उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections 2022) में राजनीतिक दल भले ही परिवारवाद को नकारने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है. परिवारवाद की एक ऐसी ही तस्वीर उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में देखने को मिली है.
यहां समाजवादी पार्टी ने देवरानी और जेठानी को दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है.
एक ही परिवार से ताल्लुक रखने वाली यह देवरानी और जेठानी अगल बगल की विधानसभाओं से चुनाव मैदान में उतरी हैं. सोमवार को समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार देवरानी और जेठानी ने एक साथ अपने नामांकन पत्र अलग-अलग विधानसभाओं के लिए दाखिल किए.
पूर्व मंत्री की परमाई लाल की हैं बहू
हरदोई की सांडी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने ऊषा वर्मा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. ऊषा वर्मा पहले भी कई बार सांसद रह चुकी हैं. उन्होंने एक बार मंत्री पद भी संभाला था. इसके साथ ही सपा ने गोपामऊ विधानसभा सीट से राजेश्वरी देवी को चुनावी मैदान में उतारा है. राजेश्वरी पहले भी विधायक रह चुकी हैं. ये दोनों प्रत्याशी देवरानी-जेठानी हैं. ऊषा और राजेश्वरी पूर्व मंत्री दिवंगत परमाई लाल की बहू हैं.
2019 में लोकसभा का चुनाव हारने के बाद समाजवादी पार्टी ने उनको सांडी सुरक्षित विधानसभा से अपना उम्मीदवार बनाया है उनके बगल की गोपामऊ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने जेठानी राजेश्वरी देवी को चुनाव मैदान में उतारा है. राजेश्वरी देवी एक बार बहुजन समाज पार्टी से और एक बार समाजवादी पार्टी से विधायक रही हैं.
2017 के चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के टिकट पर हार का सामना करना पड़ा था लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उन पर फिर से भरोसा किया है. नामांकन भरने के बाद दोनों ही प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है.
यूपी में कब हैं चुनाव?
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में चुनाव होने वाले हैं. यूपी में इन चरणों के तहत 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को मतदान होगा. वहीं, चुनावों के नतीजे 10 मार्च को आएंगे.
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