दिल्ली की तीनों (नार्थ, साउथ, ईस्ट) एमसीडी में कुल मिलाकर 270 सीटों के चुनाव नतीजे आ गए हैं. बीजेपी को जहां इन चुनावों में 184 सीटों पर जीत मिली हैं तो वहीं आम आदमी पार्टी 46 सीटों पर विजय दर्ज करने में सफल रहीं और कांग्रेस ने 30 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही हैं. 10 सीटों पर अन्य उम्मीदवारों की जीत हुई है. वहीं आप पार्टी की एमसीडी चुनाव में जबरजस्त हार हुई है. कुछ दिन पहले तक आप पार्टी एमसीडी चुनावों में 200 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रहीं थी, लेकिन चुनाव परिणाम इसके उल्ट आया है.
एमसीडी चुनाव के नतीजे आने के बाद दिल्ली के ने बीजेपी को ट्वीट कर बधाई दी. और केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली की बेहतरी के लिए एमसीडी के साथ मिलकर काम करेगी.
I congratulate BJP on their victory in all 3 MCDs. My govt looks forward to working wid MCDs for the betterment of Delhi
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी ने 2009 का चुनाव हारने के बाद 5 साल तक ईवीएम पर रिसर्च कर महारत हासिल की और आज उसी रिसर्च और महारत के दम पर चुनाव जीती है. सिसोदिया ने कहा, ईवीएम टैंपरिंग देश के लोकतंत्र की ऐसी कड़वी सच्चाई है, जिसका शुरू में मज़ाक उड़ सकता है, लेकिन मज़ाक के डर से हम सच बोलना नहीं छोड़ सकते हैं.
मनोज तिवारी ने केजरीवाल पर बोला हमला
ने केजरीवाल पर साधा निशाना, कहा- मुख्यमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति लोगों को धमका रहा है. CM के बयानों में नकारात्मकता की दुर्गंध आती है. तिवारी ने कहा, जिस पार्टी को दिल्ली विधानसभा की 70 में 67 सीटें मिलती हैं, उसे 67 वार्ड भी नहीं मिले. इसके साथ ही उन्होंने दिल्लीवालों के लिए अरविंद केजरीवाल से मिलकर काम करने की अपील की है.
गौरतलब है कि मनोज तिवारी ने कहा- 'हमने भी कहा कि एमसीडी का काम स्टैंडर्ड नहीं है. पर इसके जिम्मेदार केजरीवाल हैं. वो राजनीति कर रहे हैं, अपनी राजनीति चमका रही है. केजरीवाल के लिए यह एक रेफरेंडम है. केजरीवाल ने हमेशा से राइट टू रीकॉल की बात की है, दिल्ली के राइट टू रीकॉल को मानें और इस्तीफा लिखने की तैयारी शुरू कर दें.'
वहीं ने कहा, 'मेरे बताए हुए मार्ग पर नहीं चले इसलिए इस चुनाव में लोगों ने अरविंद केजरीवाल की 'आप' पार्टी के पक्ष में वोट नहीं किया और उनकी आज करारी हार हो गई. अन्ना ने कहा कि कुर्सी का धर्म ही ऐसा होता है , एक बार सत्ता की कुर्सी मिल जाए तो सिर्फ सत्ता ही दिखती है और लोग समाज कार्य भूल जाते है.