झारखंड की रांची लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के संजय सेठ ने शानदार जीत हासिल की है. उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंदी कांग्रेस के प्रत्याशी सुबोध कांत सहाय को 283026 वोटों के बड़े अंतर से करारा मात दी है. इस चुनाव मेंं भारतीय जनता पार्टी के संजय सेठ को 706828 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के सुबोध कांत सहाय को 423802 वोटोंं से संतोष करना पड़ा.
आपको बता दें कि झारखंड की रांची लोकसभा सीट पर 6 मई को पांचवें चरण में मतदान हुआ था. यहां 64.22 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था. रांची संसदीय सीट पर इस बार कुल 20 प्रत्याशी खड़े हुए थे.
जानिए इस चुनाव में किसको कितने वोट मिले
कौन उम्मीदवार थे चुनाव मैदान में
रांची लोकसभा सीट से बीजेपी ने इस बार संजय सेठ को उतारा था और उनको विजयश्री भी मिली. यहां से कांग्रेस ने सुबोधकांत सहाय, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) रेड स्टार ने विकास चंद्र शर्मा और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने विद्याधर प्रसाद को टिकट दिया था.
क्या रहा साल 2014 का नतीजा
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के राम टहल चौधरी ने करीब 2 लाख मतों से कांग्रेस के सुबोध कांत सहाय को हराया था. राम टहल चौधरी को 4.48 लाख और सुबोध कांत सहाय को 2.49 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर रहे आजसू के सुदेश कुमार महतो को 1.42 लाख वोटों से संतोष करना पड़ा था. पिछली बार रांची लोकसभा सीट पर 63.32 फीसदी वोटिंग हुई थी, जबकि इससे भी पहले 2009 में इस सीट पर 44.58 फीसद वोट पड़े थे. रांची लोकसभा सीट सराईकेला, खरसावन और रांची जिलों में फैली है.
कांग्रेस और बीजेपी के बीच टक्कर
सूबे की राजधानी की इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर होती रहती है. साल 1951 में इस सीट पर कांग्रेस के अब्दुल इब्राहिम जीते थे, जबकि 1957 का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी मीनू मसानी ने जीता था. इसके बाद पीके घोष लगातार तीन बार (1962, 1967 और 1971) लोकसभा चुनाव जीते थे. साल 1977 में बीएलडी के रविंद्र वर्मा और 1980 व 1984 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के शिव प्रसाद साहू ने जीत हासिल की थी.
साल 1989 में जनता दल के टिकट पर सुबोध कांत सहाय ने बाजी मारी थी. इसके बाद बीजेपी के टिकट पर राम तहत चौधरी लगातार चार बार (1991, 1996, 1998 और 1999) का चुनाव जीते थे. कांग्रेस के टिकट पर सुबोध कांत सहाय साल 2004 और 2009 का चुनाव जीते थे. इसके बाद साल 2014 में बीजेपी के टिकट पर एक बार फिर राम टहल चौधरी जीतने में कामयाब हुए.
सामाजिक तानाबाना
रांची लोकसभा सीट के अन्तर्गत छह विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें इच्छागढ़, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया, कनके विधानसभा सीटें शामिल हैं. इसमें कनके विधानसभा सीट अनुसूचित जाति और खिजरी अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. साल 2014 के आम चुनाव के दौरान इस सीट पर मतदाताओं की संख्या करीब 16.48 लाख थी. इसमें 8.68 लाख पुरुष और 7.79 लाख महिला मतदाता शामिल हैं.
बता दें कि रांची झारखंड राज्य की राजधानी भी है. रांची को झरनों का शहर कहा जाता है. रांची संसदीय क्षेत्र भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का गृहनगर भी है. यहां गोंडा हिल और रॉक गार्डन, मछली घर, बिरसा जैविक उद्यान, टैगोर हिल, मैक क्लुस्किगंज और आदिवासी संग्राहलय जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल भी हैं. रांची झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में से एक है.
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