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कहीं दल बदले तो कहीं उम्मीदवार, पहले चरण की इन सीटों पर ऐसे बदला समीकरण

पहले चरण में उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश समेत कुल 20 राज्यों की 91 सीटों पर मतदान होना है. इनमें कई ऐसी सीटें हैं जहां पर पार्टियों ने अंतिम वक्त में अपने उम्मीदवार बदले हैं, तो वहीं कुछ जगह पार्टी ही बदल गई हैं.

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गिरिराज के हाथों से छिना नवादा
गिरिराज के हाथों से छिना नवादा

2019 के चुनावी महासमर की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. आज पहले चरण के लिए नामांकन का आखिरी दिन है. पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को कुल 91 सीटों पर मतदान होना है, इनमें कई सीटें ऐसी हैं, जहां पर इस बार का समीकरण पूरी तरह से बदल गया है. 20 राज्यों की इन सीटों पर कहीं पार्टी बदल गई, कहीं उम्मीदवार बदल गया है. जानें पहले चरण की ऐसी ही कुछ खास सीटें...

1.    कैराना (UP)

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर सभी की नज़रें हैं. 2014 में यहां से भाजपा जीती, लेकिन उपचुनाव में महागठबंधन ने उसे पटखनी दे दी. इस बार भाजपा ने हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को मौका ना देकर प्रदीप चौधरी पर दांव लगाया है. वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से इस बार भी तबस्सुम हसन ही मैदान में हैं.

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2.    बिजनौर (UP)

पश्चिमी यूपी की एक और सीट बिजनौर की लड़ाई इस बार खास होने वाली है. भाजपा ने एक बार फिर अपने सांसद भारतेंद्र पर भरोसा जताया है तो वहीं बहुजन समाज पार्टी की ओर से पुराने उम्मीदवार मलूक नागर को टिकट दिया गया है. पहले चर्चा थी कि यहां से मोहम्मद इकबाल को मौका दिया जाएगा.

लेकिन कांग्रेस ने यहां से नसीमुद्दीन सिद्दीकी को टिकट देकर टक्कर कड़ी कर दी है. नसीमुद्दीन सिद्दीकी पूर्व में बसपा के नेता रहे हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनका काफी नाम भी रहा है. कांग्रेस ने पहले इंदिरा भाटी को टिकट दिया था, लेकिन बाद में उसने उम्मीदवार बदला.

3.    मेरठ (UP)

मेरठ लोकसभा सीट पर भी कांग्रेस ने इस बार अपना उम्मीदवार बदल दिया है. पहले पार्टी ने ओम प्रकाश शर्मा को टिकट दिया, लेकिन दो दिन बाद ही टिकट बदलकर हरेंद्र अग्रवाल को दे दिया गया है. अभी यहां से भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल सांसद हैं, यही कारण है कि मुकाबला कड़ा हो गया है. दूसरी ओर बसपा ने मेरठ से स्थानीय नेता याकूब कुरैशी मौका दिया है.

4.    बागपत (UP)

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाटलैंड माने जाने वाले बागपत में इस बार रालोद नेता अजित सिंह की जगह उनके बेटे जयंत चौधरी चुनाव लड़ेंगे. पिछली बार भाजपा नेता सत्यपाल सिंह ने अजित सिंह को हरा दिया था, यही कारण है इस बार रालोद ने अपना उम्मीदवार बदल दिया, अजित सिंह इस बार मुजफ्फरनगर से लड़ेंगे.

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5.    औरंगाबाद (BIHAR)

औरंगाबाद लोकसभा सीट पर इस बार मुकाबला भाजपा बनाम महागठबंधन का है. महागठबंधन के तहत ये सीट इस बार जीतनराम मांझी की पार्टी के खाते में गई है, यही कारण है कि कांग्रेस के निखिल कुमार का टिकट कट गया है. टिकट बंटवारे के बाद से ही कांग्रेस समर्थक विरोध कर रहे हैं, अब इस सीट से उपेंद्र प्रसाद चुनाव लड़ सकते हैं. वहीं, भाजपा की ओर से सुशील कुमार सिंह चुनाव लड़ रहे हैं.

6.    गया (BIHAR)

गया लोकसभा सीट पर भी इस बार दलबदल का खेल देखने को मिला है. दरअसल, एनडीए के समझौते के तहत ये सीट जद (यू) के खाते में गई है, इस सीट से अब विजय कुमार मांझी चुनाव लड़ रहे हैं. अभी तक इस सीट पर BJP के हरि मांझी सांसद थे. वहीं, महागठबंधन से इस सीट पर जीतनराम मांझी उम्मीदवार हैं.

7.    नवादा (BIHAR)

बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक नवादा सीट इस बार जदयू के खाते में चली गई है. यहां से पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चुनाव लड़े थे, पार्टी की ओर से टिकट ना मिलने पर वह नाराज भी हैं. गिरिराज सिंह इस बार बेगूसराय से चुनाव लड़ रहे हैं. नवादा सीट इस बार रामविलास पासवान के खाते में गई है, यहां से चंदन कुमार चुनाव लड़ रहे हैं.

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