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पंचायत आजतक 2021: नाम में 'रावण' पर बोले चंद्रशेखर-'राम' वाले भी राम रहीम या आसाराम निकल जाते हैं

चंद्रशेखर से पूछा गया कि उनके नाम में 'रावण' क्यों लिखा हुआ है. सवाल पर भीम आर्मी के अध्यक्ष स्पष्ट कह गए कि वे नहीं चाहते कि कोई भी उन्हें रावण कहकर संबोधित करे.

भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चंद्रशेखर बोले- रावण कहकर संबोधित ना करें
  • ''राम' वाले भी राम रहीम या आसाराम निकल जाते हैं'
  • खुद को नहीं माना वोट कटवा, बताई रणनीति

Panchayat Aaj Tak UP 2021 Chandrashekhar Azad: उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी तेज है और सभी पार्टियां सियासी समीकरण साधने में लगी हुई हैं. ऐसी ही एक पार्टी है भीम आर्मी जिसके अध्यक्ष हैं चंद्रशेखर आजाद. चंद्रशेखर ने आजतक की पंचायत में दलित राजनीति पर विस्तार से बात की है. बाबा आंबेडकर से लेकर नाम में जुड़े रावण तक, हर सवाल पर उन्होंने बेबाक जवाब दिया है.

नाम में रावण क्यों?

चंद्रशेखर से पूछा गया कि उनके नाम में 'रावण' क्यों लिखा हुआ है. सवाल पर भीम आर्मी के अध्यक्ष स्पष्ट कह गए कि वे नहीं चाहते कि कोई भी उन्हें रावण कहकर संबोधित करे. उन्होंने जोर देकर कहा कि इंसान का नाम नहीं उसका चरित्र मायने रखता है. वे मानते हैं कि सिर्फ और सिर्फ मेहनत और ईमानदारी के दम पर ही राजनीति में लंबा सफर तय किया जा सकता है.

सीएम योगी पर साधा निशाना

तंज कसते हुए कहा गया कि 'राम' वाले तो राम रहीम या आसाराम निकल जाते हैं. इसलिए नाम नहीं सिर्फ चरित्र मायने रखता है. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए चंद्रशेखर ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सीएम के नाम में 'योगी' आता है, लेकिन वे भी 'ठोक देंगे' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में नाम में कुछ नहीं रखा, इंसान का काम याद किया जाता है.

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गठबंधन किससे करेंगे?

वैसे अब नाम को लेकर वे ज्यादा नहीं सोचते हैं, लेकिन यूपी की राजनीति में अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज करवाना चाहते हैं. उन्होंने गठबंधन के सवाल पर कहा है कि अगर समाजवादी पार्टी हमारे साथ चुनाव लड़ना चाहती है तो उन्हें बड़ा दिल दिखाना पड़ेगा. जो देकर कहा गया है कि आजाद समाज पार्टी जिस किसी के भी साथ गठबंधन करेगी तो वो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर होगा. दलित की आबादी 30% है जो पार्टी हमें सही रिप्रेंजेटेशन देगी हम उसके साथ जाएंगे.

वोट कटवा साबित होंगे?

चंद्रशेखर ने अपना मिशन स्पष्ट करते हुए कहा है कि बीजेपी को सत्ता से हटाना जरूरी है. वे मानते हैं कि सरकार अब किसी की भी बने, लेकिन सभी को उनकी पार्टी का सहयोग लेना ही पड़ेगा. उन्होंने खुद को वोट कटवा मानने से साफ इनकार कर दिया है. वे मानते हैं कि आजादी के बाद से दलित समाज अपने अधिकारों को लेकर काफी सजग हुआ है, ऐसे में अब वो समृद्ध है वोट कटवा नहीं.

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