हरियाणा की यमुनानगर सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के घनश्याम दास लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे हैं. उन्होंने इनेलो के दिलबाग सिंह को 1455 वोटों से शिकस्त दी है. पिछले चुनाव में भी घनश्याम दास ने जीत हासिल की थी. घनश्याम दास को 64848 वोट मिले हैं. बता दें कि पिछले चुनाव में चारों सीटों पर बीजेपी ने कब्जा किया था. कांग्रेस यमुनानगर की सभी सभी सीटों पर तीसरे नंबर पर रही थी.
यमुनानगर सीट
हरियाणा की यमुनानगर विधानसभा सीट पर पहली बार 1967 में चुनाव हुए है और कांग्रेस के बी दयाल विधायक बने. यह विधानसभा क्षेत्र अंबाला लोकसभा क्षेत्र में आता है, जहां 2014 में बीजेपी ने कब्जा किया था. सीट पर कांग्रेस ने कई बार जीत दर्ज की है, लेकिन मौजूदा समय में बीजेपी के घनश्याम दास विधायक हैं. 2014 के चुनाव में बीजेपी के घनश्याम दास को 79743 और एनेलो के दिलबाग सिंह को 51498 वोट मिले थे. इस तरह बीजेपी ने 28245 मतों से यह सीट जीत दर्ज की थी.
रादौर सीट
रादौर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार बिशन लाल ने महज 2541 वोटों से जीत दर्ज की है. उन्होंने बीजेपी के करण देव को मात दी है. 2014 में बीजेपी के श्याम सिंह ने जीत हासिल की थी. यह विधानसभा क्षेत्र कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और यहां से बीजेपी के सांसद है. 2014 के चुनाव में बीजेपी के श्याम सिंह को 67076 और इनेलो के राज कुमार बुबका 28369 वोट मिले थे. इस तरह 38707 वोट से बीजेपी ने इस सीट पर जीत दर्ज किया था.
जगाधरी सीट
जगाधरी सीट से बीजेपी के कंवर पाल ने 16373 मतों से सीट अपने नाम की है और कांग्रेस के अकरम खान को करारी हार दी है. यमुनानगर जिले की जगाधरी विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव 1967 में हुआ और भारतीय जनसंघ के डी प्रकाश ने जीत दर्ज किया था. यह सीट अंबाला लोकसभा सीट के तहत आती है और 2014 में यहां बीजेपी ने कब्जा किया था. 2014 में बीजेपी के कुंवर पाल विधायक चुने गए. 2014 के विधानसभा चुनाव में जगाधरी सीट पर बीजेपी के कुंवर पाल को 74203 और बसपा के अकरम खान को 40047 वोट मिले थे. इस तरह से बीजेपी ने इस सीट को 34156 मतों से जीत दर्ज किया था. कांग्रेस और इनेलो जैसी पार्टियां यहां तीसरे और चौथे नंबर पर रही.
साढौरा विधानसभा
साढौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस की रेणु बाला ने बीजेपी उम्मीदवार बलवंत सिंह को 17020 वोटों से हराया दिया है. यमुनानगर जिले का की राजनीति का अहम हिस्सा रहा है. 1977 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुए तो जनता पार्टी के भागमल ने जीत दर्ज की थी.
2014 में बीजेपी के भलवंत सिंह ने जीत हासिल की थी. यही सीट अंबाला लोकसभा सीट के तहत आती है. 2014 के चुनाव में साढौरा सीट से बीजेपी के भलवंत सिंह को 63772 और इनेलो के पिंकी छप्पर को 49626 वोट मिले थे. इस तरह बीजेपी 14146 वोट से जीत दर्ज किया था.