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मथुरा-काशी में खिला कमल, अयोध्या में चली साइकिल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी की निगाहें अयोध्या, मथुरा, काशी, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे धार्मिक शहरों की सीटों पर है, जहां पर बीजेपी की साख दांव पर है तो सपा, बसपा और कांग्रेस की प्रतिष्ठा लगी है. इन धार्मिक नगरी में मथुरा और काशी में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया तो अयोध्या में सपा से मिली कांटे की टक्कर.

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अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ
अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राम की नगरी अयोध्या की पांच विधानसभा सीटें है
  • कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में पांच विधानसभा सीट
  • पीएम मोदी के काशी में कुल 8 विधानसभा सीटें

उत्तर प्रदेश के अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज और चित्रकूट वो शहर है, जिन्हें बीजेपी ने ना सिर्फ धर्म नगरी का दर्जा दिया है बल्कि सियासी लिहाज से भी चुनावी एजेंडे को भी धार देती रही है. इन पांच धार्मिक शहरों के ज्यादातर विधानसभा सीटों पर बीजेपी कमल खिलाने में कामयाब रही है. मथुरा और काशी में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया जबकि अयोध्या सीट को तो जीतने में कामयाब रही, लेकिन जिसे की पांच में से दो सीटों पर सपा बढ़त बनाए है. 

अयोध्या में किसके सिर सजेगा ताज

भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं, जिनमें रुदौली , मिल्कीपुर, बीकापुर , गोसांईगंज और अयोध्या शहर सीट है. अयोध्या की पांच में से तीन सीट पर बीजेपी आगे जबकि गोसाईगंज और मिल्कीपुर सीट पर सपा आगे चल रही है. 
 

मथुरा में सभी सीट पर बीजेपी आगे

कान्हा की नगरी मथुरा मथुरा जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें छाता, बलदेव, गोवर्धन, मथुरा सदर और मांट सीट है.इन सभी सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है. इन सभी पांचों सीट पर बीजेपी काफी बढ़त बनाए हुए है. मथुरा में सपा-आरएलडी गठबंधन कोई खास असर नहीं दिखा सका तो बीएसपी की हाथी भी बीजेपी के आगे पस्त नजर आई. मांट सीट पर बीएसपी के मौजूदा विधायक भी अपनी जीत का सिलसिला बरकरार नहीं रख सके. 

वाराणसी की सभी आठों सीट पर बीजेपी 

पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में कुल 8 विधानसभा सीटें है, जिनमें से सभी आठों सीटों पर बीजेपी गठबंधन आगे चल रही है. इनमें सात सीट पर बीजेपी और एक सीट पर उसके सहयोगी अपना दल (एस) जीत की ओर बढ़ रही है. वाराणसी उत्तरी से रवींद्र जायसवाल, वाराणसी कैंट से सौरभ श्रीवास्तव, अजगरा से त्रिभुअन राम, शिवपुर विधानसभा से अनिल राजभर आगे और रोहनिया से अभय पटेल आगे चल रहे हैं. 

वहीं, अयोध्या सदर सीट पर बीजेपी से मौजूदा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता है तो सपा ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन को उतारा है. कांग्रेस से रीता मौर्या और बसपा से रवि मौर्या किस्मत आजमा रहे हैं. वेद प्रकाश गुप्ता आगे चल रहे हैं, 
 

गोसाईगंज सीट

सपा प्रत्याशी अभय सिंह आगे चल रहे हैं

अयोध्या की गोसाईगंज सीट पर दो बाहुबली तीसरी बार मैदान में हैं. सपा के बाहुबली अभय सिंह हैं तो बीजेपी से पूर्व विधायक इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू की पत्नी आरती तिवारी मैदान में हैं. बसपा से राम सागर वर्मा और कांग्रेस से शारदा देवी प्रत्याशी हैं. यहां पर बीजेपी और सपा के बीच सीधी लड़ाई मानी जा रही है. 

बीकापुर सीट

बीकापुर विधानसभा सीट से सपा से फिरोज खां उर्फ गब्बर मैदान में हैं. भाजपा ने शोभा सिंह चौहान के बेटे डॉ. अमित सिंह चौहान को टिकट दिया है. बीकापुर में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार दिख रहे हैं. बसपा ने सुनील पाठक को टिकट देकर सपा और भाजपा से टक्कर लेने का फैसला लिया है. 

