क्रिकेटर युजवेंद्र चहल संग रिलेशनशिप को लेकर चर्चा में आईं आरजे महवश की 19 साल की उम्र में सगाई टूट चुकी है. क्योंकि मंगेतर ने उन्हें धोखा दिया था. महवश ने अपने बीते कल को याद किया और बताया कि वो दौर कितना दर्दनाक था. मंगेतर के धोखे की वजह से डिप्रेशन में चली गई थीं.
पिंकविला से बातचीत में महवश ने अपनी आपबीती शेयर की, और साथ ही बताया कि वो एक्सपीरियंस अगर उन्हें न हुआ होता थो शायद वो कभी अलीगढ़ से नहीं निकल पातीं. और न ही इस मुकाम पर पहुंच पातीं जहां आज हैं. वो इतनी दवाईयां लेती थीं कि हैलुसिनेट करने लगी थीं.
महवश ने कहा कि उनकी मुलाकात मंगेतर से फेसबुक के जरिए हुई थी, वो अलीगढ़ के काफी पॉपुलर और रसूखदार शख्स थे. उनसे शादी करने के लिए एक्ट्रेस अपने परिवार से लड़ गई थीं. इसलिए जब धोखा मिला तो वो परिवार को बताने में हिचकिचा रही थीं.
महवश बोलीं- मैं 19 साल की थी, लेकिन उसके प्यार में उतावल हो गई थी, लगता इससे बेहतर कोई नहीं है. मैं घरवालों से कहती थी कि ये नहीं मिले तो भाग जाऊंगी. बाद में शर्म से मुंह नहीं उठा पा रही थी कि कैसे बताऊं घवालों को, कितना थेरेपिस्ट से झूठ बोलकर अस्पताल जाऊं कि क्यों दवाईयां खा रही हूं.
महवश बोलीं कि उस शख्स ने उन्हें एक-दो नहीं बल्कि तीन बार धोखा दिया. वो हर बार माफ करती आ रही थीं. फिर लगा कि ये तो लूप हो गया है, खत्म ही नहीं हो रहा है. वहां के तो थेरेपिस्ट भी घरवालों को बता देंगे अगर असली वजह बताई तो. वो जगह छोटी-सी है ना, सब जानते हैं ज्यादातर एक-दूसरे को.
महवश ने आगे बताया कि बावजूद इसके वो मानती हैं जो हुआ अच्छा हुआ, भगवान ने उन्हें बचा लिया. वो बोलीं- उस शख्स का तलाक हो गया है क्योंकि उसने अपनी प्रेग्नेंट पत्नी को भी धोखा दिया. उस इंसान का वही है पैटर्न है. वो बदल ही नहीं सकता.
एक्ट्रेस ने बताया इस वजह से मैं अलीगढ़ से निकली कि उसे देखना नहीं पड़ेगा. इस दौरान महवश का दोस्तों ने बहुत साथ दिया. वो बोलीं- इसलिए शायद में दोस्ती को बहुत मानती हूं. क्योंकि मेरे दोस्त मुझे बताते हैं कि मैं कैसे भ्रम में रहती थी. मैं बदहवास सी रहती थी, अपने आप चीजें इमेजिन करती थी. कोई नहीं होता था लेकिन मैं कहती थी- कोई आ रहा है.
महवश ने बताया कि उनपर इंजेक्शन्स और दवाईयों के हेवी डोज का बहुत गहरा असर होता था. जो मुझे पैनिक अटैक्स आते थे उसकी वजह से वो पिल्स लेने पड़ते थे. समझ नहीं आता कि कैसे मैं इतनी डूब गई थी. मैं इतनी यंग थी कि समझ ही नहीं आता था कि इससे कैसे निकलना है.
महवश ने आगे बताया कि क्योंकि मैं मानती हूं कि जो आपका दिल तोड़ता है वही आपको ठीक भी कर सकता है. इसलिए मैंने जाकर अपनी हालत के बारे में उसी इंसान को बताया, लेकिन तभी वो चीज हुई जिसने मुझे रियलाइज कराया कि ये कितना गलत है.
महवश बोलीं- मैं इतना बेचारी फील कर रही थी कि उससे कहा जाकर कि- यार मैं हॉस्पिटल में थी, इतना कुछ हो गया तू आया भी नहीं मुझसे मिलने. और उसने बोला- तुम पागल हो, तुम अस्पताल में हो, अगर ये बात मेरे घरवालों को पता चल गई कि- तुम मेंटल पेशंट हो, तो क्या होगा.
आरजे महवश ने समझाया कि ये लाइन उन्हें कैसे हिट कर गई कि जिस आदमी की वजह से वो अस्पताल में है, दवाईयां खा रही हैं, वही उन्हें पागल कह रहा है. वो समझ गईं कि ये सही नहीं है. वो बोलीं- अब मैं मेंटल नहीं बनूंगी. अब तू बनेगा मेंटल पेशंट मैं जा रही हूं.