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गुड़गांव में 67.37 फीसदी वोटिंग दर्ज, मैदान में 24 उम्मीदवार

Gurgaon lok sabha 2019 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा की गुड़गांव लोकसभा सीट से 24 उम्मीदवार चुनाव लड़े. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से एक बार फिर राव इंद्रजीत और कांग्रेस की ओर से कैप्टन अजय यादव चुनाव लड़े.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Getty Images)
प्रतीकात्मक तस्वीर (Getty Images)

हरियाणा की गुड़गांव सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 के छठे चरण में रविवार को वोट डाले गए. गुरुग्राम में चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 67.37 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई. वहीं हरियाणा में कुल 70.21 फीसदी मतदान दर्ज हुआ. राजनीतिक परिदृश्य से गुड़गांव लोकसभा सीट बेहद अहम है. इस बार गुड़गांव लोकसभा सीट से 24 उम्मीदवार चुनाव लड़े.

इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से एक बार फिर राव इंद्रजीत चुनावी मैदान में हैं. जबकि कांग्रेस ने कैप्टन अजय यादव को उतारा है. बहुजन मुक्ति मोर्चा से रमेश चांद और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) से वीरेंद्र राणा चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं कई निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

राव इंद्रजीत और कैप्टन अजय यादव दोनों ही नेता राजनीतिक परिवार से आते हैं और दोनों परिवार एक दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं.

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राव इंद्रजीत ने 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था और बीजेपी के टिकट से जीतकर सांसद चुने गए थे. राव इंद्रजीत पांचवीं बार चुनावी मैदान में हैं, जिनके विजयी रथ को रोकने के लिए अजय सिंह यादव मजबूती के साथ चुनाव लड़ रहे हैं. 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को घोषित किए जाएंगे.

गुड़गांव सीट का राजनीतिक समीकरण

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर की कश्ती पर सवार होकर राव इंद्रजीत सिंह ने INLD के जाकिर हुसैन को 2,74,722 वोट से हराया था, राव इंद्रजीत सिंह को करीब 49 फीसदी वोट मिले थे. जबकि जाकिर हुसैन को 28 फीसद वोट मिले थे. राव इंद्रजीत सिंह को कुल 6,44,780 वोट और जाकिर हुसैन को 3,70,058 वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार राव धरम पाल तीसरे नंबर पर रहे थे. उन्हें करीब 10 फीसदी वोट के साथ कुल 1,33,713 वोट मिले थे.

वहीं इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में भी राव इंद्रजीत सिंह की ही जीत हुई थी, लेकिन उस समय वो कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे. 2014 के चुनाव से पहले इंद्रजीत सिंह ने बीजेपी का दामन थामा और फिर बीजेपी के टिकट पर 2014 में जीत हासिल की. 2009 में गुड़गांव से INLD के उम्मीदवार जाकिर हुसैन दूसरे नंबर पर रहे थे. 36 फीसदी वोट के साथ राव इंद्रजीत सिंह कुल 2,78,516 वोट मिले थे, जबकि जाकिर हुसैन को 1,93,652 वोट मिले थे. 2009 में बीजेपी उम्मीदवार सुधा यादव तीसरे नंबर पर रही थीं, जिन्हें 1,25,837 वोट मिले थे.

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गुड़गांव सीट का सियासी मिजाज

गुड़गांव लोकसभा सीट के अंदर 9 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. जिनमें- बावल, रेवाड़ी, पटौदी, बादशाहपुर, गुरुग्राम, सोहना, नूह, फिरोजेपुर झिरका और पुनाहना हैं. आजादी के बाद 1951 के लेकर अब तक यहां 8 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें 5 बार कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत हासिल की, जबकि दो उपचुनाव और 1967 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी. इस सीट पर आजादी के बाद 2014 में पहली बीजेपी को जीत मिली थी.

बता दें कि 27 सितंबर 2016 को हरियाणा के मंत्रिमंडल और केंद्र सरकार के अनुमोदन के बाद शहर का नाम बदलकर गुड़गांव से गुरुग्राम कर दिया गया. इसके पीछे खट्टर सरकार ने तर्क दिया था कि नया नाम शहर की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने में मदद करेगा. हालांकि लोकसभा सीट का नाम अभी गुड़गांव ही है.

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