंने देखा कि वो एक इंडीपेंडेंट इंसान हैं. वो पहले मेरे दोस्त थे और फिर मुझे उनसे प्यार हुआ. मैंने कभी भी प्यार में, या प्यार में पड़ने के एहसास में विश्वास करना बंद नहीं किया था. मैं ऐसी ही हूं. आज भी, मेरे लिए प्यार ही सबसे पहले आता है. इसलिए, मेरे लिए यह कभी मुश्किल नहीं था.
वहीं, पत्नी गौतमी के पहले पति संग तलाक पर राम कपूर बोले- वो बस एक गलत मैच था. शुरुआत से ही बस यही बात थी. लेकिन उसके अलावा, वो एक बेहतरीन इंसान थे. उन्होंने कभी गौतमी के साथ बुरा व्यवहार नहीं किया था. बस शुरू से ही वो मेल सही नहीं था.
अपने पहले तलाक पर गौतमी बोलीं- मैं उस समय बहुत छोटी, नादान और नासमझ थी. जैसे आज अगर आप मुझसे पूछेंगे, क्या मैं कभी ऐसा करती? कभी नहीं. मैं ऐसा कभी नहीं करती. मैं बहुत छोटी, नादान थी और मुझे दुनिया की समझ नहीं थी.
कैसे पिता हैं राम कपूर?
राम कपूर ने ये भी बताया कि वो अपना करियर बनाने में इतने ज्यादा बिजी थे कि वो अपने बच्चों को वक्त ही नहीं दे पाते थे. 10 साल तक उनके बच्चे उनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते थे. इस बारे में बात करते हुए एक्टर बोले- आज मैं जो कुछ भी हूं, सिर्फ उनकी (गौतमी) वजह से हूं. उन्होंने बच्चों और घर को इतनी बखूबी संभाला कि मुझे एक दिन के लिए भी उसकी चिंता नहीं करनी पड़ी. यही वजह है कि मैं 15 सालों तक अपने करियर पर ध्यान दे सका और वो बन सका जो मैं आज हूं.
'गौतमी 'मदर इंडिया' हैं. उन्हें सचमुच किसी की जरूरत नहीं है. वो सब कुछ खुद करती हैं और किसी को दखल नहीं देने देतीं. कोई भी सफल आदमी इसलिए सफल होता है, क्योंकि उसके पीछे एक बहुत मजबूत महिला होती है, जिसने उसे सफल होने का मौका दिया. वरना, यह नामुमकिन है. मुझे अपने बच्चों की कभी चिंता नहीं करनी पड़ी. इसीलिए मैं गैर-हाजिर था. मेरे बच्चे 10 साल तक मुझे असल में जानते ही नहीं थे. '