कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में यूपीए की हार की जिम्मेदारी ली है. सोनिया ने कहा कि वो जनादेश का सम्मान करती हैं. कांग्रेस अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी. सोनिया ने नई सरकार को बधाई भी दी.
राहुल बोले, मैं सबसे पहले नई सरकार को बधाई दूंगा. उन्हें लोगों ने जनादेश दिया है. मेरी शुभकामनाएं. अपनी बात करूं तो कांग्रेस ने बहुत बुरा किया है. बहुत कुछ सोचा जाना है. उपाध्यक्ष के तौर पर इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं. शुक्रिया.
क्या बोलीं सोनिया गांधी
लोकसभा के नतीजे हमारे सामने हैं. कांग्रेस ने अपनी उपलब्धियों नीतियों सिद्धांतों के आधार पर चुनाव में विरोधियों का सामना किया. फिर भी वह समर्थन नहीं मिला, जिसकी आशा कर रहे थे. हम मानते हैं कि लोकतंत्र में हार जीत होती रहती है. यह जनादेश स्पष्ट रूप से हमारे खिलाफ है. हम विनम्रता के साथ इसका आदर करते हैं. हम आशा करते हैं कि केंद्र में जो सरकार बनेगी, यह भारतीय समाज की एकता और देश के हितों के साथ समझौता नहीं करेगी. मैं नई सरकार को अभी से बधाई देती हूं.
जहां तक कांग्रेस का प्रश्न है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपनी परंपरा, बुनियादी सिद्धांतों और आदर्शों के लिए हमेशा लड़ेगी और कभी समझौता नहीं करेगी. हमें जो भी समर्थन मिला है, उसके लिए मैं मतदाताओं को धन्यवाद देती हूं. मैं पार्टी की अध्यक्ष हूं, इसलिए हार की जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं.
इससे पहले, शुरुआती रुझानों में कांग्रेस की हालत पतली होती दिखाई देते ही पार्टी नेता हताश दिखने लगे. राहुल गांधी के सवाल पर कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा, उतार चढ़ाव आते रहते हैं. हार-जीत राजनीति की एक प्रक्रिया होती है. हार के लिए हर कोई एक कारण है. उन्होंने कहा, 'हमारे पास सोने के सिक्के थे, लेकिन दूसरा लीड कर रहा है. यह हमारी कमी है.'
मतगणना शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता और लखनऊ सीट से उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव में 10 हजार करोड़ रुपये का प्रोपेगैंडा किया. उन्होंने कहा, आज देश को पता चल जाएगा कि कौन पार्टी जीतेगी. एग्जिट पोल चाहे कुछ भी दिखाएं, कांग्रेस उससे बेहतर ही करेगी. हालांकि उन्होंने कहा, शायद जैसी हम उम्मीद करते थे उतना अच्छा प्रदर्शन न कर पाएं, लेकिन एक सम्मानजनक प्रदर्शन की उम्मीद है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और आनंदपुर साहिब से कांग्रेस उम्मीदवार अंबिका सोनी ने कहा, 'मैंने आनंदपुर साहिब में पूरी मेहनत की. उम्मीद है कि लोग काम करने का मौका देंगे. मैंने यहां काम किया है, यहां के लोग कृतघ्न नहीं हैं. हालांकि, मुझे खेद है कि मैं सभी तक नहीं पहुंच सकी. फिर भी उम्मीद है कि लोग हमारे ऊपर भरोसा करेंगे.'
मोदी की लहर पर सोनी ने कहा, 'मुझे पंजाब में कहीं भी मोदी लहर नहीं दिख रही हैं. यहां उनके कैंडिडेट्स की हालत पतली है, इसलिए कई कई रैलियां करनी पड़ी हैं. इस चुनाव के बाद चर्चा होगी कि यह लहर बनी या बनाई गई. मैंने अपने हलक में सोनिया और राहुल गांधी की रैली या रोड शो के लिए कोशिश की. उनकी तरफ से हां थी. लेकिन सिक्युरिटी की तरफ से बाधा आई.'
नई दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन ने कहा, 'हम रणनीति बनाने में नाकामयाब रहे. लेकिन तीसरे मोर्चे के समर्थन का विकल्प खुला हुआ है.' उन्होंने कहा, 'बीजेपी का प्रचार फोकस था लेकिन मुझे नहीं लगता कि मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाने से कुछ फायदा हुआ.'
अमृता धवन ने कहा, 'विभाजनकारी शक्तिओं के हराकर कांग्रेस सरकार बनाएगी.'