लोकसभा चुनाव के नतीजों में अब कुछ ही घंटे बचे हैं. चार जून को जारी नतीजों में साफ हो जाएगा कि केंद्र में किसकी सरकार बनने जा रही है. इससे पहले एग्जिट पोल के नतीजों में उत्तराखंड की सभी पांच लोकसभा सीटों पर बीजेपी की जीत का अनुमान लगाया गया है, जिससे राज्य में बीजेपी की हैट्रिक के संकेत मिले हैं.
इंडिया टुडे और एक्सिस माई इंडिया के सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को उत्तराखंड में 60 फीसदी वोट शेयर मिलता नजर आ रहा है जबकि कांग्रेस के लिए 35 फीसदी का अनुमान लगाया गया है. इसके साथ ही पौड़ी लोकसभा सीट पर अनिल बलूनी सबसे मजबूत उम्मीदवार के तौर पर उभरते नजर आए हैं.
इस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि एग्जिट पोल ने कांग्रेस के एग्जिट की पुष्टि कर दी है. राज्य के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दो टूक कहा है कि बीजेपी क्लीन स्वीप की ओर बढ़ रही है जबकि एक और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि कांग्रेस उत्तराखंड में सभी पांच सीटें जीतने जा रही है. बता दें कि उत्तराखंड में बीजेपी 2014 से लगातार चुनावों में जीत दर्ज कर रही है.
लोकसभा चुनाव 2014: मोदी युग की शुरुआत
2014 के लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर मतदाताओं से जुड़ने के लिए देश में राष्ट्रवाद और हिंदुत्व का प्रचार बढ़ा. उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है, जहां से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते हैं जिनमें राष्ट्रवाद की भावना कूट-कूटकर भरी हुई है.
2014 का चुनाव मोदी युग की शुरुआत थी. इस चुनाव में बीजेपी को उत्तराखंड की सभी पांचों सीटों पर प्रचंड जीत मिली. इस दौरान राज्य में बीजेपी को 55.9 फीसदी वोट मिले जबकि कांग्रेस के वोट 34.4 फीसदी घटे.
इस चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वोट शेयर में भी कमी देखी गई. 2009 में जहां बसपा का वोट शेयर 15.2 फीसदी था. वहीं, 2014 में ये घटकर 4.8 फीसदी रह गया.
लोकसभा चुनाव 2019: एक बार फिर मोदी लहर
2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए ने 543 सीटों में से 353 सीटों पर जीत दर्ज की थी. उत्तराखंड में बीजेपी ने सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की थी. इस दौरान पार्टी का वोटिंग प्रतिशत 61.1 फीसदी रहा जबकि 2014 में यह 55.5 फीसदी था. वहीं, कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए ने 91 सीटों पर जीत दर्ज की थी. पार्टी उत्तराखंड में सभी पांचों सीट हार गई थी. इस दौरान पार्टी का वोटिंग प्रतिशत 31.1 फीसदी रहा जबकि 2014 में यह 34.4 फीसदी था.
लोकसभा चुनाव 2024: क्या 400 सीटें पार कर पाएगी NDA?
लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी का नारा 'अबकी पार 400 पार' रहा है. पार्टी ने इस बार नए और युवा उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है. उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल से पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ रावत की जगह पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को मैदान में उतारा गया. हरिद्वार में बीजेपी ने पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक की जगह एक और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर दांव लगाया है.
पीएम मोदी ने इस बार युवा नेताओं को सबसे अधिक मौका दिया है. हालांकि, बीजेपी 2014 और 2019 के चुनाव में उत्तराखंड में सभी पांचों सीटें जीतने में कायमाब रही है लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवारों ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी.
एग्जिट पोल उत्तराखंड के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हैट्रिक का संकेत देते हैं. लेकिन चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों की जीत का अंतर देखना दिलचस्प रहेगा.