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UP: पश्चिमी यूपी में 'साइकिल' नहीं पकड़ पाई रफ्तार, लेकिन पूर्वांचल में कर दिया कमाल

समाजवादी पार्टी 2017 में 52 सीटों के मुकाबले 2022 में 125 तक पहुंच गई. ये आंकड़ा अधिकांश एग्जिट पोल के दौरान मिले आंकड़ों से अधिक है. पार्टी के लिए ये अच्छा संकेत है कि उसने पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन किया है.

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अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. -फाइल फोटो अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. -फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पश्चिमी यूपी की 58 सीटों में से 35 पर सपा-RLD गठबंधन की जीत
  • शामली की सभी 3 सीटें सपा-RLD गठबंधन के खाते में गई हैं

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में चुनाव के नतीजे आ गए हैं. प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से सत्ता पर काबिज हो गई है. लेकिन विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की बात करें तो पार्टी के प्रदर्शन में सुधार हुआ है. क्योंकि समाजवादी पार्टी ने 2017 में 52 सीटें जीती थीं. लेकिन इस बार सपा ने अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ 125 के आंकड़े को छू लिया है.

लेकिन सपा गठबंधन का सबसे अच्छा प्रदर्शन इस बार पूर्वांचल में रहा है, जबकि किसान आंदोलन वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट-मुस्लिम वोट को समेटने में पार्टी कामयाब नहीं हो सकी. बता दें कि समाजवादी पार्टी और गठबंधन ने 43 सीटों पर कब्जा कर लिया है. इसमें RLD ने 8 सीटें जीती हैं, जबकि अवध में 26, बुंदेलखंड में 3, पूर्वांचल में 53 सीटें जीत ली हैं.


पश्चिमी यूपी में रालोद के खाते में आईं 8 सीटें

थाना भवन- अशरफ अली खान, RLD
सिवलखास- गुलाम मोहम्मद, RLD
शामली- पर्सन कुमार, RLD
पुरकाज़ी- अनिल कुमार, RLD
सादाबाद- प्रदीप कुमार सिंह, RLD
बुढाना- राजपाल सिंह बाल्यान, RLD
छपरौली- अजय कुमार, RLD
मीरापुर- चंदन चौहान, RLD

अवध में किसका दम?

 

बुंदेलखंड में किसका दम?

 

 

पूर्वांचल में किसका दम?

 

 

पश्चिमी यूपी में किसका दम?

 

 

पूर्वांचल में सपा का बेहतरीन प्रदर्शन


भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले पूर्वांचल में इस बार परिणाम चौंकाने वाल रहे हैं, क्योंकि यहां समाजवादी पार्टी ने अपने कदम बेहतर तरीके से जमाए हैं. लिहाजा सपा ने पिछले विधानसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार पूर्वांचल में बेहतर प्रदर्शन किया है. जबकि बसपा का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है. सपा ने आजमगढ़ और गाजीपुर में शानदार प्रदर्शन किया है. इसके साथ ही पार्टी ने बलिया और जौनपुर में भी बेहतर परफॉर्मेंस किया है. लिहाजा समाजवादी पार्टी और गठबंधन ने पूर्वांचल में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 53 सीटों पर कब्जा कर लिया है. 

मुजफ्फरनगर में ये रहे नतीजे

मुजफ्फरनगर के जिस जाट बहुल क्षेत्र में किसानों का मुद्दा सबसे ज्यादा गूंजा, वहां सपा-RLD गठबंधन ने 6 में से 4 सीटें पुरकाजी, चरथवल, मीरापुर और बुढ़ाना में जीत हासिल की है. RLD ने छपरौली विधानसभा सीट से लगातार 3 बार 2012, 2017 और 2022 में चुनाव जीती है.

शामली की सीट किसके खाते में

शामली की सभी 3 सीटें सपा-RLD गठबंधन के खाते में गई हैं. थाना भवन से बीजेपी सरकार के गन्ना मंत्री सुरेश राणा हार गए हैं. कैराना में सपा के नाहिद हसन ने भाजपा की मृगांका सिंह को हराया है. शामली सीट से सपा के उम्मीदवार प्रसन्न कुमार ने जीत हासिल की है.

मेरठ में कैसा रहा प्रदर्शन

मेरठ में 7 में से 5 सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में गई हैं. सिवलखास सीट गुलाम मोहम्मद ने जीती है, सरधना सीट सपा के अतुल प्रधान ने जीती है, किठौर में सपा के शाहिद मंसूर और भाजपा के सत्यवीर त्यागी के बीच बेहद कम अंतर से बहुत करीबी मुकाबला था. मेरठ सपा के रफीक अंसारी और मेरठ दक्षिण में मोहम्मद आदिल ने जीत हासिल की है. हस्तिनापुर (एससी) फिर से बीजेपी से हार गई लेकिन मेरठ कैंट बीजेपी के खाते में चली गई.

रूहेलखंड में सपा का प्रदर्शन


मुस्लिम बहुल रोहिलखंड, रामपुर क्षेत्र में सपा ने मुरादाबाद के पास की सभी सीटों पर जीत हासिल की है लेकिन रामपुर, मिलक (एससी) और बिलासपुर की 2 सीटें बीजेपी के खाते में गई हैं. रोहिलखंड के बिजनौर इलाके की 8 में से 4 सीटें सपा को मिली है. सपा को सहारनपुर, बेहट और नकुर में 2 सीटें मिलीं हैं. सपा ने संभल, अमरोहा और बरेली में भी सीटों पर कब्जा किया है. देवबंद की सीट पर एक बार फिर बीजेपी को भगवा जीत देखने को मिली है.

करहल से अखिलेश की बड़ी जीत


पार्टी ने इटावा, मैनपुरी-कासगंज, एटा और फिरोजाबाद में 70% से अधिक सीटें जीतकर यादव बेल्ट में अपनी स्थिति को बेहतर किया है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मैनपुरी में करहल से जीत हासिल की. उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार और भाजपा सरकार में कानून मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल को 66,782 वोटों से हराया. 

अवध और बुंदेलखंड में परिणाम

अवध क्षेत्र के सीतापुर, लखीमपुर (जहां सभी 8 सीटें बीजेपी ने जीती हैं) में सपा ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है. पीलीभीत में भी सभी 4 सीटें भाजपा को चली गई हैं. वहीं, बुंदेलखंड क्षेत्र में भी सपा का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा. झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर जिले में एक भी सीट नहीं मिली जबकि फतेहपुर में सपा ने 3 और चित्रकूट में 1 सीट जीती है.


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