scorecardresearch
 

BMC चुनाव में BJP+ को बहुमत, ठाकरे ब्रदर्स को झटका... तस्वीरों से समझें Exit Poll के आंकड़े

महाराष्ट्र में मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. गुरुवार शाम को वोटिंग खत्म होने के बाद अब सभी की निगाहें नतीजों पर टिकी हैं, जिनकी घोषणा शुक्रवार 16 जनवरी को की जाएगी. इससे पहले आए एग्जिट पोल में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिलती दिख रही है.

Advertisement
X
मुंबई में एक बार फिर 'महायुती' (BJP-शिंदे सेना) का परचम लहराता दिख रहा है (Photo- ITG)
मुंबई में एक बार फिर 'महायुती' (BJP-शिंदे सेना) का परचम लहराता दिख रहा है (Photo- ITG)

देश की सबसे अमीर नगरपालिका- बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए मतदान की प्रक्रिया गुरुवार शाम तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई. मतदान खत्म होते ही सामने आए Axis My India के एग्जिट पोल्स (Exit Polls) ने मुंबई की सियासत में हलचल तेज कर दी है. आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में एक बार फिर 'महायुती' (BJP-शिंदे सेना) का परचम लहराता दिख रहा है, जबकि ठाकरे बंधुओं की एकजुटता का जादू चलता नहीं दिख रहा.

बीएमसी के 227 वार्डों के लिए करीब 1,700 उम्मीदवार मैदान में थे. बहुमत का आंकड़ा 114 है, जिसे एग्जिट पोल में BJP+ आसानी से पार करता दिख रहा है. अब सबकी नजर शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी है, जो तय करेगी कि मुंबई में सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा और क्या ठाकरे अपना किला बचा पाएंगे या नहीं.

bmc election

किसे मिल रही कितनी सीटें

Axis My India के एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन (BJP+) को बीएमसी के 227 वार्डों में से 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है, जो स्पष्ट बहुमत से कहीं ज्यादा है. वहीं उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की एमएनएस के गठबंधन को 58 से 68 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. 

Advertisement

कांग्रेस, जिसने आखिरी वक्त में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के साथ गठबंधन किया, उसे 12 से 16 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है. इस तरह एग्जिट पोल के आंकड़े साफ तौर पर संकेत दे रहे हैं कि बीएमसी में सत्ता परिवर्तन की प्रबल संभावना है और ठाकरे परिवार को अपने सबसे मजबूत किले में बड़ा झटका लग सकता है.

bmc election

किसे मिला कितना प्रतिशत वोट?

बीएमसी चुनाव के एग्जिट पोल के अनुसार बीजेपी गठबंधन को कुल 42 प्रतिशत वोट मिले हैं, जिससे वह सबसे आगे नजर आ रहा है. ठाकरे बंधुओं के गठबंधन को 32 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं. वहीं कांग्रेस गठबंधन और अन्य दलों को 13-13 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है.

bmc election

मराठी मानुष ने ठाकरे बंधुओं पर जताया भरोसा

एग्जिट पोल में बीएमसी चुनाव के जातिवार वोटिंग ट्रेंड की बात करें तो मराठी वोटरों में यूबीटी+ को 49 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि बीजेपी+ को 30 प्रतिशत वोट मिले. उत्तर भारतीय मतदाताओं में बीजेपी गठबंधन को भारी बढ़त मिली है, जहां 68 प्रतिशत ने बीजेपी+ को वोट किया. दक्षिण भारतीयों में भी बीजेपी+ 61 प्रतिशत समर्थन के साथ आगे रही. मुस्लिम वोटरों में कांग्रेस+ को 41 प्रतिशत और यूबीटी+ को 28 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि बीजेपी+ को इस वर्ग में सिर्फ 12 प्रतिशत वोट मिले.

Advertisement

किस वर्ग ने किसे दिया वोट?

Axis My India के एग्जिट पोल में बीएमसी चुनाव में व्यवसाय आधारित वोटिंग ट्रेंड की बात करें तो बेरोजगार वर्ग में बीजेपी गठबंधन को 37 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि यूबीटी+ को 34 प्रतिशत वोट मिले. छात्र वर्ग में बीजेपी+ 45 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही, वहीं यूबीटी+ को 35 प्रतिशत समर्थन मिला. मजदूर वर्ग में भी बीजेपी गठबंधन 40 प्रतिशत वोट के साथ बढ़त बनाए हुए है. प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स में बीजेपी+ को 40 प्रतिशत वोट मिले, जबकि यूबीटी+ 30 प्रतिशत पर रही. कांग्रेस गठबंधन सभी वर्गों में तीसरे स्थान पर नजर आया.

महिलाओं और युवाओं की पहली पसंद बनी बीजेपी

एग्जिट पोल में बीएमसी चुनाव का महिला-पुरुष वोटिंग ट्रेंड भी साफ नजर आता है. आंकड़ों के अनुसार महिलाओं में बीजेपी गठबंधन को सबसे ज्यादा 44 प्रतिशत वोट मिले, जबकि यूबीटी+ को 31 प्रतिशत समर्थन हासिल हुआ. कांग्रेस गठबंधन को 13 प्रतिशत और अन्य दलों को 12 प्रतिशत महिला वोट मिले. वहीं पुरुष मतदाताओं में भी बीजेपी+ 40 प्रतिशत के साथ आगे रही. यूबीटी+ को 33 प्रतिशत पुरुष वोट मिले, जबकि कांग्रेस+ को 13 और अन्य को 14 प्रतिशत समर्थन मिला. यह ट्रेंड दिखाता है कि बीएमसी चुनाव में महिला और पुरुष दोनों वर्गों में बीजेपी गठबंधन की बढ़त रही.

Advertisement

ठाकरे किले पर संकट

गौरतलब है कि बीएमसी पर 1985 से शिवसेना का दबदबा रहा है, सिर्फ 1992-96 के बीच इसका अपवाद रहा. 2017 के चुनाव में बीजेपी ने शिवसेना को कड़ी टक्कर दी थी और 82 सीटें जीती थीं, जबकि अविभाजित शिवसेना को 84 सीटें मिली थीं. हालांकि उस वक्त भी मेयर पद शिवसेना के पास रहा. इस बार हालात अलग दिख रहे हैं. 20 साल बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का साथ आना भी एग्जिट पोल में खास असर दिखाता नजर नहीं आ रहा. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement