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छापेमारी का चुनावी कनेक्शन? इलेक्शन से पहले खूब सक्रिय होती हैं केंद्रीय एजेंसियां

सपा नेताओं के घर पर आयकर विभाग की टीम की छापेमारी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गर्म है और सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष तक चुनावी अभियान में जुटी हैं. हालांकि, यूपी से पहले तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा में जांच एजेंसियों ने विपक्षी नेताओं को निशाने पर लिया था.

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जांच एजेंसियों का चुनावी कनेक्शन जांच एजेंसियों का चुनावी कनेक्शन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी चुनाव से पहले सपा नेताओं के घर छापेमारी
  • टीएमसी नेता जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे थे
  • बिहार चुनाव में कांग्रेस के दफ्तर में पड़ा था छापा

उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के करीबी और सपा नेताओं के (Income tax raid SP leader) घरों पर इनकम टैक्स विभाग की टीम ने छापेमारी की है. सपा नेताओं के घर पर आयकर विभाग की टीम की रेड ऐसे समय पढ़ी है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गर्म है और सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष तक चुनावी अभियान में जुटी हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अभी चुनाव से पहले ईडी और सीबीआई भी परेशान करने आएंगी. 

दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां यूपी ही नहीं बल्कि देश के राज्यों में भी चुनाव से ठीक पहले ऐसे ही एक्टिव थी और विपक्षी नेताओं को अपने रडार पर लिया था. पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा और तमिलनाडु में चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता देखने को मिल चुकी है. वहीं, अब यूपी में सपा नेता राजीव राय, मनोज यादव और जैनेंद्र यादव के घर आयकर विभाग के छापे पड़े हैं. 

बंगाल में टीएमसी नेताओं के घर जांच एजेंसियां
इसी साल फरवरी-मार्च में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों के निशाने पर टीएमसी नेता थे. कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई टीम ने सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंचकर उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी को जांच में शामिल होने के लिए समन दिया. साथ ही टीएमसी नेता विनय मिश्रा के 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी. 

मार्च में सीबीआई ने चिटफंड घोटाले के मामले में टीएमसी नेताओं को तलब किया गया था. चिटफंड केस में सीबीआई ने टीएमसी नेता और ममता बनर्जी के करीबी पार्थ चटर्जी को नोटिस भेजा था तो ईडी ने शारदा घोटाले के मामले में पूर्व सांसद अहमद हसन और पार्थ चटर्जी को नोटिस भेजा था. हालांकि इसी मामले में आरोपी रहे तत्कालीन बीजेपी नेता मुकुल रॉय को कोई नोटिस नहीं दिया गया था. नोटिस की टाइमिंग पर भी विपक्ष ने सवाल खड़े किए थे. ममता बनर्जी ने उस समय कहा था कि सीबीआई-ईडी को चुनाव से पहले ही ऐसे मामले याद आते हैं. इससे पहले भी ममता ने कई बार केंद्र सरकार पर सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था. 

तमिलनाडु में इनकम टैक्स के छापे
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से चार दिन पहले चेन्नई के डीएमके नेता एमके स्टालिन के करीबी के घर इनकम टैक्स की टीम ने छापेमारी की थी. 2 अप्रैल को आयकर विभाग ने डीएमके प्रमुख स्टालिन की बेटी सेंटामरई और दामाद सबरीसन के घरों व उनके ठिकानों पर छापा मारा था. इससे पहले इनकम टैक्स की टीम ने डीएमके के वरिष्ठ नेता ईवी वेलु के ठिकानों पर छापेमारी की थी. डीएमके ने छापेमारी को 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' और सत्ता का 'दुरुपयोग' करार देते हुए इसकी निंदा की थी. हालांकि, इन छापेमारी के बावजूद डीएमके ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी. 

हरियाणा में हुड्डा के घर सीबीआई के छापे
हरियाणा में चुनाव से ठीक पहले 25 जनवरी 2019 को सीबीआई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ मामला दर्ज किया. गुरुग्राम में किसानों की जमीन के अधिग्रहण मामले में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए. सीबीआई ने हुड्डा के रोहतक स्थित आवास पर, तथा दिल्ली सहित 20 ठिकानों पर छापे मारे थे. हरियाणा विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले मारे गए इन छापों को हुड्डा ने उनकी आवाज दबाने और बदले की कार्रवाई करार दिया था. 

