कांग्रेस पर वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगाने वाली बीजेपी को भी वही बीमारी लग गई है. बीजेपी ने भी लोकसभा चुनाव में दर्जनों नेताओं के बेटे-बेटियों को प्रत्याशी बनाया है.
बीजेपी के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी अक्सर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को 'शाहजादा' कहते हैं, और कांग्रेस को 'सुल्तान' वाली पार्टी. बीजेपी के प्रत्याशियों की सूची को देखने से पता चलता है कि अब बीजेपी भी इससे अछूती नहीं है.
वंशवाद के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाली बीजेपी में एक वर्तमान और दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे भी लोकसभा चुनाव मैदान में हैं. पार्टी नेता मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी पीलीभीत की जगह सुल्तानपुर से उम्मीदवार बनाया गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन मुंबई उत्तर मध्य से भाजपा की प्रत्याशी हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत को पिता की हजारीबाग सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजबीर सिंह एटा से चुनाव लड़ रहे हैं. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे और विधायक प्रवेश वर्मा पश्चिमी दिल्ली से मैदान में हैं. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह को पार्टी ने राजनादगांव लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है.
भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने इसके बचाव में कहा, 'कांग्रेस का वशंवाद नेतृत्व में वंशवाद है. यह किसी को सांसद या विधायक बनाने से संबंधित नहीं है. कांग्रेस में यह शिखर से शुरू होकर नीचे तक आता है और यह पूरी तरह से वंशवाद है.'