रूदौली सीट

रूदौली सीट पर भाजपा से मौजूदा विधायक रामचंद्र यादव मैदान में है तो बसपा से सपा के बागी अब्बास अली उर्फ रूश्दी मियां है. वहीं, सपा ने आनंदसेन को प्रत्याशी बनाकर सियासी लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है. रूदौली को यादव और मुस्लिम मतदाताओं का गढ़ माना जाता है. इस तरह त्रिकोणीय लड़ाई होती दिख रही.

मिल्कीपुर सीट

मिल्कीपुर सीट भाजपा से गोरखनाथ बाबा मैदान में है, सपा से पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद, कांग्रेस से बृजेश रावत और बसपा से मीरा किस्मत आजमा रही हैं. 

काशी में कौन मारेगा बाजी

वाराणसी उत्तरी से रविन्द्र जायसवाल आगे

वाराणसी कैंट से सौरभ श्रीवास्तव आगे

 सेवापुरी सपा प्रत्याशी सुरेंद्र पटेल आगे 

शिवपुर विधानसभा से अरविंद राजभर आगे

अजगरा से त्रिभुअन राम आगे 

रोहनिया अभय पटेल आगे
 
पिंडरा से अजय राय आगे-कांग्रेस

पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में कुल 8 विधानसभा सीटें है, जिनमें से 6 सीटें पर पिछले चुनाव में बीजेपी ने कब्जा जमाया था जबकि दो सीटें उसके सहयोगी को मिली थी. विधानसभा सीटों पर बीजेपी के मौजूदा विधायकों को इम्‍तिहान होगा. 
 

वाराणसी शहर दक्षिण: 

डा. नीलकंठ तिवारी आगे चल रहे हैं

विश्वनाथ मंदिर समेत लगभग सभी चर्चित मंदिर इसी विधानसभा क्षेत्र में आते हैं. साल 1989 से इस सीट पर भाजपा का कब्‍जा है. बीजेपी के श्यामदेव राय चौधरी लगातार सात बार यहां से विधायक रहे और पिछली बार डा. नीलकंठ तिवारी को भाजपा ने टिकट दिया और मंत्री बनाया और एक बार फिर से मैदान में है, जिनका मुकाबला सपा के किशन दीक्षित से है. किशन बनारस के महंत परिवार से हैं विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने के बाद भी बीजेपी इस सीट को लेकर सबसे ज्‍यादा मुसीबत में दिख रही. वैसे भी पिछले चुनाव में भी नीलकंठ तिवारी बनारस की सभी सीटों में सबसे कम वोटों से जीतने वाले प्रत्याशी थे. 

वारणसी शहर कैंट: 

सौरभ श्रीवास्‍तव आगे चल रहे हैं

वाराणशी शहर सीट पर बीजेपी का लंबे समय से दबदबा रहा है. जनसंघ के नेता रहे हरीश चंद्र श्रीवास्‍तव की पत्‍नी ज्‍योत्‍सना श्रीवास्‍तव ने 1991 में इस सीट से चुनाव लड़ा और जीत गईं. उसके बाद लगातार इस सीट पर उन्‍हीं के परिवार का वर्चस्‍व रहा है. इस सीट पर चार बार ज्‍योत्‍सना श्रीवास्‍तव और दो बार हरीश चंद्र श्रीवास्‍तव विधायक हुए. 2017 में उनके बेटे सौरभ श्रीवास्‍तव इस सीट से निर्वाचित हुए और इस बार भी वही प्रत्याशी हैं. 

सेवापुरी विधानसभा

सेवापुरी सीट ग्रामीण क्षेत्र में आती है. भाजपा के सहयोगी दल अपना दल (एस) के नील रतन पटेल यहां के विधायक हैं. नील रतन पटेल एक बार फिर मैदान में हैं जबकि समाजवादी पार्टी से सुरेन्‍द्र सिंह पटेल मैदान में हैं.

