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बालासाहब होते तो बहुत पहले छोड़ देते BJP का साथ: राज ठाकरे

शिवसेना और बीजेपी में अलगाव की आग को हवा देते हुए राज ठाकरे ने 'महाराष्ट्र अस्मि‍ता' के राजनीतिक कार्ड को आगे बढ़ाया है. एक चुनावी रैली को संबोधि‍त करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि अगर बाल ठाकरे जिंदा होते तो वह बहुत पहले ही बीजेपी से अलग हो गए होते.

राज ठाकरे की फाइल फोटो राज ठाकरे की फाइल फोटो

शिवसेना और बीजेपी में अलगाव की आग को हवा देते हुए राज ठाकरे ने 'महाराष्ट्र अस्मि‍ता' के राजनीतिक कार्ड को आगे बढ़ाया है. एक चुनावी रैली को संबोधि‍त करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि अगर बाल ठाकरे जिंदा होते तो वह बहुत पहले ही बीजेपी से अलग हो गए होते. उद्धव ठाकरे का पक्ष लेते हुए राज ने कहा कि बीजेपी ने सीटों के बंटवारे को लेकर शि‍वसेना प्रमुख का अपमान किया है.

राजनीतिक पंडितों की मानें तो विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज के यह बोल प्रदेश में गठबंधन की राजनीति को नया मोड़ दे सकते हैं. संभव है कि शि‍वसेना और मनसे चुनाव बाद या पहले साथ आ जाएं. कांदिवली के ठाकुरगांव में रविवार को चुनावी रैली को संबोधि‍त करते हुए राज ठाकरे ने कहा, 'अगर मैं शिवसेना में होता तो एक महीने पहले ही गठबंधन तोड़ चुका होता.' ठाकरे में अपने समर्थकों से सवाल किया कि बीजेपी ने शि‍वसेना के साथ जो किया है, क्या इसके बाद भी उस पर भरोसा किया जा सकता है?

'बीजेपी नेता ने कहा था, टूटेगा गठबंधन'
राज ठाकरे ने कहा कि उन्हें यह पहले से पता था कि बीजेपी शि‍वसेना से गठबंधन तोड़ने का फैसला ले चुकी है. राज ने कहा कि एक बीजेपी ने नेता ने इस बाबत पहले ही जानकारी दे दी थी और कहा था कि उनकी पार्टी बहुत पहले ही यह निर्णय ले चुकी थी.

मनसे प्रमुख ने गठबंधन टूटने के बाबत कहा कि शि‍वसेना प्रदेश में बीजेपी से अलग है, लेकिन केंद्र में मंत्री पद अभी भी पार्टी के पास है. राज ने कहा कि पार्टी को बीएमसी में भी बीजेपी का साथ छोड़ देना चाहिए.

'महाराष्ट्र अपना खयाल रख सकता है'
राज ठाकरे ने कहा कि प्रदेश को किसी के मदद की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, 'हमें यहां किसी राष्ट्रीय पार्टी के दखल की जरूरत नहीं है. महाराष्ट्र इतना ताकतवर है कि वह खुद अपना खयाल रख सकता है.'

राज ठाकरे ने कहा कि वह महाराष्ट्र के आत्मसम्मान की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि प्रदेश में मनसे को एक बार सेवा का मौका दिया जाए और बीजेपी नीत युति और कांग्रेस नीत अघाड़ी गठबंधन को नजरअंदाज करें.

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