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Punjab Election: लक्खा सिधाना को किसान संगठन ने दिया टिकट, लाल किला हिंसा मामले में आरोपी

दिल्ली पुलिस ने लक्खा सिधाना के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर टैक्टर मार्च के दौरान लाल किले पर फैली हिंसा को लेकर केस दर्ज किया था. लक्खा पर हिंसा भड़काने का आरोप है. पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था. 

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 पूर्व गैंगस्टर लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा सिधाना (फाइल फोटो) पूर्व गैंगस्टर लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा सिधाना (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • संयुक्त समाज मोर्चा ने 35 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की
  • पूर्व गैंगस्टर लक्खा सिधाना मौड़ मंडी से टिकट
  • संयुक्त समाज मोर्चा में किसानों के 22 संगठन

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए किसानों के संगठन संयुक्त समाज मोर्चा ने 35 उम्मीदवारों की नई लिस्ट जारी कर दी. इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम पूर्व गैंगस्टर लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा सिधाना का है. लक्खा को संयुक्त समाज मोर्चा ने मौड़ मंडी से टिकट दिया है. संयुक्त समाज मोर्चा में किसानों के 22 संगठन साथ आए हैं. मोर्चे की ओर अभी तक उम्मीदवारों की चार लिस्ट जारी हे चुकी हैं. 

दिल्ली पुलिस ने लक्खा सिधाना के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर टैक्टर मार्च के दौरान लाल किले पर फैली हिंसा को लेकर केस दर्ज किया था. लक्खा पर हिंसा भड़काने का आरोप है. पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था. 

लक्खा इसके बाद फरार हो गया था. वह 2021 फरवरी में भटिंडा की रामपुर फूल विधानसभा के तहत आने वाले गांव मेहराज में युवाओं की एक रैली को संबोधित करता नजर आया था. हालांकि, संयुक्त किसान मोर्चा जो कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने वाला प्रमुख संगठन था, ने उस वक्त लक्खा से खुद को दूर कर लिया था. 

इसके बाद लक्खा कई कार्यक्रमों में नजर आया. पिछले साल 15 सितंबर को वह 500 गाड़ियों के काफिले को लेकर सिंघु बॉर्डर पहुंचा था, इस काफिले में संयुक्त किसान मोर्चा के कई नेता भी थे. उस वक्त लक्खा ने कहा था कि उसका बीकेयू हरियाणा के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के मिशन पंजाब जैसा विचार है. हालांकि, उस वक्त लक्खा ने चुनाव लड़ने के संकेत नहीं दिए थे. 

2012 में लक्खा मनप्रीत बादल की पार्टी पीपल्स पार्टी ऑफ पंजाब (PPP) के टिकट पर रामपुरा फूल से चुनाव लड़ चुका है. लक्खा को तब 10065 वोट मिले थे. वह तीसरे नंबर पर रहा था. 2013 में जिला परिषद के चुनाव में हुई हिंसा में लक्खा जख्मी हो गया था. इस दौरान एक पीपीपी कार्यकर्ता की मौत भी हो गई थी. 2019 में बादल गांव में विरोध करने के मामले में लक्खा समेत 60 लोगों पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ था.  

 

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