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MP: पहले कमलनाथ की जीत और अब सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ; टिकट न मिलने पर कांग्रेस नेता का प्रदर्शन

मध्य प्रदेश में कांग्रेस को करीब 42 तो बीजेपी को करीब 22 सीटों पर विरोध झेलना पड़ रहा है. यही नहीं, 6 विधानसभा क्षेत्रों में तो बीजेपी के नेताओं कने खुली बागवत कर दूसरे दल से चुनाव लड़ने के लिए टिकट ले लिया है, जबकि कांग्रेस में 5 नेता बागी होकर चुनावी मैदान में उतरे हैं.

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कांग्रेस की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ.
कांग्रेस की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ.

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बांटे गए टिकटों को लेकर असंतुष्टों का गुस्सा फूट पड़ा है. टिकट कटने और न मिलने से नाराज राजनीति दलों के नेता तरह-तरह के जतन कर रहे हैं. कोई पार्टी के बड़े नेताओं की परिक्रमा कर रहा है तो कोई दूसरे हथकंडों का सहारा ले रहा है. इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही तो दूसरे दल के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर रहा है. मंगलवार को ही राजधानी भोपाल से एक रोचक मामला सामने आया. दरअसल, जिस कांग्रेस नेता ने कमलनाथ की जीत के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कराया था, अब वही टिकट न मिलने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की सद्बुद्धि के लिए पाठ करवा रहा है. 

भोपाल की हुज़ूर विधानसभा से टिकट की दावेदारी कर रहे विष्णु विश्वकर्मा और उनके समर्थकों ने पूरी मंडली के साथ हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन कराया है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बंगले के बाहर यह पूजा पाठ हो रहा है. 

इससे पहले कांग्रेस नेता विष्णु विश्वकर्मा ने पीसीसी चीफ कमलनाथ की जीत के लिए हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित करवाया था. मगर अब असंतुष्ट नेता ने कांग्रेस की सद्बुद्धि के लिए पाठ करवाया है. 

उम्मीदवार बदलने की मांग

हुजूर सीट से टिकट मांग रहे कांग्रेस नेता विष्णु विश्वकर्मा ने कैंडिडेट बदलने की मांग की है. भोपाल जिले की हुज़ूर सीट से कांग्रेस ने नरेश ज्ञानचंदानी को टिकट दिया है. जबकि बीजेपी ने इसी सीट से मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा पर विश्वास जताया है.  

मध्य प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर चुकी है. हालांकि, कई विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस नेता प्रत्याशी बदलने की मांग कर रहे हैं. 

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बगावत पर उतारू नेता

मध्य प्रदेश में कांग्रेस को करीब 42 तो बीजेपी को करीब 22 सीटों पर विरोध झेलना पड़ रहा है. यही नहीं, 6 विधानसभा क्षेत्रों में तो बीजेपी के नेताओं कने खुली बागवत कर दूसरे दल से चुनाव लड़ने के लिए टिकट ले लिया है, जबकि कांग्रेस में 5 नेता बागी होकर चुनावी मैदान में उतरे हैं. बता दें कि साल 2018 के चुनाव में बीजेपी ने 59 विधायकों के टिकट काटे थे. इन सीटों पर 28 नए उम्मीदवार जीते थे जबकि 30 सीटें कांग्रेस की झोली में चली गई थीं. एक पर बसपा ने फतह हासिल की.

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक पर्चा भरा जाना है. फॉर्म वापसी 2 नवंबर तक होगी. मतदान 17 नवंबर को होगा और मतगणना 3 दिसंबर को होगी.   

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