उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले की एक विधानसभा सीट है नरेंद्रनगर विधानसभा सीट. पर्वतीय क्षेत्र की नरेंद्रनगर विधानसभा सीट के तहत नरेंद्रनगर कस्बा आता है. नरेंद्रनगर का उत्तराखंड की सियासत में राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अलग ही महत्व है. नरेंद्रनगर कभी टिहरी रियासत की राजधानी भी था. नरेंद्रनगर को टिहरी रियासत के महाराजा नरेंद्र शाह ने बसाया था. नरेंद्र शाह ने अपनी राजधानी प्रतापनगर से नरेंद्रनगर स्थानांतरित की थी.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
नरेंद्रनगर विधानसभा सीट का उत्तराखंड की सियासत में अलग महत्व है. नरेंद्रनगर विधानसभा सीट पर अब तक हुए चार चुनाव में दो दफे कांग्रेस, एक दफे उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और एक ही दफे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार को जीत मिली है. इस सीट से सुबोध उनियाल तीन दफे विधायक रहे हैं.
नरेंद्रनगर विधानसभा सीट के लिए साल 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर उतरे सुबोध उनियाल विजयी रहे थे. 2007 के चुनाव में सुबोध को मात खानी पड़ी. 2007 में यूकेडी के ओम गोपाल, सुबोध उनियाल को शिकस्त देकर विधानसभा पहुंचे. 2012 के चुनाव में सुबोध उनियाल ने 2007 की हार का बदला ले लिया और कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए.
2017 का जनादेश
नरेंद्रनगर विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में समीकरण बदले. 2012 में कांग्रेस के टिकट पर दूसरी दफे विधायक निर्वाचित हुए सुबोध उनियाल पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो चुके थे. बीजेपी ने सुबोध उनियाल को विधायकी का टिकट भी दिया और वे जीतकर नरेंद्रनगर सीट से तीसरी दफे विधानसभा पहुंचे. सुबोध उनियाल ने निर्दलीय ओम गोपाल रावत को हराया था.
सामाजिक ताना-बाना
नरेंद्रनगर विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां हर जाति-वर्ग के लोग रहते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में क्षत्रिय मतदाताओं की तादाद अधिक है. पर्वतीय क्षेत्र की इस विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम तय करने में सामान्य वर्ग के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
नरेंद्रनगर विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के सुबोध उनियाल सूबे की सरकार में मंत्री भी हैं. सुबोध उनियाल का दावा है कि उनके कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हुआ है. सड़कों का निर्माण हुआ है. विपक्षी दलों के नेता विधायक सुबोध उनियाल के दावे को हवा-हवाई बताते हुए इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं.