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UP Election: कोरोना काल में बदला चुनाव प्रचार का तरीका, जानिए कैसे कैंपेन कर रहे राजनीतिक दल

कोरोना काल में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections 2022) होने जा रहे हैं. संक्रमण को देखते हुए चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की रैलियों पर रोक लगा दी है. ऐसे में सभी दलों के लिए सबसे बड़ा सहारा सोशल मीडिया है. सभी पार्टियों सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजनीतिक दलों की चुनावी रैलियों पर लगी है रोक
  • सोशल मीडिया चुनावी पार्टियों के लिए बना सबसे बड़ा सहारा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections 2022) का बिगुल बज गया है और चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. कोरोना की लगातार तेज हो रही लहर की वजह से इस बार विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार का पैटर्न बदल गया है. चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की चुनावी रैलियों पर रोक लगा दी है. डोर टू डोर के साथ वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार करने की हिदायत दी है. चुनाव आयोग (Election commission) ने आचार संहिता लागू होने के साथ ही साथ 15 जनवरी तक तमाम तरह की रैलियों पर रोक लगा दी थी. इसे अब बढ़ाकर आगामी 22 जनवरी तक कर दिया गया है.

चुनाव आयोग के निर्देश के बाद तमाम राजनीतिक दल एक तरफ जहां डोर टू डोर जाकर प्रचार कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ प्रचार के वर्चुअल तरीके भी अपनाए जा रहे हैं. तमाम राजनीतिक दल सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हो गए हैं और मीडिया के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचा रहे हैं. आजतक की टीम ने उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों में पड़ताल की और यह जानने की कोशिश की कि चुनाव आयोग की सख्ती के बाद राजनीतिक दल किस तरह से प्रचार प्रसार कर रहे हैं.

वाराणसी में इस तरह हो रहा चुनाव प्रचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रही है. काशी क्षेत्र के भाजपा आईटी सेल के सह संयोजक अरविंद पांडे ने बताया कि सोशल मीडिया पर उनका तंत्र पहले से ही मजबूत रहा है, लेकिन जब से रैलियों पर रोक लगी है, तब से सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक्टिव कर दिया गया है. बूथ स्तर पर भी Whatsapp Group बनाए गए थे, जिन्हें एक्टिव कर दिया गया है और सेटअप भी बढ़ा दिया गया है.

उन्होंने बताया कि निगरानी समितियां बनाई गई हैं, जिनमें 10-10 और 5-5 लोगों को रखा गया है. इसके लिहाज से उनका भी वॉट्सएप ग्रुप बढ़ा है. लड़ाई डिजिटल होने की वजह से जिम्मेदारी भी बढ़ चुकी है. वाराणसी में गुलाब बाग महानगर कार्यालय और रोहनिया स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर अब वर्क लोड को बांटकर किया जा रहा है.

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP) भी डोर टू डोर जाकर चुनाव प्रचार कर रही है. यह तीनों दल भी सोशल मीडिया का जमकर सहारा ले रहे हैं.

प्रयागराज में बदल गया चुनाव प्रचार का तरीका

कोरोना महामारी की तीसरी के चलते होने वाले चुनाव में होने वाली रैलियों पर चुनाव आयोग ने ब्रेक लगा दिया है. ऐसे ने सभी राजनीतिक पार्टियां अपना अपना चुनाव प्रचार डिजिटल तरीके से करने लगी हैं. वहीं बारह विधानसभा वाले प्रयागराज में भी सभी दलों ने चुनाव प्रचार का तरीका बदल लिया है और डिजिटल प्लेटफार्म को अपना सहारा बनाया है. बीजेपी ने डोर टू डोर कैंपेंनिंग शुरू कर लोगों से मुलाकात करके अपने पक्ष में लोगों से समर्थन मांगना शुरू कर दिया है और जन जन से जुड़ने के लिए बीजेपी कार्यालय में आईटी सेल को मजबूत कर इसका हब बनाया है. बीजेपी जिला अध्यक्ष गणेश केशरवानी के मुताबिक, सोशल मीडिया, वॉट्सप ग्रुप बनाकर वोटरों से जुड़ने की कोशिश तेज़ कर दी गई है.

समाजवादी पार्टी भी सोशल मीडिया पर एक्टिव

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता भी पांच पांच के ग्रुप में जा जाकर जनता को अपनी उपलब्धियां बता रहे हैं और सोशल मीडिया को भी सहारा बनाया है. लोग ट्विटर, फेसबुक, वॉट्सएप पर सक्रिय हो गए हैं. सपा प्रवक्ता निधि यादव की मानें तो सभी का अपना वॉट्सएप ग्रुप तो बना ही ह, इसके साथ ही जो अन्य डिजिटल प्लेटफार्म हैं, उसके जरिये जनता से सीधे जुड़कर अपनी बात रखकर समाजवादी पार्टी को मजबूत किया जा रहा है. वहीं काग्रेस और बसपा भी डिजिटल तरीके से जनजन तक पहुंचने की लगातार कोशिश में है.

योगी के गढ़ में भी सोशल मीडिया पर एक्टिव हुईं पार्टियां

चुनाव आयोग की गाइडलाइन (Election Guidelines) पर चल रहा भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अभियान अब नए रास्ते को अपनाने की तलाश में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में भी राजनीतिक दल सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गए हैं. गोरखपुर भाजपा लाभार्थी सम्पर्क अभियान प्रमुख मनु जायसवाल ने बताया कि सभी बूथों पर हमारे कार्यकर्ता अभी फिलहाल डोर टू डोर लोगों से संपर्क कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि यदि कोरोना की वजह से मामला गंभीर होना शुरू होगा तो यह संख्या भी घटाकर दो कर दी जाएगी और उसके बाद भी कुछ नए तरीकों से पब्लिक को जोड़ने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग वॉट्सएप ग्रुप फेसबुक के माध्यम से चुनाव प्रचार किया जा रहा है. भाजपा के स्थानीय नेताओं के अनुसार, अभी फिलहाल इनके कुछ वॉट्सएप ग्रुप बूथ वाइज बने हुए हैं, लेकिन अब इसे नए रूप में यानी पब्लिक वॉट्सएप ग्रुप ज्यादा से ज्यादा बनाया जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक भारतीय जनता पार्टी का संदेश पहुंच सके और लोगों से संपर्क किया जा सके.

कांग्रेस नेता बोले- ज्यादातर सोशल मीडिया का सहारा लेंगे

गोरखपुर में कांग्रेस पार्टी भी सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार अभियान में जुट गई है. प्रदेश कांग्रेस कार्य समिति सदस्य व जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष तौकीर आलम ने बताया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन का पालन करते हुए हम लोग अभी तक काम कर रहे हैं, लेकिन अब ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया का सहारा लेंगे. इसके अलावा सोशल मीडिया से संबंधित जो भी उपाय होंगे, उन सभी पर हमारी निगाह रहेगी.

वहीं समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष ने बताया कि हम चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन पूरी तरीके से कर रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रख रहे हैं. हम वर्चुअल माध्यम से लोगों से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा वॉट्सएप ग्रुप के साथ सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म को हम अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें हमने आईटी सेल भी अपने जिला कार्यालय में गठित कर दिया है. अपने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वह ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को प्रयोग करें और ज्यादा से ज्यादा ग्रुप बनाकर लोगों से संपर्क साधने की कोशिश करें.

सहारनपुर में डिजिटल प्लेटफार्म पर सक्रिय हुई राजनीति

सहारनपुर से भाजपा के मीडिया प्रभारी गौरव गर्ग के अनुसार, इस समय पांच पांच लोगों के ग्रुप बनाकर डोर टू डोर प्रचार चल रहा है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार चल रहा है. उसके लिए प्रत्येक विधानसभा में 5 से 6 मंडल बनाए गए हैं. प्रत्येक मंडल पर बूथ वार मीडिया संयोजक बनाकर ग्रुप बनाए गए हैं. यह ग्रुप वॉट्सएप, फ़ेसबुक व इंस्टाग्राम के माध्यम से प्रचार कर रहे हैं.अधिकतर कंटेंट ऊपर से आता है. लोकल विधानसभा के हिसाब से कंटेंट यहीं से भेजा जाता है. इसके लिए अलग से टीमें काम कर रही हैं.

सहारनपुर से बसपा के ज़िला अध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद के अनुसार, सबसे ज़्यादा डोर टू डोर सम्पर्क अभियान पर ज़ोर दिया जा रहा है. डिजिटल प्रचार के लिए प्रत्येक विधानसभा में सेक्टर कमेटियां बनाई गई हैं. उसके बाद प्रत्येक बूथ पर पांच पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं. उन्होंने अपने अपने बूथों पर कई कई ग्रुप बनाए हैं और उन्हीं पर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा है.

कांग्रेस की बात करें तो सहारनपुर में कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष मुज़फ़्फ़र तोमर के अनुसार, सबसे ज़्यादा ध्यान डोर टू डोर प्रचार पर है. इसके साथ ही प्रत्येक विधानसभा में कार्यकर्ताओं द्वारा वॉट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार चल रहा है. वहीं समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया प्रभारी कन्हैया के अनुसार प्रत्येक विधानसभा में डोर टू डोर प्रचार के साथ साथ अपने समर्थकों को वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया है. इस पर zoom के माध्यम से प्रचार किया जा रहा है. इसके साथ ही SP Wing लखनऊ से प्रत्येक विधानसभा के प्रत्येक सेक्टर में वॉट्सएप ग्रुप बनाकर उन पर वहीं से प्रचार प्रसार सामग्री डाली जाती है. उन ग्रुपों में विधानसभा अनुसार, प्रचार सामग्री यहां से डाली जा रही है.

मेरठ में राजनीतिक दल ले रहे सोशल मीडिया का सहारा

मेरठ में भी तमाम राजनीतिक दल डोर टू डोर प्रचार तो कर ही रहे हैं, साथ ही साथ सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं. यहां भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. बीजेपी के वेस्ट यूपी मीडिया प्रभारी गजेंद्र का कहना है कि मेरठ सहित वेस्ट यूपी में भाजपा के लगभग 25000 वॉट्सएप ग्रुप बने हुए हैं. इसमें लगभग 20 लाख लोगों को जोड़ा गया है और हर बूथ पर पांच पांच लोगों की टीम बनाई जा रही है, जो डोर टू डोर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं.

समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि चुनाव आयोग ने जितने भी निर्देश दिए हैं, उसके अनुसार प्रचार किया जा रहा है. वॉट्सएप ग्रुप भी बनाए जा रहे हैं और लगातार उनसे लोगों से संपर्क बनाया जा रहा है. वहीं कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अवनीश काजला का कहना है कि 2350 वॉट्सएप ग्रुप चल रहे हैं, जिसमें तकरीबन साढ़े चार लाख के आसपास लोग जुड़े हुए हैं. हर वार्ड में पांच पांच लोगों की कमेटी बनाई गई है, जो घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रही है और वॉट्सएप ग्रुप बनाए जा रहे हैं.

मुजफ्फरनगर में डोर टू डोर और सोशल मीडिया पर किया जा रहा है प्रचार

अगर बात मुज़फ्फरनगर जनपद की करें तो यहां पर बीजेपी के कार्यकर्ता घर घर जाकर सरकार के कार्यों का बखान कर रहे हैं. बीजेपी के ये कार्यकर्ता डोर टू डोर अपने इस प्रचार को सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल कर जनता तक अपनी बात पहुंचाने का काम कर रहे हैं. इस बारे में मुज़फ्फरनगर के जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला ने बताया कि कोविड को देखते हुए चुनाव आयोग के द्वारा रैलियों पर बैन लगाया गया है. हमारे कार्यकर्ता भी कोविड नियमो का पालन कर घर जाकर प्रचार प्रसार कर रहे हैं, क्योंकि ऐसा कोई घर नहीं है, जहां हमारी पार्टी के द्वारा किए गए कार्यों का लाभ न पहुंच रहा हो. 

ताज नगरी आगरा में भी Social Media पर राजनीतिक दल हुए सक्रिय

आगरा में भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी डिजिटल मीडिया के माध्यम से चुनावी प्रचार कर रही है. पार्टी पदाधिकारी और प्रत्याशी चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार लोगों से मिल रहे हैं और चुनाव का प्रचार कर रहे हैं. 

वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं से भी ऑनलाइन बात हो रही है. सभी पार्टियों ने वॉट्सएप ग्रुप कार्यकर्ताओं को बनवा दिए हैं, जिन पर लिखकर अथवा वीडियो बनाकर मतदाताओं तक भेजा जा रहा है. पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग की जा रही है. वॉट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं. वॉट्सएप ग्रुप पर चुनाव की रणनीति तैयार की जा रही है. प्रचार किया जा रहा है.

(वाराणसी से रोशन जायसवाल, गोरखपुर से गजेंद्र त्रिपाठी, सहारनपुर से अनिल भारद्वाज, आगरा से अरविंद शर्मा, मुजफ्फरनगर से संदीप सैनी और मेरठ से उस्मान चौधरी के इनपुट के साथ)

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