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अब उद्धव भी नाराज! INDIA ब्लॉक में सीट बंटवारे में देरी के बीच 48 में से 18 सीटों पर ठोका दावा

शिवसेना (यूबीटी) ने मुंबई साउथ, मुंबई साउथ सेंट्रल, मुंबई नॉर्थ वेस्ट और मुंबई नॉर्थ ईस्ट लोकसभा सीटों पर अपने इलेक्शन कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं. इससे पता चलता है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी मुंबई में अपने सहयोगी दलों कांग्रेस और एनसीपी (शरद गुट) के लिए केवल 2 सीटें छोड़ने के लिए इच्छुक है.

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उद्धव सेना ने महाराष्ट्र की 18 लोकसभा सीटों पर अपने इलेक्शन कोऑर्डिनेटर नियुक्त कर दिए हैं. (ANI Photo)
उद्धव सेना ने महाराष्ट्र की 18 लोकसभा सीटों पर अपने इलेक्शन कोऑर्डिनेटर नियुक्त कर दिए हैं. (ANI Photo)

महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) नेताओं के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत के बीच, उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने 48 लोकसभा सीटों में से 18 पर अपने चुनाव समन्वयक (Election Coordinator) नियुक्त कर दिए हैं. इसमें मुंबई की 6 में से 4 लोकसभा सीटें भी शामिल हैं. उद्धव सेना के इस कदम को महाराष्ट्र की 18 लोकसभा सीटों पर उसके दावे के रूप में देखा जा रहा है. 

शिवसेना (यूबीटी) ने मुंबई साउथ, मुंबई साउथ सेंट्रल, मुंबई नॉर्थ वेस्ट और मुंबई नॉर्थ ईस्ट लोकसभा सीटों पर अपने इलेक्शन कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं. इससे पता चलता है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी मुंबई में अपने सहयोगी दलों कांग्रेस और एनसीपी (शरद गुट) के लिए केवल 2 सीटें छोड़ने के लिए इच्छुक है. सीट बंटवारे को लेकर एमवीए की आखिरी बैठक 2 फरवरी को हुई थी. इसके तुरंत बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे.

MVA की बैठक से पहले ही उद्धव सेना ने उठाया बड़ा कदम

कांग्रेस को लगे इस बड़े झटके के बाद एमवीए नेताओं के बीच कोई चर्चा नहीं हुई. सीट बंटवारे को लेकर एमवीए की पिछली बैठक में प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) भी शामिल हुई थी. प्रकाश अंबेडकर ने एमवीए में सीट बंटवारे पर निर्णय लेने से पहले एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) बनाने पर जोर दिया था. सीट बंटवारे की व्यवस्था पर चर्चा के लिए महा विकास अघाड़ी की अगली बैठक 22 फरवरी होने की संभावना है. 

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अविभाजित शिवसेना ने 2019 में 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था

बता दें कि अविभाजित शिवसेना ने 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ा था. महाराष्ट्र की 48 में से 22 सीटों पर उसने अपने उम्मीदवार उतारे थे और 18 सीटें जीती थीं, जिनमें 3 मुंबई की सीटें थीं. जून 2022 में शिवसेना के 40 विधायकों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी. इसके बाद पार्टी पर दावे को उद्धव गुट और शिंदे गुट के बीच लड़ाई छिड़ी. चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंद गुट को असली शिवसेना माना. इस तरह पार्टी के सिंबल और नाम पर शिंदे गुट का अधिकार हुआ.

उद्धव सेना ने 2019 में जीती गईं सभी सीटों पर ठोका है दावा

उद्धव ठाकरे गुट ने अपना नाम शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और चुनाव चिन्ह जलती मशाल रखा. उन्होंने भाजपा के साथ महायुती बनाकर महाराष्ट्र में नई सरकार बनाई. एकनाथ शिंदे महायुती सरकार में मुख्यमंत्री और देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री बने. अब अजित पवार की एनसीपी भी महायुती का हिस्सा है. कांग्रेस नेताओं के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने की एक श्रृंखला के बाद, उद्धव सेना उन सभी मौजूदा सीटों पर दावा कर रही है, जिन पर 2019 में उसके उम्मीदवार जीते थे.

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