रोहनिया विधानसभा 

रोहनिया विधानसभा सीट पर बीजेपी के सुरेंद्र सिंह ने 2017 में जीत दर्ज की थी. उन्‍होंने समाजवादी पार्टी के महेंद्र सिंह को हराया था. चुनावी गठबंधन के तहत इस बार यह सीट बीजेपी के सहयोगी दल अपना दल (एस) के खाते में है. पटेल बाहुल्‍य इस सीट पर यहां से चार राजनीतिक दलों ने पटेल जाति के लोगों को ही टिकट दिया है. अपना दल (एस) ने जहां डॉ सुनील पटेल को टिकट दिया है तो वहीं अपना दल (कमेरावादी) ने अभय पटेल पर दांव खेला है, कांग्रेस ने राजेश्‍वर पटेल को मैदान में उतरा है तो बसपा ने भी अरुण पटेल के ज़रिए जातिगत समीकरण को साधने की कोशिश की है. 

शिवपुर विधानसभा

शिवपुर विधानसभा सीट से योगी सरकार में मंत्री अनिल राजभर यहां से विधायक हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्‍होंने समाजवादी पार्टी के आनंद मोहन यादव को लगभग 54 वोटों से हराया था. इस बार भी बीजेपी से अनिल राजभर मैदान में है. पिछली बार ओमप्रकाश राजभर बीजेपी के साथ, लेकिन इस बार वे सपा के साथ हैं. सपा-सुभासपा ने अरविंद राजभर को मैदान में उतारा है. 

पिंडरा विधानसभा

पिंडरा सीट पर पिछली बार बीजेपी के टिकट पर डॉ अवधेश सिंह को जीत मिली थी. इस बार कांग्रेस के टिकट पर चार बार के विधायक रहे अजय राय चुनाव लड़ रहे. 

अजगरा विधानसभा 

अजगरा विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित यानी सुरक्षित सीट है.  पिछले चुनाव में यहां से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जीत हासिल की थी. सुभासपा के कैलाश नाथ सोनकर ने समाजवादी पार्टी के उम्‍मीदवार लालजी सोनकर को हराया था. बीएसपी के त्रिभुवन राम तीसरे नंबर पर थे. अजगरा सीट से इस बार बीजेपी ने त्रिभुवन राम को उम्‍मीदवार बनाया है. 

मथुरा में किसे मिलेगा कन्हा का आशिर्वाद

कान्हा की नगरी मथुरा मथुरा जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें छाता, बलदेव, गोवर्धन, मथुरा सदर और मांट सीट है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरे हैं और सपा  मथुरा के दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तीन सीटों पर आरएलडी मैदान में है. 

मथुरा की पांच सीट
 

मथुरा सीट- बीजेपी ने मथुरा सीट पर मंत्री श्रीकांत शर्मा तो सपा से पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल मैदान में है. वहीं, कांग्रेस से पूर्व विधायक प्रदीप माथुर मैदान में है. 

छाता सीट - छाता सीट पर बीजेपी से चौधरी लक्ष्मी नारायण और सपा-आरएलडी गठबंधन के तहत रालोद ने छाता से तेजपाल सिंह.

बलदेव सीट- मथुरा जिले की बलदेव सीट पर बीजेपी से पूरन प्रकाश तो सपा-रालोद गठबंधन से बबीता देवी हैं. 

गोवर्धन सीट - गोवर्धन सीट पर बीजेपी से ठाकुर मेघश्याम सिंह मैदान में है तो गोवर्धन से प्रीतम सिंह गोवर्धन से पिछले चुनाव में बीजेपी के टिकट से जीते कारिंदा सिंह का टिकट काट दिया गया है

मांट सीट- मथुरा मांट सीट पर बीजेपी से राजेश चौधरी है तो सपा ने भी संजय लाठर है. और को कैंडिडेट बनाया है. वहीं, बसपा और कांग्रेस ने भी अपने-अपने कैंडिडेट घोषित कर दिए हैं. . 

प्रयागराज में किस सीट पर कौन आगे 

प्रयागराज सूबे में सबसे ज्यादा 12 विधानसभा सीटों वाला जिला है. पिछले तीन चुनावों के नतीजे गवाह हैं कि प्रयागराज में जिस दल को सर्वाधिक सीटें मिली, सूबे में उसी की सरकार बनी.

प्रयागराज उत्तर सीट पर भाजपा से फिर विधायक हर्षवर्धन बाजपेई मैदान में है. कांग्रेस से पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, सपा से संदीप यादव तो बसपा ने संजय गोस्वामी किस्मत आजमा रहे हैं. 

