28 फरवरी को यूएस और इजरायल ने ईरान पर बड़ा हमला किया. इसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी धमाका किया. इस कंफ्लिक्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत हो गई. ईरान में जन्मीं एक्ट्रेस एलनाज नौरोजी ने मौजूदा हालात पर खुलकर बात की है.
(Photo: Instagram @iamelnaaz)
एलनाज 8 साल की उम्र तक ईरान तेहरान में रहीं, फिर जर्मनी चली गईं और बाद में काम के सिलसिले में भारत आ गईं. उनके माता-पिता जर्मनी में हैं, लेकिन परिवार के कई सदस्य अब भी ईरान में रहते हैं. वो खामेनेई की मौत से खुश हैं.
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ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे से बातचीत में एलनाज ने अपनी कहानी बताई. और साथ ही ईरान के इतिहास का भी जिक्र किया. एलनाज ने बताया कि कैसे उनका परिवार तो वहां से निकल गया लेकिन कुछ रिश्तेदार आज भी वहीं हैं. वहीं एलनाज को ईरान की धरती पर कदम रखने की इजाजत नहीं है.
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एलनाज कहती हैं- ये टकराव 40 साल से चला आ रहा है. मैं तेहरान में पैदा हुई हूं और मुझे सब याद है. जब हम ईरान की बात करते हैं तो इस्लामिक रिपब्लिक और वहां के लोगों में फर्क करना जरूरी है. ज्यादातर ईरानी लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं, उनकी सोच सरकार जैसी नहीं है.
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एलनाज खुले तौर पर इस्लामिक रिपब्लिक का विरोध करती हैं, कहती हैं कि अगर वो ईरान गईं तो उनकी जान को खतरा हो सकता है. एलनाज ने कहा- 2022 के आंदोलन के दौरान मैंने सरकार और खामेनेई के खिलाफ आवाज उठाई थी. महसा अमीनी की मौत के बाद लोग सड़कों पर उतर आए थे. उस वक्त मैंने खुलकर बोला.
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उन्होंने कहा- अगर इस युद्ध में लोग मरते हैं, तो मैं आयतुल्लाह को जिम्मेदार मानूंगी. लोग कई बार कह चुके हैं कि उन्हें ये शासन नहीं चाहिए, लेकिन यह तानाशाही है. अगर आप आवाज उठाते हैं, तो आपको जेल में डाल दिया जाता है.
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ईरान के इतिहास पर बात करते हुए एलनाज ने कहा- ईरान बहुत जटिल देश है. 40 साल से लोग हर दिन उम्मीद करते हैं कि एक दिन उन्हें आजादी मिलेगी. पहले ईरान भी भारत की तरह अलग-अलग कल्चर वाला देश था. ईरान में अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोग रहते थे. यह देश कभी पूरी तरह इस्लामिक नहीं था, यहां पारसी धर्म का प्रभाव था. लोग जो चाहें पहन सकते थे, जो चाहें बोल सकते थे. ईरान को फिर से लोकतंत्र की जरूरत है.
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एलनाज कहती हैं कि जर्मनी जाने का फैसला उनके माता-पिता ने लिया, जिसकी वजह से वह आज सुरक्षित हैं. लेकिन उनका बाकी परिवार अब भी ईरान में है. इस वक्त इंटरनेट ब्लैकआउट है और मैं अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रही हूं. उम्मीद है वे घर के अंदर सुरक्षित होंगे. लोग खामेनेई की मौत पर सड़कों पर जश्न मना रहे हैं, लेकिन इससे जान को खतरा है.
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एलनाज कहती हैं- हर किसी के लिए देश छोड़ना आसान नहीं होता. शरण लेने का प्रॉसिजर बहुत मुश्किल है. महंगाई इतनी है कि लोग अंडे खरीदने के लिए कर्ज ले रहे हैं. अगर आप चुप रहें तो जी सकते हैं, लेकिन हालात आसान नहीं हैं.
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