मुलायम सिंह यादव अपनी बीमार मां का इलाज करा रहे थे. एक नर्स मुलायम सिंह की मां मूर्ति देवी को गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी. वहां मौजूद एक महिला ने गलत इंजेक्शन लगाने से रोक दिया. बताते हैं कि तभी से एक नई शुरुआत मुलायम सिंह की जिंदगी में हुई. वो शुरुआत थी साधना गुप्ता से रिश्ते की, जिसे साल 2003 में जाकर मुलायम सिंह ने नाम दिया. साधना गुप्ता को अपनी पत्नी का दर्जा दिया. बात 1980 के दशक की है. यूपी के औरैया जिले के बिधूना के रहने वाले कमलापति की 23 साल की बेटी साधना नर्सिंग की ट्रेनिंग कर रही थी. लेकिन वो राजनीति में कुछ करना चाहती थी. यही ललक इस लड़की को राजनीतिक कार्यक्रमों में लेकर चली गई और वहीं पर बताया जाता है मुलायम सिंह यादव ने पहली बार साधना गुप्ता को देखा. देखें लखनऊ की लड़ाई.