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60 साल पहले, छठ पूजा बड़े पर्दे पर लेकर आई थी ये फिल्म... बॉलीवुड के बड़े सिंगर्स ने गाए थे गीत

बिहार और उत्तर प्रदेश में छठ को त्यौहार ही नहीं, महापर्व कहा जाता है. इस महापर्व के गीतों का रस ऐसा है कि देश में जो लोग छठ नहीं भी करते, उन्होंने ने भी छठ के गीत जरूर सुने हैं. मगर क्या आप जानते हैं कि बड़े पर्दे पर छठ पूजा पहली बार कब नजर आई थी? चलिए बताते हैं...

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छठ पूजा को बड़े पर्दे पर लाने वाली पहली फिल्म (Photo: IMDB)
छठ पूजा को बड़े पर्दे पर लाने वाली पहली फिल्म (Photo: IMDB)

छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है. नहाए-खाए की विधि के साथ शुक्रवार सुबह से ही घरों में छठ मैया की पूजा का उल्लास नजर आने लगा है. घरों से छठ गीतों की मधुर धुनें सुनाई देने लगी हैं. ये छठ गीत, भोजपुरी म्यूजिक में एक पूरा जॉनर हैं. बिहार की स्वर कोकिला कही जाने वालीं गायिका, स्वर्गीय शारदा सिन्हा के छठ गीतों का असर तो ऐसा रहा है कि जहां छठ पूजा नहीं भी मनाई जाती, वहां भी लोगों ने उनके छठ गीत सुने हैं. 

बिहार और उत्तर प्रदेश (खासकर पूर्वांचल) की संस्कृति में महत्वपूर्ण बन चुकी छठ गीतों में ही नहीं, फिल्मों में भी बड़े पर्दे पर उतर चुकी है. इस साल भी छठ पूजा पर नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर नितिन चंद्रा की फिल्म 'छठ', वेव्स ओटीटी पर रिलीज हुई है. मगर क्या आप जानते हैं कि छठ पूजा, पहली बार बड़े पर्दे पर कब दिखाई गई थी?

60 साल पहले बड़े पर्दे पर उतरी थी छठ पूजा 
फिल्मों में छठ पूजा दिखाए जाने का इतिहास 60 साल से भी ज्यादा पुराना है. के एल सहगल, देव आनंद और मीना कुमारी जैसे बड़े हिंदी फिल्म स्टार्स के साथ काम कर चुके डायरेक्टर फणी मजूमदार पहली बार छठ पूजा को बड़े पर्दे पर लेकर आए थे. आज से करीब 64 साल पहले, 1961 में उनकी फिल्म 'भैया' रिलीज हुई थी. नालंदा चित्र प्रतिष्ठान के बैनर तले बनी ये पहली फिल्म वैसे तो मगधी में थी, मगर इसकी भाषा काफी सरल रखी गई थी. इसे हिंदी भाषी भी आराम से समझ सकते हैं. तरुण बोस, विजय चौधरी, पद्मा खन्ना के साथ हेलेन, शुभा खोटे, अचला सचदेव और रामायण तिवारी जैसे चर्चित नाम इस फिल्म का हिस्सा थे. 

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फैमिली ड्रामा फिल्म 'भैया' में था पहली बार पर्दे पर आई थी छठ पूजा (Photo: Screengrab- Youtube/RAJRISHIFILMS)

'भैया' ऐसे लड़के के कहानी थी जो अपने सौतेले भाई के प्रेम पर, अपना प्रेम कुर्बान कर देता है. इस फैमिली ड्रामा फिल्म की शुरुआत ही छठ पूजा से होती है. दिलचस्प ये है कि जहां गीतों और फिल्मों में अधिकतर महिलाओं को छठ पूजा का व्रत-अनुष्ठान करते दिखाया जाता है. वहीं आज से 60 साल पहले आई 'भैया' में हीरो तरुण बोस छठ करते नजर आए थे. 

हिंदी फिल्मों के बड़े गायकों ने गाए थे 'भैया' के गीत 
भोजपुरी, मगधी और मैथिली फिल्मों की शुरुआत में हिंदी फिल्मों के कलाकारों का बड़ा योगदान था. इन रीजनल फिल्मों के शुरुआती कलाकारों और क्रू में अधिकतर ऐसे नाम होते थे जो हिंदी फिल्मों से भी जुड़े हुए थे. ये लोग बस अपनी मातृभाषा में सिनेमा बनता देखना चाहते थे. इन लोगों का साथ दूसरे बड़े हिंदी नाम भी खूब देते थे. इसी तरह 'भैया' की भी सिर्फ कास्ट में ही नहीं, बल्कि म्यूजिक डिपार्टमेंट में भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नाम शामिल थे. 

'भैया' में छठ पूजा करते नजर आए थे हीरो तरुण बोस (Photo: Screengrab- Youtube/RAJRISHIFILMS)

'भैया' में प्लेबैक गीतों को आवाज देने वालों में लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी तो थे ही. लता की बहनें, आशा भोंसले और उषा मंगेशकर भी थीं. कमल बरोट और मन्नाडे ने भी 'भैया' में गाने गाए थे. फिल्म की शुरुआत छठ पूजा के जिस सीक्वेंस से होती है, वहां एक बहुत मधुर छठ गीत भी है. इसके बोल हैं 'सूपवे नरियरवे बझलीं मोरी मैया...' यानी छठ मैया सूप और नारियल जैसी चीजों में ही खुश हो जाती हैं. ये गीत छठ की इस कथा पर बेस्ड है कि छठ का व्रत मां सीता ने भी किया था. हिंदी फिल्म म्यूजिक के लेजेंड्स में से एक चित्रगुप्त ने ये गाना कंपोज किया था और लिरिक्स लिखे थे विंध्यवासिनी देवी और प्रेम धवन ने. 

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'भैया' को बिहार-उत्तर प्रदेश के रीजनल लैंग्वेज सिनेमा में महत्वपूर्ण फिल्म माना जाता है. 'लगल करेजवा में', 'पूरब पच्छिमवा से अइलें सोन दुलहा' और 'भंवरवा रहे गूंजराय' जैसे कई पॉपुलर गाने तो इस फिल्म ने दिए ही. छठ पूजा के सीन्स के लिए भी इसे आइकॉनिक माना जाता है. इस फिल्म के कलाकारों ने अगले कुछ सालों में भोजपुरी सिनेमा में भी बड़ा योगदान दिया था. 

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