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यूपी चुनाव: विदेश में लाखों का पैकेज छोड़कर भरत ने बनाई पार्टी, 121 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

एक शख्स विदेश में मिली नौकरी और लाखों का पैकेज छोड़कर यूपी के गांवों की गली-गली घूम रहा है. इस शख्स का नाम है भरत कात्यायन. भरत कात्यायन ने अपनी राजनीति पार्टी बनाई है, जिसका नाम है नवयुवक दल.

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जनसंपर्क करते भरत कात्यायन
जनसंपर्क करते भरत कात्यायन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भरत कात्यायन ने बनाई अपनी पार्टी
  • 121 सीटों पर चुनाव लड़ेगी नवयुवक दल

ज्यादातर भारतीय युवाओं का सपना होता है विदेश में पढ़ाई और लाखों के पैकेज वाली नौकरी, लेकिन एक शख्स विदेश में मिली नौकरी और लाखों का पैकेज छोड़कर यूपी के गांवों की गली-गली घूम रहा है. इस शख्स का नाम है भरत कात्यायन. भरत कात्यायन ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई है, जिसका नाम है नवयुवक दल.

लंदन की लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी और आईआईएम लखनऊ से पढ़े भरत कात्यायन ने युवाओं को उनका हक दिलाने का दावा करते हुए अपनी राजनीतिक पार्टी नवयुवक दल का गठन किया है. आगामी विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए वे उत्तर प्रदेश में खास तौर पर सक्रिय हैं. उनका कहना है कि वह 121 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे.

2014 में बना नवयुवक दल यूपी में अपने संगठन का विस्तार रहा है. कात्यायन कहते हैं कि उनकी पार्टी का एकमात्र उद्देश्य युवाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास करना है. बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं को रोजगार दिलाना है और उनके कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना है.

'हमारे देश में युवा नेतृत्व क्यों नहीं कर सकते हैं?'
 
नवयुवक दल के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत कात्यायन कहते हैं कि ये देश युवा है, देश की जीडीपी में सबसे ज्यादा योगदान युवाओं का है, तो हम युवा देश का नेतृत्व क्यों नहीं कर सकते? युवाओं में ऊर्जा है, काबिलियत है, ज्यादा काम करने की क्षमता है और नई तकनीकों का ज्यादा ज्ञान है. आखिर क्यों हम युवाओं को सिर्फ भीड़ बढ़ाने, बड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिये राजनीति में प्रयोग किया जाता है? 

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भरत कात्यायन कहते हैं कि वो खुद युवा हैं और नौजवानों के दर्द को समझते हैं. उनका कहना है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि जितना शोषण युवाओं का अपने देश में है वो और कहीं नहीं है, बस यही तस्वीर वो बदलना चाहते हैं, राजनीति को जाति-धर्म की बेड़ियों से मुक्त करना चाहते हैं.

महिला से बात करते भरत कात्यायन

क्या ये इतना आसान है, खासकर हिंदी बेल्ट के परिप्रेक्ष्य में? इस पर भरत कात्यायन स्वीकार करते हैं कि ये डगर कठिन है लेकिन नामुमकिन नहीं, हम जनता के बीच जा रहे हैं, हमें जनसमर्थन मिल रहा हैं, सब अपने घर और आसपास के युवाओं को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं. 

PMJKY से दे दिया था इस्तीफा

गौरतलब है कि भरत कात्यायन निर्भया मामले में अपनी युवाओं की टोली के साथ विरोध प्रदर्शन में सक्रिय थे, इसके बाद बीजेपी सरकार आने पर प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना ( PMJKY) के युवा प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गये, लेकिन उनका कहना है कि युवाओं के शोषण को रोकने की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने इससे इस्तीफा दे दिया.

आजतक डिजिटल से बात करते हुए भरत कात्यायन ने कहा कि हम पूरी ताकत के साथ और युवाओं के समर्थन के साथ आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, जहां तक मेरा चुनाव लड़ने का सवाल है तो हमारी पार्टी के पदाधिकारियों ने ये तय किया है कि मैं लखनऊ की बक्शी का तालाब विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरूं, तो उतरूंगा.

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