scorecardresearch
 

Jadavpur Lok Sabha Chunav Result 2019: TMC के दांव पर खरी उतरीं मिमी, BJP के अनुपम को दी मात

Lok Sabha Chunav Jadavpur Result 2019 पश्चिम बंगाल की जाधवपुर लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भरोसे पर खरी उतरते हुए मिमी चक्रबर्ती ने जीत हासिल कर ली है.

Advertisement
X
Jadavpur Lok sabha Election Result 2019
Jadavpur Lok sabha Election Result 2019

पश्चिम बंगाल की अहम सीटों में से एक जाधवपुर लोकसभा सीट पर 23 मई को मतगणना के बाद नतीजे घोषित हो गए हैं. जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल का एक महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र है. इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भरोसे पर खरी उतरते हुए मिमी चक्रबर्ती ने जीत हासिल कर ली है.

jadhavpur_052319095031.jpgकिसको कितने वोट मिले

Lok Sabha Election Results LIVE: अबकी बार किसकी सरकार, पढ़ें पल-पल की अपडेट

कब और कितनी हुई वोटिंग

पश्चिम बंगाल की जाधवपुर लोकसभा सीट पर 19 मई को मतदान हुआ और 78.34 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई. 2014 के चुनाव में यहां 79.99 फीसदी जबकि 2009 के चुनाव में 81.47 फीसदी मतदान हुआ था.

कौन-कौन प्रमुख उम्मीदवार

टीएमसी ने इस बार इस सीट से मौजूदा सांसद सुगाता बोस को टिकट नहीं दिया. इस ममता बनर्जी ने इस सीट पर अभिनेत्री मिमी चक्रबर्ती को मैदान में उतारा. बीजेपी ने टीएमसी छोड़कर पार्टी में शामिल हुए अनुपम हाजरा पर दांव खेला. वो टीएमसी के टिकट से बोलपुर से साल 2014 का लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. बता दें कि अनुपम हाजरा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में टीएमसी ने पार्टी से निष्कासित किया था. सीपीएम की ओर से बिकास रंजन भट्टाचार्य चुनाव मैदान में उतरे.

Advertisement

West Bengal Election Results Live: पश्चिम बंगाल में कांटे की लड़ाई, पढ़ें पल-पल की अपडेट

2014 का चुनाव

2014 का चुनाव हिंदी पट्टी के राज्यों में मोदी बनाम अन्य चल रहा था लेकिन पश्चिम बंगाल में यह लड़ाई ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और सीपीएम के बीच चल रही थी. जाधवपुर से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के डॉक्टर सुगाता बोस को विजय मिली. बोस को 582244 वोट मिले जबकि सुजान चक्रबर्ती को 459041. AITC के सुगाता बोस को 45.92 फीसदी वोट मिले जबकि सीपीएम के उम्मीदवार को 36.08 फीसदी वोट ही हासिल कर पाए.

गौरतलब है कि दोनों के वोट प्रतिशत में कमी आई पिछले चुनाव की अपेक्षा सुगाता बोस को 3.9 फीसदी कम वोट मिले तो सीपीएम को 8.5 फीसदी. बीजेपी के उम्मीदवार स्वरूप प्रसाद घोष को 155,511 वोट मिले. इसके साथ ही पिछले लोकसभा चुनाव की अपेक्षा बीजेपी को 10 फीसदी से ज्यादा वोट मिले. यानी बोजेपी ने AITC और सीपीएम दोनों का वोट काटा.

सामाजिक ताना-बाना

जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल का एक महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र है. यह 24 परगना जिले में आता है. 24 परगना को भारत का छठा सबसे ज्यादा घनी आबादी वाला जिला है. यह सुंदरवन और कोलकाता से जुड़ा हुआ है. इसकी पहचान जाधवपुर विश्वविद्यालय से भी है जहां पढ़ाई के लिए पश्चिम बंगाल से ही नहीं बिहार और उड़ीसा से भी छात्र आते हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी 2273479 है इसमें 42.24 पर्सेंट ग्रामीण आबादी है जबकि 57.76 पर्सेंट शहरी. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का रेश्यो यहां 24.5 और 48 फीसदी है.

Advertisement

सीट का इतिहास

1977 के लोकसभा चुनाव से पहले जाधवपुर संसदीय सीट अस्तित्व में आई. यह सीट सीपीएम का गढ़ रही लेकिन फिलहाल ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने इस पर कब्जा कर लिया है. 1977 और 1980 के चुनाव में सीपीएम के कद्दावर नेता सोमनाथ चटर्जी यहां से सांसद चुने गए. उन्होंने सीपीआई और कांग्रेस आई के उम्मीदवारों को हराया था लेकिन इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश में जो सहानुभूति लहर चली उसमें सोमनाथ दा अपनी सीट बचाने में असफल रहे और कांग्रेस की उम्मीदवार ममता बनर्जी से 1984 में हार गए. सोमनाथ जैसे दिग्गज नेता को पराजित करने से ममता बनर्जी एकाएक आकर्षण का केंद्र बन गईं.

1989 के चुनाव में एकबार फिर बाजी पलट गई और सीपीएम की मालिनी भट्टाचार्य ने कांग्रेस की ममता बनर्जी को हरा दिया. 1996 में फिर एकबार हालात बदले और कांग्रेस की कृष्णा बोस सांसद चुनीं गईं जबकि सीपीएम की मालिनी भट्टाचार्य दूसरे स्थान पर रहीं. 1998 में भी कृष्णा बोस को ही सफलता मिली लेकिन इस बार वो WBTC के बैनर तले मैदान में थीं. 1999 तक कृष्णा बोस ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था और संसद में पहुंचने में सफल रहीं.

2004 में एकबार फिर बाजी पलटी और 3 बार से लगातार जीत रहीं कृष्णा बोस को सीपीएम के सुजान चक्रबर्ती ने हरा दिया. 2009 आते-आते ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और मजबूत हो चुकी थी और यहां से पार्टी के सुमन कबीर को विजय हासिल हुई और सीपीएम के सुजान चक्रबर्ती दूसरे स्थान पर रहे. इस सीट पर वोटिंग का पैटर्न कभी ऐसा नहीं रहा कि किसी एक नेता पर आंख मूदकर भरोसा कर लिया जाए. जाधवपुर से सोमनाथ चटर्जी जीते तो उन्हें यहीं से हार का भी सामना करना पड़ा. सोमनाथ को ममता बनर्जी ने हराया तो ममता बनर्जी को भी यहीं से हार का सामना करना पड़ा.

Advertisement

चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़लेटर

Advertisement
Advertisement