ऐसे हास्यास्पद बयान देने से पहले मोदीजी के 2014 लोक सभा चुनाव के GoogleAds पर एक नज़र तो डालें
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
मोदी जी कम से कम अपने नेताओं को डिजिटल दुनिया के आधारभूत तथ्यों से तो अवगत कराएं.’ मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि गूगल इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई इस मामले में उनकी मदद कर सकते हैं. मोदी ने पिछले महीने पिचाई को गूगल के शीर्ष पद पर नियुक्ति के लिए बधाई दी थी.
मोदीजी कम से कम अपने नेताओं को डिजिटल दुनिया के बुनियादी पहलुओं से तो अवगत कराइये. इस काम में जी भी आपकी मदद कर ही सकते हैं
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
रूडी केन्द्र में कौशल विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) है. वह उस समय विवाद में घिर गये जब उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर डॉन की वेबसाइट का स्क्रीनशाट शेयर किया, जिसमें नीतीश कुमार का एक चुनावी विज्ञापन दिखाया गया है.
डिजिटल इंडिया की बात करने वाली सरकार के नेता व मंत्री, बिहार में हार सामने देख बौखला कर GoogleAd को पाकिस्तानी अखबार Dawn का ad बता रहे हैं
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रूडी ने ट्विटर पर लिखा, ‘बिहार में मतदाताओं को लुभाने के लिए पाकिस्तान के दैनिक डॉन के ई संस्करण में नीतीश का विज्ञापन. पाक क्यों? वह किनसे बात करना चाहते हैं?’ हालांकि सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद रूडी ने अपने पोस्ट को हटा दिया.
बड़ी संख्या में ट्वीट करने वालों ने गूगल विज्ञापन के बारे में अनभिज्ञता को लेकर रूडी पर जम कर कटाक्ष किया और साइबर वर्ल्ड के बारे में उनकी जानकारी को लेकर सवाल उठाया.
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस तरह के बयान और पाकिस्तान में पटाखे छूटने के बारे में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बयान नए नहीं हैं क्योंकि भाजपा यह तरीका पूर्व में कई चुनावों में आजमाती रही है. उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार का पाकिस्तान से क्या संबंध है. यह गुजरात में उनकी आदत रही है लेकिन यह गुजरात नहीं बिहार है. गुजरात की राजनीति बिहार में सफल नहीं होगी.’ मोदी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद पर उनके शासनकाल से संबंधित मुद्दों के लिए हमला कर रहे हैं.
जवाबी हमला करते हुए लालू ने ट्विटर पर कहा, ‘मोदी घोटालों के संयोजक हैं. उनके पास अपनी सरकार और पार्टी के घोटालों को रोकने, उसकी निंदा करने का नैतिक बल नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘मोदी और उनकी टीम डिजिटली निरक्षर है और तब भी डिजिटल भारत के बारे में बात करती है. कौशल विकास मंत्री को पहले अपना कौशल विकसित करने की जरूरत है.’ बिहार में पारस्परिक घृणा फैलाने की संभावना रखने वाले भाजपा के दो विवादास्पद विज्ञापनों पर चुनाव आयोग के प्रतिबंध पर टिप्पणी करते हुए त्यागी और राज्यसभा से मनोनीत सदस्य के टी एस तुलसी ने हमला तेज करते हुए भाजपा नेताओं के खिलाफ फौजदारी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी.
इनपुट- भाषा