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'पिछड़ों की मदद से बीजेपी ने सरकार बनाई और उन्हें ही तड़पता छोड़ा...', दारा सिंह चौहान ने उठाए सवाल

यूपी में योगी कैबिनेट में मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने आजतक के साथ खास बात की. जिसमें उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा देने के कारण पर बात करते हुए बताया कि जिस प्रदेश में पिछड़े समाज के लोगों ने बीजेपी की सरकार बनाने में मदद की उन्हीं के साथ बुरा वर्ताव किया गया. यह समाज अपनी तमाम तकलीफों को लेकर तड़पता रहा. 

अखिलेश यादव और दारा सिंह अखिलेश यादव और दारा सिंह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 16 जनवरी को SP का दमन थामेंगे दारा सिंह चौहान
  • पिछड़े समाज का बीजेपी ने किया निरादर: दारा सिंह

उत्तर प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. ऐसे में जहां एक तरफ चुनाव करीब है, तो वहीं सूबे की मौजूदा बीजेपी सरकार से इस्तीफों की झड़ी लग चुकी है. शुक्रवार को पार्टी को टाटा कर चुके तमाम विधायकों और कैबिनेट में रहे मंत्रियों ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. हाल ही में योगी कैबिनेट में मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने भी अपना इस्तीफ़ा दे दिया है. जिसके बाद अब उन्होंने भी अखिलेश का दामन थामने की तैयारी कर ली है. 

एक जानकारी के मुताबिक स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ तमाम बीजेपी से आए नेताओं ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली. लेकिन किन्हीं कारणवश इस कार्यक्रम में दारा सिंह सदस्यता ग्रहण नहीं कर सके. बताया जा रहा है कि अब वो 16 जनवरी को समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेंगे.  

इसी बाबत यूपी में योगी कैबिनेट में मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने आजतक के साथ खास बात की. जिसमें उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा देने के कारण पर बात करते हुए बताया कि जिस प्रदेश में पिछड़े समाज के लोगों ने बीजेपी की सरकार बनाने में मदद की, उन्हीं के साथ बुरा वर्ताव किया गया. यह समाज अपनी तमाम तकलीफों को लेकर तड़पता रहा. 

उन्होंने कहा कि जब तक मेरा समाज आराम से नहीं रहा, मैं भी आराम से नहीं रह सकता. जिस समाज की मदद से यूपी में सरकार बनाई गई, उनकी अपेक्षाओं का निरादर किया गया. जब उनसे पूछा गया कि ऐसी कौन सी मांग थी जिसे सरकार ने नहीं माना, दारा सिंह ने जवाब दिया कि जिस तरह से पिछड़े समाज के साथ नाइंसाफी हुई, उनका निरादर हुआ. ऐसे में मैं और हमारे समाज के लोग बीजेपी की नीतियों के खिलाफ खड़े हैं.  

बीजेपी छोड़ स्वामी प्रसाद ने की 'साइकिल' की सवारी

कार्यक्रम में स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी और अन्य 6 विधायकों ने सपा का दामन थाम लिया. इन सभी ने हाल में बीजेपी छोड़ी थी. स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ अन्य कई पूर्व विधायकों ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकने की चुनौती देते हुए नई सियासी लकीर खींच दी. योगी के 80 बनाम 20 के जवाब में स्वामी प्रसाद मौर्य ने 85 तो हमारा है, 15 में भी बंटवारा का ऐलान किया.

स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव का ही तो इंतजार था. अब साइकिल का हैंडल भी ठीक, है दोनों पहिए भी ठीक हैं और पेडल चलाने वाले भी इतने आ गए हैं, अब कोई इसकी रफ्तार नहीं रोक सकता. समाजवादी और अंबेडकरवादी अब साथ हैं.

 

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