प्रयागराज दक्षिण सीट पर भाजपा से कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता (नंदी) तीसरी बार मैदान में हैं. सपा से रईस चंद्र शुक्ला, बसपा से देवेंद्र मिश्र तो कांग्रेस से अल्पना निषाद ताल ठोंक रहे हैं.

प्रयागराज पश्चिम सीट पर कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह फिर मैदान में हैं, जिनके सामने सपा से ऋचा सिंह, कांग्रेस से तसलीमुद्दीन औप बसपा से गुलाम कादिर किस्मत आजमा रहे हैं. 

मेजा सीट पर बीजेपी विधायक नीलम करवरिया फिर से मैदान में है तो सपा से संदीप पटेल, बसपा से सर्वेश चंद्रन तिवारी और कांग्रेस से शालिनी द्विवेदी चुनाव लड़ रही हैं. 

बारा सीट बीजेपी ने अपना दल (एस) को सौंपी है, जहां से वाचस्पति मैदान में है. 2017 में बीजेपी से जीते डॉ. अजय कुमार ने बसपा का दामन थामकर ताल ठोक दी है. सपा से अजय भारती (मुन्ना) तो कांग्रेस नें मंजू संत चुनाव लड़ रहे हैं. 

कोरांव सीट पर बीजेपी से विधायक राजमणि कोल, सपा से रामदेव निडर, बसपा से राजबली जैसल और कांग्रेस से रामकृपाल कोल मैदान में है. 

करछना सीट पर सपा से विधायक उज्ज्वल रमण सिंह, बीजेपी से पीयूष रंजन निषाद, बसपा से अरविंद कुमार (भामे शुक्ला) और कांग्रेस से रिंकी सुनील पटेल हैं. 

हंडिया सीट पर 2017 में बसपा से जीते हाकिम लाल बिंद सपा से चुनावी मैदान में उतरे हैं. बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी से प्रशांत सिंह, बसपा से नरेंद्र कुमार त्रिपाठी (मुन्ना) और कांग्रेस से रीना देवी बिंद हैं. 

प्रतापपुर सीट पर बसपा ने घनश्याम पांडेय को उतारा है तो सपा से पूर्व विधायक विजमा यादव हैं. अपना दल (एस) से पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी और कांग्रेस से संजय तिवारी चुनाव में उतरे हैं. 

फूलपुर सीट पर बीजेपी ने विधायक प्रवीण पटेल को उतारा है तो सपा ने बसपा से आए प्रतापपुर के विधायक मुज्तबा सिद्दीकी पर दांव लगाया है. बसपा से रामतौलन यादव तो कांग्रेस से सिद्धार्थनाथ मौर्य मैदान में हैं. 

सोरांव (सुरक्षित) सीट पर अपना दल (एस) ने विधायक डॉ. जमुना प्रसाद सरोज को उतारा है तो सपा से गीता पासी, बसपा से आनंद भारती और कांग्रेस से मनोज पासी हैं. 

फाफामऊ सीट पर भाजपा ने विधायक विक्रमजीत मौर्य का टिकट काटकर पूर्व विधायक गुरु प्रसाद मौर्य को प्रत्याशी बनाया है. सपा से पूर्व विधायक अंसार अहमद, बसपा से ओम प्रकाश पटेल और कांग्रेस से दुर्गेश पांडेय मैदान में हैं. 

चित्रकूट की दोनों सीटों पर कांटे की लड़ाई

आध्यात्मिक नगरी चित्रकूट पर सभी की निगाहें है. जिले में चित्रकूट सदर और मानिकपुर विधानसभा पर मुकाबला कांटे का है. पिछले चुनाव में मोदी लहर में बीजेपी दोनों ही सीटें जीतने में कामयाब रही थी, लेकिन इस बार उसे दोनों ही सीटों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.


चित्रकूट सदर विधानसभा सीट से बीजेपी ने मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को अपना उम्मीदवार उतारा है तो सपा से अनिल प्रधान पटेल और बसपा से पुष्पेंद्र सिंह किस्मत आजमा रहे हैं.


मानिकपुर सीटचित्रकूट जिले की मानिकपुर विधानसभा सीट पर दस्यु सरगना ददुआ के बेटे वीर सिंह सपा से हैं तो अपना दल (एस) ने अविनाश चंद्र द्विवेदी को मैदान में है. 

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