महाराष्ट्र में पवार को ईडी का नोटिस
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने को-ऑपरेटिव बैंक स्कैम के मामले में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के खिलाफ केस दर्ज किया था. यह मामला सियासी तौर पर काफी तूल पकड़ा था और एनसीपी के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए थे. शरद पवार ऐसे में खुद ईडी के दफ्तर जाना चाहते थे, लेकिन मुंबई कमिश्नर से मिलने के बाद उन्होंने अपनी राय बदल ली थी. ईडी की नोटिस मिलने के बाद पवार ने कहा था कि ऐसी कार्रवाई को वह इन्जॉय करते हैं. ऐसी कार्रवाई केंद्र की सत्ता में बैठे लोग चुनाव में हारने के डर के कारण कराते हैं. 

बिहार चुनाव और अहमद पटेल के घर ईडी
साल 2018 में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मनी-लॉन्ड्रिंग के मामले से कांग्रेस नेता अहमद पटेल (स्वर्गीय) ईडी के जांच दायरे आ गए थे. ईडी ने पटेल के करीबी नेताओं को निशाने पर लिया था और उनके घर छापे पड़े थे. इससे पहले इस मामले में पटेल का नाम अगस्त 2017 में तब आया था जब ईडी ने स्टर्लिंग ग्रुप पर छापे मारे थे. इसके अलावा साल 2020 में बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस के पटना कार्यलय सदाकत आश्रम में आयकर विभाग ने छापेमारी किया था और नोटिस भी चस्पा किया था. 

ओडिशा में सीबीआई की छापेमारी
ओडिशा में 2017 के पंचायती चुनावों से ठीक पहले सीबीआई ने बीजेडी के एक सांसद, एक विधायक और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कार्यालय के अधिकारी के घर छापे मारे थे. जांच एजेंसी ने इस कार्रवाई को सीशोर ग्रुप नामक कंपनी द्वारा कथित चिटफंड घोटाले में निवेशकों के 500 करोड़ रुपये हड़पे जाने से जोड़ा था. इसके बाद सीबीआई ने यह पूछताछ सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की जांच के लिए कहे जाने के बाद की थी, जब लोकसभा और ओडिशा विधानसभा के चुनाव कुछ महीने दूर रह गए थे.

यूपी में केंद्रीय जांच एजेंसियां सक्रिय
यूपी में अगले महीने विधानसभा चुनाव का औपचारिक ऐलान होना है, लेकिन उससे पहले सपा नेताओं के घर आयकर विभाग ने छापेमारी की है. हालांकि, इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी सपा-बसपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ने का फैसला किया था, उसी के एक सप्ताह के बाद हमीरपुर में सपा के शासनकाल में 2012 से 2016 के बीच खनिजों के अवैध खनन संबंधी आरोपों को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में छापेमारे की गई थी. इस मामले में सपा एमएलसी रमेश कुमार मिश्रा और बसपा टिकट पर 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले संजय दीक्षित के नाम थे. 

प्राथमिकी में कहा गया था कि सरकार में कुछ महीनों तक खनन मंत्रालय का भी प्रभार संभाल चुके पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी पूछताछ करनी पड़ सकती है. साल 2019 जनवरी में ईडी ने लखनऊ के सात ठिकानों पर 'स्मारक घोटाले' के संबंध में छापे मारे थे. मायावती और अखिलेश यादव ने इसे बदले की कार्रवाई करार दी थी और अब चुनाव से ठीक पहले फिर से केंद्रीय जांच एजेंसियों के निशाने पर सपा है. 

छापेमारी पर सपा-बीजेपी में तकरार

इनकम टैक्स की छापेमारी को बीजेपी ने बदले की कार्रवाई बताने वाली समाजवादी पार्टी के लखनऊ ऑफिस के बाहर होर्डिंग्स, पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टर्स पर लिखा है कि हमारे पास अखिलेश हैं, भाजपा के पास इनकम टैक्स, सीबीआई और ईडी है. इनकम टैक्स प्लस सीबीआई प्लस ईडी इक्वल टू बीजेपी.

वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कि अगर किसी ने कुछ गलत किया ही नहीं तो फिर हो हल्ला क्यों, कहीं चोर की दाढ़ी में तिनका तो नहीं. उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स के छापे पड़ रहे थे, तो समाजवादी पार्टी को पीड़ा हो रही थी. तो एक व्यक्ति से मैंने पूछा कि ये सब क्यों हो रहा है. तो उसने कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका.कहा कि 5 साल में किसी व्यक्ति की संपत्ति दो सौ गुना बढ़ जाएगी, किसी ने सोचा था क्या. लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार में यही सब होता था.

 

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